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Sambhal News: छह घंटे छावनी बना रहा जिला न्यायालय के आसपास का इलाका
Sat, 30 Nov 2024 01:56 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sat, 30 Nov 2024 01:56 AM IST
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चंदाैसी कोर्ट के गेट पर माैजूद पुलिसकर्मी
- फोटो : संभल
चंदौसी। संभल के शाही जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने का दावा करने के मामले में सिविल जज सीनियर डिवीजन चंदौसी की कोर्ट में शुक्रवार को पहली सुनवाई को लेकर न्यायलय समेत आसपास के क्षेत्राें में भारी पुलिस बल तैनात रहा। जिला न्यायालय से लेकर आसपास के मकानोंं की छतों पर पुलिस बल व पीएसी तैनात रहा।
सुबह आठ बजे से ही जिला न्यायालय परिसर से लेकर मुख्य द्वार तक भारी पुलिस बल तैनात हो गया। इतना ही नहीं न्यायालय के चारों ओर सभी रास्तों पर बैरीकेडिंग कर दी गई। वहीं भगत सिंह स्मारक और शक्तिनगर के बहजोई रोड प्रवेश द्वार, मयूर विहार, सरस्वती विहार समेत फव्वारा चौक पर भी बैरीकेडिंग लगा कर पुलिस तैनात कर दी गई। जिला न्यायालय की ओर किसी वाहन को जाने नहीं दिया गया। सिर्फ पैदल वालों को ही जाने दिया। पुलिस ने पंजीकृत अधिवक्ताओं को ही मय वाहन के न्यायालय की ओर जाने दिया, वहीं पंजीकृत अधिवक्ताओं को ही न्यायालय परिसर में प्रवेश दिया गया। पुलिस कर्मी सभी अधिवक्ताओं की आईडी देखकर ही न्यायालय परिसर में प्रवेश दे रहे थे। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र जारई गेट, सीकरी गेट, लक्ष्मण गंज, संभल गेट आदि मोहल्लों में पुलिस गश्त करके शांति व्यवस्था बनाए रही। सीओ संतोष कुमार, कोतवाल रेनू सिंह भी फोर्स के साथ भ्रमण कर निगरानी बनाए रहे। न्यायालय के आसपास मकानों की छतों पर भी पुलिस तैनात रही। डीएम राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने न्यायालय परिसर पहुंच कर सुरक्षा का जायजा लिया। दोपहर दो बजे करीब बैरीकेडिंग हटने के बाद रास्ता सुचारु हो सका।
स्कूल जाने वाले बच्चों को करना पड़ा परेशानी का सामना
जिला न्यायालय के आसपास और न्यायालय की ओर जाने वाले रास्तों पर सुबह आठ बजे से बैरीकेडिंग कर दी गई। पुलिस कर्मी न्यायालय की ओर जाने वाले लोगों के वाहनों को रोक रहे थे। उसी समय स्कूल जाने का समय भी था। जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। साइकिल, बाइक व ई-रिक्शा आदि वाहनों से स्कूल जाने वाले बच्चों को बैरीकेडिंग से लौटना पड़ा और स्कूल पहुंचने के लिए दूसरे लंबे मार्ग का सहारा लेना पड़ा।
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भारी पुलिस बल की निगरानी में शांतिपूर्वक हुई जुमा की नमाज
संभल की शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने के मामले में सुनवाई के दौरान जुमा नमाज को लेकर भी पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। नगर के जारई गेट तिराहा स्थित बड़ी मस्जिद, संभल गेट स्थित सुनहरी मस्जिद, मुरादाबाद गेट स्थित जामा मस्जिद व लाल मस्जिद समेत अन्य प्रमुख मस्जिदों पर सुबह से ही पुलिस बल ओर पीएसी तैनात रही। इस दौरान मस्जिदों के आसपास बाजार बंद रहा। दोपहर एक बजे के बाद शांति पूर्वक नमाज अदा होने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। एहतियातन देर शाम तक मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में पुलिस निगरानी बनाए रही।
दूर दराज से आने वाले वादकारियों को ही दिक्कत
जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर को लेकर पहली सुनवाई के दौरान अधिवक्ता कलम बंद हड़ताल पर रहे। जिससे अन्य किसी मुकदमे में सुनवाई नहीं हुई। वहीं तमाम वादकारियों को इसकी जानकारी नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी न होने पर तमाम वादी अपने मुकदमे की तारीख करने के लिए यहां आ पहुंचे और निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
लखनऊ से आयीं ऊषा देवी अपने बेटे के साथ न्यायालय पहुंचीं, लेकिन उन्हें पुलिस ने बाहर ही रोक दिया। इस पर उन्होंने अपने अधिवक्ता से फोन पर बात की तो अधिवक्ता ने उन्हें अगली तारीख फोन बताने की बात कह कर लौटा दिया। महिला ने बताया कि उनका कोर्ट में पारिवारिक मुकदमा चल रहा है। जिसकी शुक्रवार को तारीख थी।
बहजोई के गांव चट्टान निवासी महीपाल ने बताया कि उनका जमीन संबंधी विवाद को लेकर मुकदमा चल रहा है। शुक्रवार की तारीख थी। उनके अधिवक्ता ने उन्हें हड़ताल की सूचना नहीं दी। जिससे उन्हें आने जाने में परेशानी हुई। आर्थिक संकट भी झेलना पड़ा।
ड्रोन कैमरे से हुई न्यायालय की निगरानी
