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सौतेली मां की प्रताड़ना से दस वर्षीय चंडीगढ़ से ट्रेन में बैठकर पहुंचा गांव बनियाखेड़ा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 24 Apr 2022 01:12 AM IST
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Ten-year-old reached village Baniyakheda in a train from Chandigarh due to stepmother's harassment
चंदौसी/बनियाठेर। बनियाठेर हाइवे पर चौराहे पर चार दिन पूर्व दस वर्षीय बालक घूमते हुए पहुंच गया। घर महिलाओं ने बालक से बात की, तो उसकी बात सुनकर महिला भी व्यथित हो गई। बालक ने बताया कि उसके पिता, छोटे भाई चंडीगढ़ में रहे हैं, उसकी सौतेली मारपीट करती है। पिता भी सौतेली मां को कुछ नहीं कहते हैं। मारपीट से तंग आकर वह ट्रेन में बैठकर चंदौसी आ गया। बदायूं के कस्बा रुदायन में उनका कच्चा घर हैं। बालक चार दिन से किसान मलक सिंह के घर रह रहा है। सूचना पर पुलिस बच्चे के पिता से संपर्क करने का प्रयास कर रही है।
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चंदौसी मुरादाबाद हाइवे पर स्थित बनियाखेड़ा चौराहे के निकट प्रथमा बैंक के पास हाइवे से सटा हुआ मलक सिंह का मकान है। 20 अप्रैल दोपहर 12 बजे दस वर्षीय बालक दीन हीन हालत में उनके घर घूमता फिरता पहुंचा। अचानक घर पहुंचे बच्चे से घर की महिलाओं ने जानकारी की तो बालक ने अपना नाम हिमांशु और पिता का नाम वीरेश पासी बताया। बताया कि वह चंडीगढ़ के बंबूताल में रहते हैं। पिता मजदूरी करते हैं। उसके दो छोटे भाई है। उनके नाम अजय और विनय हैं। बालक ने बताया कि काफी समय से वह चंडीगढ़ रहते हैं। मां का निधन हो चुका है, सौतेली मां साथ रहती है। हर बात पर तीनों भाइयों को मारती है। पिता के सामने भी मारती है, वह भी कुछ नहीं कहते हैं। पांच दिन पहले 19 अप्रैल को उसने 20 रुपये लिए थे। इस बात पर सौतेली मां ने खूब मारा था। इसके बाद अगले दिन तीनों भाई घर से भागकर चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर आ गए। वहां से चंदौसी आने वाली ट्रेन पूछी और मैं उसमें बैठ गया। दोनों छोटे भाई रेलवे स्टेशन चंडीगढ़ में ही छूट गए हैं। वह चंदौसी आकर उतर गया। वहां से घूमते हुए यहां आ गया। बालक ने बताया कि उनका एक कच्चा घर बदायूं के रुदायन पीपल पेड़ के पास है। बालक ने बताया कि उसके चाचा का नाम प्रताप और चाची का नाम ममता है। वही भी चंडीगढ़ में ही रहते हैं। बालक चार दिन से मलक सिंह के घर पर ही है। उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी है।
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बालक चार दिन से घर में रहने के बाद पूरे परिवार में घुल-मिल गया है। जब यह घर पहुंचा, तो फटे पुराने कपड़े पहने हुए था। जिसे नहला धुला कर नए कपड़े दिलवाए। बालक के एक हाथ में चोट लगी है, फैक्चर है। परिजनों के बारे में सारी बात बताई, पर बालक को परिजनों के मोबाइल नंबर का नहीं पता है। थानाध्यक्ष बनियाठेर कर्म सिंह पाल के पास ले गए। बालक ने आपबीती सुनाई। पुलिस ने बालक को मेरी सुपुर्दगी में दे दिया है।
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मलक सिंह यादव, किसान बनियाखेड़ा।
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रुदायन नगर पंचायत के चेयरमैन से फोन पर बात हुई थी। बालक द्वारा बताए गए पते पर जानकारी कराई जा रही है। अड्डे के पास उन्होंने पीपल का पेड़ होने की बात बताई है। परिजनों से संपर्क कर बालक उनकी सुपुर्दगी में सौंपा जाएगा।
कर्मपाल सिंह, थानाध्यक्ष बनियाठेर।
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