{"_id":"58a9f73f4f1c1bac12d85780","slug":"shararat-nahi-sajish-thi-chandosi-me-patri-katna","type":"story","status":"publish","title_hn":"शरारत नहीं, साजिश थी चंदौसी में पटरी काटना ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शरारत नहीं, साजिश थी चंदौसी में पटरी काटना
संभ्ाल/अमर उजाला ब्यूराे
Updated Mon, 20 Feb 2017 02:02 AM IST
विज्ञापन
रेलवे ट्रैक और मृतक छात्र (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस और खुफिया एजेंसियों की अब तक की जांच में ये ही तथ्य सामने आए हैं। ये बात सामने आने के बाद से रेल महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। आरपीएफ और यूपी एटीएस की टीमें लगातार छापेमारी में जुटी हैं।
चौदह फरवरी को चंदौसी-मुरादाबाद रेल ट्रैक पर तड़के गुमथल स्टेशन से पहले मोहम्मद गंज पुल के पास करीब 32 एमएम पटरी काट दी गई। इसके पूर्व आठ फरवरी को चंदौसी अलीगढ़ रूट पर पांच एमएम पटरी काटी गई थी। महज छह दिनों में ट्रैक काटने की कोशिश की ये दूसरी घटना से बड़ौदा हाउस से डीजीपी कार्यालय तक हड़कंप मच गया।
कानपुर रेल हादसे में आतंकी साजिश की बात सामने आने पर इस मामले की जांच एटीएस लखनऊ कर रही है।। जांच एजेंसियां हर बिंदु पर काम कर रही है। जबकि फोरेंसिक रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि ये कोई शरारत नहीं थीं। बल्कि बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश थी। जबकि कानपुर हादसे में आतंकी बात सामने पहले ही आ चुकी है। लगातार आतंकी अब रेलव मार्ग को अपना निशाना बना रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
चौदह फरवरी को चंदौसी-मुरादाबाद रेल ट्रैक पर तड़के गुमथल स्टेशन से पहले मोहम्मद गंज पुल के पास करीब 32 एमएम पटरी काट दी गई। इसके पूर्व आठ फरवरी को चंदौसी अलीगढ़ रूट पर पांच एमएम पटरी काटी गई थी। महज छह दिनों में ट्रैक काटने की कोशिश की ये दूसरी घटना से बड़ौदा हाउस से डीजीपी कार्यालय तक हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
कानपुर रेल हादसे में आतंकी साजिश की बात सामने आने पर इस मामले की जांच एटीएस लखनऊ कर रही है।। जांच एजेंसियां हर बिंदु पर काम कर रही है। जबकि फोरेंसिक रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि ये कोई शरारत नहीं थीं। बल्कि बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश थी। जबकि कानपुर हादसे में आतंकी बात सामने पहले ही आ चुकी है। लगातार आतंकी अब रेलव मार्ग को अपना निशाना बना रहे हैं।
विज्ञापन