संभल की शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर के मामले में हुई पहली सुनवाई के दौरान ड्रोन कैमरे से जिला न्यायालय परिसर की निगरानी की गई। सुबह आठ बजे पुलिस ने बड़ी मस्जिद, सुनहरी मस्जिद समेत जारई गेट, संभल गेट, मुरादाबाद गेट आदि क्षेत्र में ड्रोन कैमरे से सुरक्षा का जायजा लिया। सुबह नौ बजे से न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में ड्रोन कैमरे से निगरानी की गई।
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सुबह आठ बजे से ही जिला न्यायालय परिसर से लेकर मुख्य द्वार तक भारी पुलिस बल तैनात हो गया। इतना ही नहीं न्यायालय के चारों ओर सभी रास्तों पर बैरीकेडिंग कर दी गई। वहीं भगत सिंह स्मारक और शक्तिनगर के बहजोई रोड प्रवेश द्वार, मयूर विहार, सरस्वती विहार समेत फव्वारा चौक पर भी बैरीकेडिंग लगा कर पुलिस तैनात कर दी गई। जिला न्यायालय की ओर किसी वाहन को जाने नहीं दिया गया। सिर्फ पैदल वालों को ही जाने दिया। पुलिस ने पंजीकृत अधिवक्ताओं को ही मय वाहन के न्यायालय की ओर जाने दिया, वहीं पंजीकृत अधिवक्ताओं को ही न्यायालय परिसर में प्रवेश दिया गया। पुलिस कर्मी सभी अधिवक्ताओं की आईडी देखकर ही न्यायालय परिसर में प्रवेश दे रहे थे। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र जारई गेट, सीकरी गेट, लक्ष्मण गंज, संभल गेट आदि मोहल्लों में पुलिस गश्त करके शांति व्यवस्था बनाए रही। सीओ संतोष कुमार, कोतवाल रेनू सिंह भी फोर्स के साथ भ्रमण कर निगरानी बनाए रहे। न्यायालय के आसपास मकानों की छतों पर भी पुलिस तैनात रही। डीएम राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने न्यायालय परिसर पहुंच कर सुरक्षा का जायजा लिया। दोपहर दो बजे करीब बैरीकेडिंग हटने के बाद रास्ता सुचारु हो सका।
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स्कूल जाने वाले बच्चों को करना पड़ा परेशानी का सामना
जिला न्यायालय के आसपास और न्यायालय की ओर जाने वाले रास्तों पर सुबह आठ बजे से बैरीकेडिंग कर दी गई। पुलिस कर्मी न्यायालय की ओर जाने वाले लोगों के वाहनों को रोक रहे थे। उसी समय स्कूल जाने का समय भी था। जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। साइकिल, बाइक व ई-रिक्शा आदि वाहनों से स्कूल जाने वाले बच्चों को बैरीकेडिंग से लौटना पड़ा और स्कूल पहुंचने के लिए दूसरे लंबे मार्ग का सहारा लेना पड़ा।
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भारी पुलिस बल की निगरानी में शांतिपूर्वक हुई जुमा की नमाज
संभल की शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने के मामले में सुनवाई के दौरान जुमा नमाज को लेकर भी पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। नगर के जारई गेट तिराहा स्थित बड़ी मस्जिद, संभल गेट स्थित सुनहरी मस्जिद, मुरादाबाद गेट स्थित जामा मस्जिद व लाल मस्जिद समेत अन्य प्रमुख मस्जिदों पर सुबह से ही पुलिस बल ओर पीएसी तैनात रही। इस दौरान मस्जिदों के आसपास बाजार बंद रहा। दोपहर एक बजे के बाद शांति पूर्वक नमाज अदा होने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। एहतियातन देर शाम तक मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में पुलिस निगरानी बनाए रही।
दूर दराज से आने वाले वादकारियों को ही दिक्कत
जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर को लेकर पहली सुनवाई के दौरान अधिवक्ता कलम बंद हड़ताल पर रहे। जिससे अन्य किसी मुकदमे में सुनवाई नहीं हुई। वहीं तमाम वादकारियों को इसकी जानकारी नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी न होने पर तमाम वादी अपने मुकदमे की तारीख करने के लिए यहां आ पहुंचे और निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
लखनऊ से आयीं ऊषा देवी अपने बेटे के साथ न्यायालय पहुंचीं, लेकिन उन्हें पुलिस ने बाहर ही रोक दिया। इस पर उन्होंने अपने अधिवक्ता से फोन पर बात की तो अधिवक्ता ने उन्हें अगली तारीख फोन बताने की बात कह कर लौटा दिया। महिला ने बताया कि उनका कोर्ट में पारिवारिक मुकदमा चल रहा है। जिसकी शुक्रवार को तारीख थी।
बहजोई के गांव चट्टान निवासी महीपाल ने बताया कि उनका जमीन संबंधी विवाद को लेकर मुकदमा चल रहा है। शुक्रवार की तारीख थी। उनके अधिवक्ता ने उन्हें हड़ताल की सूचना नहीं दी। जिससे उन्हें आने जाने में परेशानी हुई। आर्थिक संकट भी झेलना पड़ा।
ड्रोन कैमरे से हुई न्यायालय की निगरानी
संभल की शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर के मामले में हुई पहली सुनवाई के दौरान ड्रोन कैमरे से जिला न्यायालय परिसर की निगरानी की गई। सुबह आठ बजे पुलिस ने बड़ी मस्जिद, सुनहरी मस्जिद समेत जारई गेट, संभल गेट, मुरादाबाद गेट आदि क्षेत्र में ड्रोन कैमरे से सुरक्षा का जायजा लिया। सुबह नौ बजे से न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में ड्रोन कैमरे से निगरानी की गई।