{"_id":"5aac16c54f1c1bb7758b5c6f","slug":"tank-to-be-built-in-the-village","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ गांवों में बनेगी पानी की टंकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ गांवों में बनेगी पानी की टंकी
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
Updated Sat, 17 Mar 2018 12:41 AM IST
विज्ञापन
गांव भदरौला में हैंडपंप पर चिह्न लगाते जल निगम के अवर अभियंता।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले के 32 गांवों के लोग दूषित पानी केे कहर से जूझने को मजबूर हैं। चूंकि यह मामला राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) में विचाराधीन है। एनजीटी ने जिलाधिकारी को गांवों के लिए पेयजल मुहैया कराने का आदेश दिया है। इस बीच जल निगम ने आठ गांवों में पानी की टंकी निर्माण की योजना बनाई है। संभल ब्लाक के दो गांवों में टंकी निर्माण का स्टीमेट शासन को जाने वाला है। दूसरे गांवों के लिए प्रक्रिया चल रही है। विभागीय अधिकारी कहते हैं कि शासन से मंजूरी और बजट आवंटन होते ही निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
दूषित पानी के कारण कैंसर और अन्य बीमारियां फैली हुई हैं। संभल और दूसरे ब्लाकों के गांवों में मौत के कई मामले भी सामने आ चुके हैं। 32 गांवों में दूषित पानी के मामले में एनजीटी में दाखिल याचिका पर लगातार सुनवाई हो रही है। हाल ही में जिलाधिकारी संभल को समस्या के समाधान का आदेश मिला है। बात जल निगम की गंभीरता की करें तो लगातार मौत के मामले सामने आने पर लगभग 40 गांवों के सरकारी हैंडपंपों के नमूने लिए गए थे। संभल के गांव शरीफपुर, सिंहपुरसानी, भदरौला, बेेनीपुर चक के पानी की जांच रिपोर्ट आई तो अधिकारी और गंभीर हुए।
दूषित पानी की पुष्टि होने पर इन गांवों के हैंडपंपों पर लाल स्याही से क्रास के निशान लगाए गए। साथ ही, पानी की टंकी निर्माण के लिए भी सर्वे शुरू हुआ। अब शरीफपुर और सिंहपुरसानी में पानी की टंकी निर्माण के लिए स्टीमेट तैयार हो गया है जो शासन को भेजा जाएगा। इनके अलावा भदरौला, किसौली सहित आठ गांवों में पानी की टंकी निर्माण कराने की योजना है। बहरहाल, इस कार्य में अभी वक्त लग सकता है क्योंकि शासन से मंजूरी, बजट आवंटन और फिर निर्माण पूरा होने पर ही ग्रामीणों को पेयजल मिल सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
दूषित पानी के कारण कैंसर और अन्य बीमारियां फैली हुई हैं। संभल और दूसरे ब्लाकों के गांवों में मौत के कई मामले भी सामने आ चुके हैं। 32 गांवों में दूषित पानी के मामले में एनजीटी में दाखिल याचिका पर लगातार सुनवाई हो रही है। हाल ही में जिलाधिकारी संभल को समस्या के समाधान का आदेश मिला है। बात जल निगम की गंभीरता की करें तो लगातार मौत के मामले सामने आने पर लगभग 40 गांवों के सरकारी हैंडपंपों के नमूने लिए गए थे। संभल के गांव शरीफपुर, सिंहपुरसानी, भदरौला, बेेनीपुर चक के पानी की जांच रिपोर्ट आई तो अधिकारी और गंभीर हुए।
विज्ञापन
दूषित पानी की पुष्टि होने पर इन गांवों के हैंडपंपों पर लाल स्याही से क्रास के निशान लगाए गए। साथ ही, पानी की टंकी निर्माण के लिए भी सर्वे शुरू हुआ। अब शरीफपुर और सिंहपुरसानी में पानी की टंकी निर्माण के लिए स्टीमेट तैयार हो गया है जो शासन को भेजा जाएगा। इनके अलावा भदरौला, किसौली सहित आठ गांवों में पानी की टंकी निर्माण कराने की योजना है। बहरहाल, इस कार्य में अभी वक्त लग सकता है क्योंकि शासन से मंजूरी, बजट आवंटन और फिर निर्माण पूरा होने पर ही ग्रामीणों को पेयजल मिल सकेगा।
विज्ञापन