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Sambhal News: मानदेय की मांग को लेकर कलक्ट्रेट पर गरजीं बीसी सखियां
Wed, 14 Oct 2026 01:37 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Wed, 14 Oct 2026 01:37 AM IST
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बहजोई (संभल)। मानदेय न मिलने समेत अन्य मांगों को लेकर जिले भर की बीसी सखियां कलक्ट्रेट पर गरजीं। कहा कि कई बार उच्चाधिकारियों को मानदेय दिलाने की मांग को लेकर शिकायतीपत्र दिया लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी।
मंगलवार को दोपहर विशिष्ट करेस्पोंडेंट महिला उत्थान समिति के बैनर तले जिले भर की बीसी सखियां कलक्ट्रेट पर एकत्र हुईं। इनमें बनियाखेड़ा ब्लॉक की बीसी सखी रेनू व मिथलेश कुमारी समेत बहजोई की शिवानी व पंवासा की रामवती ने बताया कि करीब ढाई वर्ष पहले वह सभी एनआरएलएम में बीसी सखी के पद पर भर्ती हुई थीं। इसके बाद कुछ बीसी सखियों को तो करीब छह माह तक चार हजार रुपये प्रति बीसी सखी के हिसाब से मानदेय मिला। इसके बाद किसी भी बीसी सखी को मानदेय नहीं मिला है। इसके अलावा, विभाग की ओर से सभी बीसी सखी को बिजली समेत किसी भी प्रकार का बिल जमा कराने के लिए करीब 75-75 हजार रुपये की एक-एक डिवाइस मिली थी। अब खास बात तो यह है कि बीते करीब डेढ़ वर्ष से अधिक समय से बीसी सखियों की यह सभी डिवाइस भी खराब पड़ी हैं। इसके कारण वह कोई कार्य भी नहीं कर पा रही है। इसको लेकर कई बार विभागीय समेत अन्य उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भी दिया गया, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। इस बीच, चायना, पिंकी, राजमाला, निशा, काजल, नीरेश, कंचन सिंह, पूनम और छाया देवी आदि रहे।
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मंगलवार को दोपहर विशिष्ट करेस्पोंडेंट महिला उत्थान समिति के बैनर तले जिले भर की बीसी सखियां कलक्ट्रेट पर एकत्र हुईं। इनमें बनियाखेड़ा ब्लॉक की बीसी सखी रेनू व मिथलेश कुमारी समेत बहजोई की शिवानी व पंवासा की रामवती ने बताया कि करीब ढाई वर्ष पहले वह सभी एनआरएलएम में बीसी सखी के पद पर भर्ती हुई थीं। इसके बाद कुछ बीसी सखियों को तो करीब छह माह तक चार हजार रुपये प्रति बीसी सखी के हिसाब से मानदेय मिला। इसके बाद किसी भी बीसी सखी को मानदेय नहीं मिला है। इसके अलावा, विभाग की ओर से सभी बीसी सखी को बिजली समेत किसी भी प्रकार का बिल जमा कराने के लिए करीब 75-75 हजार रुपये की एक-एक डिवाइस मिली थी। अब खास बात तो यह है कि बीते करीब डेढ़ वर्ष से अधिक समय से बीसी सखियों की यह सभी डिवाइस भी खराब पड़ी हैं। इसके कारण वह कोई कार्य भी नहीं कर पा रही है। इसको लेकर कई बार विभागीय समेत अन्य उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भी दिया गया, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। इस बीच, चायना, पिंकी, राजमाला, निशा, काजल, नीरेश, कंचन सिंह, पूनम और छाया देवी आदि रहे।
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