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Sambhal News: जिले में सपा, बसपा और कांग्रेस को आइना दिखा गए निकाय चुनाव, बसपा का भी सूपड़ा साफ
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संभल। लोकसभा चुनाव का सेमिफाइलन माने जा रहे नगर निकाय के चुनाव के नतीजे सपा, बसपा और कांग्रेस को आईना दिखा गए। कांग्रेस की स्थिति बुरी रही कि कई निर्दलीय भी आगे चले। वर्ष-2017 के चुनाव में जिले की तीन सीटें जीतने वाली बसपा का भी सूपड़ा साफ हो गया है। अपने ही गढ़ संभल में समाजवादी पार्टी मतगणना के बाद नीचे खिसकते हुए पांचवे नंबर पर जा पहुंची है। संभल नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष पद पर एआईएमआईएम प्रत्याशी की जीत अन्य दल के प्रत्याशियों के लिए खतरे की घंटी से कम नहीं है।
नौ दिनों के इंतजार के बाद निकाय चुनाव के नतीजों के आने पर अब सियासी गणित लगाए जा रहे हैं। शहर के वोट पर समाजवादी पार्टी की पकड़ मानी जाती है। इस चुनाव में भी स्थिति मजबूत ही थी, क्योंकि विधायक इकबाल महमूद की पत्नी रूखसाना मैदान में थीं। नगर में सपा व बसपा की स्थिति बेहद निराशाजनक रही है। जनता ने सिर्फ सपा, बसपा के प्रत्याशियों को नकार दिया है।
वहीं, भाजपा को भी शिकस्त मिली है। एआईएमआईएम प्रत्याशी की जीत का यह आंकड़ा आगामी लोकसभा चुनाव पर क्या प्रभाव डालेगा, इसकों लेकर सियासी खेमों में बैचेनी है। पार्टी प्रत्याशी की जीत अगले चुनावों में सियासी दलों के लिए खतरे की घंटी से कम नहीं है।
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नौ दिनों के इंतजार के बाद निकाय चुनाव के नतीजों के आने पर अब सियासी गणित लगाए जा रहे हैं। शहर के वोट पर समाजवादी पार्टी की पकड़ मानी जाती है। इस चुनाव में भी स्थिति मजबूत ही थी, क्योंकि विधायक इकबाल महमूद की पत्नी रूखसाना मैदान में थीं। नगर में सपा व बसपा की स्थिति बेहद निराशाजनक रही है। जनता ने सिर्फ सपा, बसपा के प्रत्याशियों को नकार दिया है।
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वहीं, भाजपा को भी शिकस्त मिली है। एआईएमआईएम प्रत्याशी की जीत का यह आंकड़ा आगामी लोकसभा चुनाव पर क्या प्रभाव डालेगा, इसकों लेकर सियासी खेमों में बैचेनी है। पार्टी प्रत्याशी की जीत अगले चुनावों में सियासी दलों के लिए खतरे की घंटी से कम नहीं है।
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