हम नहीं रहेंगे साथ: क्योंकि वो नहीं दे पाती समय और कहा भी नहीं मानती, तो कहीं मोबाइल डाल रहा रिश्तों में दरार
पुलिस लाइन में पुलिस परामर्श सुलह समझौता केंद्र पर 13 परिवारों की काउंसलिंग हुई। इसमें सात परिवार के बीच समझौता हो गया। जबकि तीन मामलों में एफआईआर और तीन मामले खारिज कर दिए गए। जिन परिवारों की काउंसलिंग हुई।
विस्तार
रिश्तों में मामूली बात से भी कमजोरी बन रही है। मामले महिला थाने पहुुंच रहे हैं। शनिवार को बहजोई स्थित पुलिस लाइन में पुलिस परामर्श सुलह समझौता केंद्र पर 13 परिवारों की काउंसलिंग हुई। इसमें सात परिवार के बीच समझौता हो गया। जबकि तीन मामलों में एफआईआर और तीन मामले खारिज कर दिए गए। जिन परिवारों की काउंसलिंग हुई। उनमें मामूली बात को लेकर तकरार थी। मौजूद थाना प्रभारी और कई काउंसलर ने अलग अलग तरीके से दंपती को समझाया। साथ ही रिश्ते में विश्वास बनाने का आग्रह किया। जिससे रिश्ते टूटने से बच सकें। काउंसलर संगीता भार्गव ने बताया कि ज्यादातर रिश्तों में तकरार मामूली बात पर हो जाती है। जिन्हें समझाया जाए तो वह परिवार एक हो जाते हैं। महिला थाना प्रभारी पूनम आनंद ने बताया कि काउंसलिंग कराकर परिवारों को जोड़ने का काम किया जाता है। जो मामले नहीं सुलझ पाते उन्हीं कार्रवाई आगे बढ़ती है।
केस एक
पुलिस परामर्श में एक दंपती का मामला जमीन को लेकर पहुंचा। पति-पत्नी में इस बात पर तकरार हो गई कि महिला अपने पति की करीब पांच बीघा जमीन को अपने नाम कराना चाहती थी। काउंसलर ने महिला को समझाया कि जमीन पति की पैतृक है और वह क्यों नाम कराए। पति की जमीन पर पत्नी का पूरा हक है। पत्नी की मांग को गलत बताया तो वह अपने पति के साथ जाने को तैयार हो गई।
केस दो
बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षिका के पति से इस बात पर विवाद था कि पति नौकरी को छोड़ने की मांग कर रहा था। पति का कहना था कि पत्नी उसको समय नहीं दे पातीं। पति ने काउंसलर को बताया कि वह गाजियाबाद में बैंक कर्मी हैं। पत्नी चंदौसी में रहती हैं। समय नहीं मिल पाता। इसलिए नौकरी छोड़कर वह उनके साथ गाजियाबाद में रहें। पत्नी इस बात पर तैयार नहीं थी। इसलिए विवाद था। काउंसलर के समझाने के बाद इस बात पर सहमति बनी कि छुट्टी के दिन पत्नी अपने पति के पास जाएंगी। इस दौरान दोनों पति-पत्नी अपने तबादले एक दूसरे के शहर में कराने का प्रयास करेंगे। इसके बाद दंपती में समझौता हो गया।
केस तीन
पत्नी मोबाइल पर बातचीत करती है इसलिए पति खफा हो गया। यह विवाद इतना बढ़ा कि मामला महिला थाने पहुंचा। जहां पति ने कहा कि उसकी पत्नी फोन पर बातचीत ज्यादा करती है। पत्नी ने कहा कि उसका पति उसके चरित्र पर शक करता है। काउंसलिंग के बाद तय हुआ कि पत्नी फोन पर बात नहीं करेगी। इस पर पति पत्नी को लेकर जाने को राजी हो गया।