फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   Sugarcane farmers are getting less slips, delay in sowing of wheat

गन्ना किसानों को कम मिल रहीं पर्चियां, गेहूं की बुवाई में हो रही देरी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 06 Dec 2021 12:27 AM IST
विज्ञापन
Sugarcane farmers are getting less slips, delay in sowing of wheat
संभल। गन्ना किसानों को पर्चियां कम मिल रही हैं। जिससे खेत खाली नहीं हो पा रहे हैं। इससे न सिर्फ रबी की फसलों की बुवाई पिछड़ रही है बल्कि किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि पर्चियां कम आने से गन्ने के खेत खाली होने में देरी हो रही है। जिसके चलते गेहूं की बुवाई देरी से होगी तो उत्पादन पर विपरीत असर पड़ सकता है।
विज्ञापन

जिले में अधिकांश किसान गन्ने की फसल को काटकर गेहूं सहित अन्य रबी फसलों की बुवाई करते हैं। किसान अपने गन्ने की सप्लाई मिलों में करते हैं ताकि सरकारी मूल्य मिल सके। जिले में चल रही तीन चीनी मिलों की पेराई क्षमता 2.10 लाख टीसीडी (टन केपेसिटी डेली) है लेकिन शुगर मिलें अपनी क्षमता से पेराई कर नहीं पा रही हैं। इसकी वजह इंडेंट प्रभावित हो रहा है। जिससे पर्चियों में देरी हो रही है।
विज्ञापन

किसानों का कहना है कि कम पर्चियां आने से उनके सामने खेत खाली करने की समस्या है। जिसके चलते गेहूं की बुवाई पिछड़ रही है। आमतौर पर 15 दिसंबर तक गेहूूं की बुवाई करना बेहतर माना जाता है। बुवाई में देरी होनेे से गेहूं के उत्पादन पर असर पड़ता है। पछेती फसल में किसानों को न सिर्फ लागत अधिक लगानी पड़ती है बल्कि उत्पादन भी अपेक्षाकृत कम होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पंद्रह बीघा से अधिक भूमि में गन्ने की फसल उगाई है। मिल जब चला तो एक पर्ची आई थी, लेकिन अब एक माह बीत गया है दूसरी पर्ची अब तक नहीं आई है। जिससे गन्ना खेत में ही सूख रहा है। कहीं कोई सुनवाई नहीं है। इससे गेहूूं की बुवाई प्रभावित हो रही है।
राजेंद्र पाल, गन्ना किसान, शफातनगर
मिल कम इंडेंट जारी कर रहा है। जिसके चलते पर्चियां कम आ रही हैं। खेत खाली नहीं हो रहे हैं। जिसके चलते गेहूं की बुवाई पिछड़ती नजर आ रही है। बुवाई पछेती हुई तो गेहूं का उत्पादन अपेक्षाकृत कम होगा। जिससे दोहरा नुकसान उठाना पड़ेगा।
कल्यान सिंह, गन्ना किसान, शफातनगर
गन्ने की फसल तैयार है। जब से मिल चालू हुआ है तब से पर्ची आने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन पर्ची नहीं मिल रही है। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। गेहूं की फसल की भी बुवाई नहीं कर पा रहे हैं।

सुरेंद्र सिंह, गन्ना किसान, शफातनगर
देरी से बुवाई में डेढ़ से दो क्विंटल तक घट जाता है उत्पादन
संभल। कृषि विज्ञान केंद्र पत्था के प्रभारी अधिकारी महावीर सिंह ने बताया कि एक नवंबर से तीस नवंबर तक बुवाई से बेहतर उपज मिलती है। दस दिसंबर तक यह मध्यम रहता है, लेकिन बीस दिसंबर से उत्पादन पर काफी असर पड़ने लगता है। एक हेक्टेयर में यदि एक भी दिन बुवाई देरी से हुई तो एक से डेढ़ क्विंटल का उत्पादन घटता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed