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दूसरे दिन भी सीएमओ दफ्तर पर धरने पर रहे संविदा कर्मी
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बहजोई। विनियमितीकरण समेत अपनी दूसरी अन्य मांगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मी दूसरे दिन भी सीएमओ दफ्तर परिसर में धरने पर डटे रहे। सीएमओ व एडीएम के समझाने पर संविदा कर्मी आपातकालीन सेवा मानते हुए कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगाने को तैयार हुए।
बुधवार को सुबह करीब दस बजे से ही स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मियों में चिकित्सक, सीएचओ व एएनएम आदि मुख्य चिकित्सा अधिकारी दफ्तर परिसर में एकत्र होने शुरू हो गए। इस बीच सीएमओ डॉ. अजय कुमार सक्सेना ने धरनास्थल पर पहुंचकर संविदा कर्मियों से बातचीत करते हुए कोरोना से बचाव के लिए होने वाले वैक्सीनेशन कार्यक्रम पिछड़ने का हवाला देते हुए समझाया। बावजूद इसके सभी संविदाकर्मी परिसर में धरने पर बैठ गए।
कार्यवाहक जिलाध्यक्ष/वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा. तनवीर हैदर का कहना था कि संविदा कर्मियों का विनियमितीकरण/समायोजन वेतन पॉलिसी एवं वेतन विसंगतियों को दूर करने समेत सात सूत्री मांगों में सातवें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ता का लाभ दिए जाने, जॉब सिक्योरिटी, रिक्त पदों पर गैर जिलों में स्थानांतरण, आउटसोर्स नीति को खत्म करने व प्रदेश में कार्यरत दो लाख आशा बहुओं का एक नीयत मानदेय लागू किए जाने की मांगें पुरानी हैं, लेकिन सरकार की ओर से संविदा कर्मियों की मांगों को लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रदेश स्तरीय आह्वान पर सभी संविदा कर्मी धरने पर बैठे हैं।
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वहीं दोपहर डेढ़ बजे करीब अपर जिलाधिकारी कमलेश कुमार अवस्थी व जिला पंचायत राज अधिकारी जाहिद हुसैन धरना स्थल पर पहुंचे और सीएमओ दफ्तर में संविदा कर्मियों को बुलाकर बातचीत की। करीब घंटेभर की बातचीत के बाद अफसरों व संविदा कर्मियों के बीच सहमति बनी कि कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीनेशन को आपातकालीन सेवा मानते हुए पूरा सहयोग किया जाएगा, लेकिन विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारी व कार्यकर्ता यथावत धरने पर बने रहेंगे। इस दौरान डा. फिरोज, आशीष गुप्ता अनुराग पाठक, केपी यादव, विवेक शर्मा, गौरव कुमार, जितेंद्र, डा. शिखा, डा. वंदना, डा. फरीना, डा. बुसरा व अंजू रानी आदि रहे।
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बुधवार को सुबह करीब दस बजे से ही स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मियों में चिकित्सक, सीएचओ व एएनएम आदि मुख्य चिकित्सा अधिकारी दफ्तर परिसर में एकत्र होने शुरू हो गए। इस बीच सीएमओ डॉ. अजय कुमार सक्सेना ने धरनास्थल पर पहुंचकर संविदा कर्मियों से बातचीत करते हुए कोरोना से बचाव के लिए होने वाले वैक्सीनेशन कार्यक्रम पिछड़ने का हवाला देते हुए समझाया। बावजूद इसके सभी संविदाकर्मी परिसर में धरने पर बैठ गए।
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कार्यवाहक जिलाध्यक्ष/वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा. तनवीर हैदर का कहना था कि संविदा कर्मियों का विनियमितीकरण/समायोजन वेतन पॉलिसी एवं वेतन विसंगतियों को दूर करने समेत सात सूत्री मांगों में सातवें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ता का लाभ दिए जाने, जॉब सिक्योरिटी, रिक्त पदों पर गैर जिलों में स्थानांतरण, आउटसोर्स नीति को खत्म करने व प्रदेश में कार्यरत दो लाख आशा बहुओं का एक नीयत मानदेय लागू किए जाने की मांगें पुरानी हैं, लेकिन सरकार की ओर से संविदा कर्मियों की मांगों को लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रदेश स्तरीय आह्वान पर सभी संविदा कर्मी धरने पर बैठे हैं।
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वहीं दोपहर डेढ़ बजे करीब अपर जिलाधिकारी कमलेश कुमार अवस्थी व जिला पंचायत राज अधिकारी जाहिद हुसैन धरना स्थल पर पहुंचे और सीएमओ दफ्तर में संविदा कर्मियों को बुलाकर बातचीत की। करीब घंटेभर की बातचीत के बाद अफसरों व संविदा कर्मियों के बीच सहमति बनी कि कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीनेशन को आपातकालीन सेवा मानते हुए पूरा सहयोग किया जाएगा, लेकिन विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारी व कार्यकर्ता यथावत धरने पर बने रहेंगे। इस दौरान डा. फिरोज, आशीष गुप्ता अनुराग पाठक, केपी यादव, विवेक शर्मा, गौरव कुमार, जितेंद्र, डा. शिखा, डा. वंदना, डा. फरीना, डा. बुसरा व अंजू रानी आदि रहे।