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विशेष अभियान चलाकर घर-घर खोजे जाएंगे टीबी रोगी
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चंदौसी। क्षय (टीबी) रोगियों के खोज के लिए एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) अभियान शुरू होने जा रहा है। विभाग ने अभियान के लिए 25 फीसदी आबादी को चिह्नित किया है। टीबी रोगी खोजने के लिए विभाग ने 180 टीमों को लगाया है। 22 मार्च तक टीम को यह अभियान पूरा करना है।
संभल जनपद में वर्ष 2021 में 4,066 टीबी रोगी मिले थे। कोरोना संक्रमण के चलते कम मरीजों की जांच की गई। भारत सरकार का 2025 तक देश को क्षय रोग से मुक्त करने का लक्ष्य है। इसके लिए मरीजों की समय से पहचान एवं उपचार शुरू करके ही संक्रमण को रोका जा सकता है। स्वास्थ्य कर्मी, घर घर जाकर क्षय रोग से मिलते जुलते लक्षण वाले व्यक्तियों की जांच करेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए माइक्रो प्लान तैयार किया है। संभल ग्रामीण, पवांसा और चंदौसी जांच यूनिट की दूरस्थ आबादी, ईंट भट्टे व अन्य सघन क्षेत्र की 25 फीसदी आबादी चिह्नित की है। प्रत्येक क्षेत्र में करीब 1.5 लाख लोगों तक पहुुंचने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान को दस कार्य दिवस में पूरा किया जाएगा। होली पर दो दिन के लिए अवकाश रहेगा।
लैब टेक्नीशियन और एसटीएस स्पुटम (बलगम) की जांच माइक्रोस्कोप, ट्रूनाट या सीबी नॉट मशीन से की जाएगी। किसी व्यक्ति में यदि टीबी की पुष्टि होती है, तो उसकी ब्लड शुगर, यूडीसी और एचआईवी की जांच कर निश्चय पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। पुष्टि के 48 घंटे के भीतर मरीज का उपचार शुरू कर निश्चय पोषण योजना से लिंक किया जाएगा। साथ ही बेहतर पोषण के लिए प्रत्येक रोगी को 500 रुपये धनराशि प्रतिमाह दी जाएगी।
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एक टीम में रहेंगे तीन सदस्य
अभियान के लिए 150 टीम बनाई गई है। एक टीम में तीन सदस्य रहेंगे। इसके लिए आशा, आंगनबाड़ी और पोलियो वालंटियर्स की मदद ली जाएगी। पांच टीम के ऊपर एक सुपरवाइजर नियुक्त किया गया। टीम के सदस्य पहले दिन घर- घर जाकर सदस्यों की संख्या पूछेंगे तथा टीबी संबंधित लक्षणों की जानकारी करेंगे। यदि किसी में लक्षण दिखाई देते हैं, तो उन्हें चिह्नित कर दूसरे दिन बलगम जांच के लिए लिया जाएगा।
यह हैं टीबी के लक्षण:
- दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी आना।
- शाम को बुखार आना।
- सीने में लगातार दर्द।
- खांसते समय मुंह से खून आना।
- भूख न लगना व लगातार वजन घटना।
- खांसी के दौरान अधिक बलगम निकलना।
क्या कह रहे हैं स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े
वर्ष टीबी रोगी
2020 2,806
2021 4,066
2022 फरवरी तक 643
नोट: यह आंकड़े स्वास्थ्य विभाग से लिये गए हैं।
नौ मार्च से जिले में टीबी रोगी खोजी अभियान चलेगा। सघन आबादी क्षेत्र, मलिन बस्ती, दूरस्थ क्षेत्र, ईट भट्टा क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है। अभियान में 150 टीम लगाई गई है। उनका प्रशिक्षण भी हो गया है।
डॉ. संतोष कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी संभल।
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संभल जनपद में वर्ष 2021 में 4,066 टीबी रोगी मिले थे। कोरोना संक्रमण के चलते कम मरीजों की जांच की गई। भारत सरकार का 2025 तक देश को क्षय रोग से मुक्त करने का लक्ष्य है। इसके लिए मरीजों की समय से पहचान एवं उपचार शुरू करके ही संक्रमण को रोका जा सकता है। स्वास्थ्य कर्मी, घर घर जाकर क्षय रोग से मिलते जुलते लक्षण वाले व्यक्तियों की जांच करेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए माइक्रो प्लान तैयार किया है। संभल ग्रामीण, पवांसा और चंदौसी जांच यूनिट की दूरस्थ आबादी, ईंट भट्टे व अन्य सघन क्षेत्र की 25 फीसदी आबादी चिह्नित की है। प्रत्येक क्षेत्र में करीब 1.5 लाख लोगों तक पहुुंचने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान को दस कार्य दिवस में पूरा किया जाएगा। होली पर दो दिन के लिए अवकाश रहेगा।
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लैब टेक्नीशियन और एसटीएस स्पुटम (बलगम) की जांच माइक्रोस्कोप, ट्रूनाट या सीबी नॉट मशीन से की जाएगी। किसी व्यक्ति में यदि टीबी की पुष्टि होती है, तो उसकी ब्लड शुगर, यूडीसी और एचआईवी की जांच कर निश्चय पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। पुष्टि के 48 घंटे के भीतर मरीज का उपचार शुरू कर निश्चय पोषण योजना से लिंक किया जाएगा। साथ ही बेहतर पोषण के लिए प्रत्येक रोगी को 500 रुपये धनराशि प्रतिमाह दी जाएगी।
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एक टीम में रहेंगे तीन सदस्य
अभियान के लिए 150 टीम बनाई गई है। एक टीम में तीन सदस्य रहेंगे। इसके लिए आशा, आंगनबाड़ी और पोलियो वालंटियर्स की मदद ली जाएगी। पांच टीम के ऊपर एक सुपरवाइजर नियुक्त किया गया। टीम के सदस्य पहले दिन घर- घर जाकर सदस्यों की संख्या पूछेंगे तथा टीबी संबंधित लक्षणों की जानकारी करेंगे। यदि किसी में लक्षण दिखाई देते हैं, तो उन्हें चिह्नित कर दूसरे दिन बलगम जांच के लिए लिया जाएगा।
यह हैं टीबी के लक्षण:
- दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी आना।
- शाम को बुखार आना।
- सीने में लगातार दर्द।
- खांसते समय मुंह से खून आना।
- भूख न लगना व लगातार वजन घटना।
- खांसी के दौरान अधिक बलगम निकलना।
क्या कह रहे हैं स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े
वर्ष टीबी रोगी
2020 2,806
2021 4,066
2022 फरवरी तक 643
नोट: यह आंकड़े स्वास्थ्य विभाग से लिये गए हैं।
नौ मार्च से जिले में टीबी रोगी खोजी अभियान चलेगा। सघन आबादी क्षेत्र, मलिन बस्ती, दूरस्थ क्षेत्र, ईट भट्टा क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है। अभियान में 150 टीम लगाई गई है। उनका प्रशिक्षण भी हो गया है।
डॉ. संतोष कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी संभल।