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सामान्य नलकूप योजना में चयन, फिर भी 22 माह में नहीं मिला सामान
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चंदौसी। किसानों का डेढ़ साल पहले सामान्य नलकूप योजना में चयन हो गया और शुल्क की रसीद भी कटवा ली, लेकिन अभी तक किसानों को नलकूप का सामान नहीं मिल पाया है। इसका मुख्य कारण रसीद को ऑनलाइन न करना है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते 182 किसान चंदौसी व मुरादाबाद कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
सामान्य नलकूप योजना के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों में करीब 800 से अधिक किसानों का चयन हुआ था। इसमें से पिछले साल के 182 किसान ऐसे हैं जिनकी शुल्क रसीद कट जाने के बावजूद योजना का लाभ नहीं है। इनमें से एक हैं चंदौसी क्षेत्र के गांव घोसीपुर निवासी किसान चंद्रपाल सिंह। इन्हेंने बिजली विभाग में 25 जनवरी 2018 को निजी नलकूप कनेक्शन के लिए सामान्य योजना के अंतर्गत आवेदन किया था। सामान्य योजना में चयन के बाद उनके कनेक्शन का विभाग ने 19 हजार 370 रुपये का स्टीमेट बनाया। किसान ने आठ अप्रैल 2019 को स्टीमेट की धनराशि बिजली विभाग के चंदौसी कार्यालय में जमा कर दी और शुल्क की रसीद भी प्राप्त कर ली। 25 जनवरी 2020 को बिजली विभाग चंदौसी के जेई की ओर से सामग्री निर्गमन हेतु प्राधिकार पत्र पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड मुरादाबाद के सहायक भंडारी अमित कुमार के नाम पर पत्र जारी किया गया। इसमें किसान चंद्रपाल सिंह को निजी नलकूप का सामान उपलब्ध दिलाने की बात कही गई।
इसके बाद वह मुरादाबाद बिजली कार्यालय में नलकूप का सामान लेने गए। वहां उनका नाम ऑनलाइन सूची में शामिल न होने की बात कहकर वापस भेज दिया। वह चंदौसी पहुंचे तो वहां शुल्क की रसीद कटी होने की बात कहकर मुरादाबाद भेज दिया। तब से वह मुरादाबाद व चंदौसी बिजली कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। अभी तक उन्हें सामान नहीं मिल पाया है। विभागीय अधिकारियों के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी, एसडीओ, जेई ने इन किसानों की रसीद को ऑनलाइन नहीं किया। जिस कारण इन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। जिम्मेदारों का कहना है कि मामले जांच करा रहे हैं। किसानों की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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मामला मेरे संज्ञान में आया है। जिले में सामान्य योजना में शामिल 182 किसान ऐसे हैं, जिन्हें अभी सामान नहीं मिला है। इनके शुल्क की रसीद ऑनलाइन नहीं है। यह विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से हुआ है। मामले की जांच कराई जाएगी। साथ ही किसानों की समस्या का जल्द ही समाधान कराया जाएगा।
अनिल कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता विद्युत, संभल
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सामान्य नलकूप योजना के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों में करीब 800 से अधिक किसानों का चयन हुआ था। इसमें से पिछले साल के 182 किसान ऐसे हैं जिनकी शुल्क रसीद कट जाने के बावजूद योजना का लाभ नहीं है। इनमें से एक हैं चंदौसी क्षेत्र के गांव घोसीपुर निवासी किसान चंद्रपाल सिंह। इन्हेंने बिजली विभाग में 25 जनवरी 2018 को निजी नलकूप कनेक्शन के लिए सामान्य योजना के अंतर्गत आवेदन किया था। सामान्य योजना में चयन के बाद उनके कनेक्शन का विभाग ने 19 हजार 370 रुपये का स्टीमेट बनाया। किसान ने आठ अप्रैल 2019 को स्टीमेट की धनराशि बिजली विभाग के चंदौसी कार्यालय में जमा कर दी और शुल्क की रसीद भी प्राप्त कर ली। 25 जनवरी 2020 को बिजली विभाग चंदौसी के जेई की ओर से सामग्री निर्गमन हेतु प्राधिकार पत्र पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड मुरादाबाद के सहायक भंडारी अमित कुमार के नाम पर पत्र जारी किया गया। इसमें किसान चंद्रपाल सिंह को निजी नलकूप का सामान उपलब्ध दिलाने की बात कही गई।
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इसके बाद वह मुरादाबाद बिजली कार्यालय में नलकूप का सामान लेने गए। वहां उनका नाम ऑनलाइन सूची में शामिल न होने की बात कहकर वापस भेज दिया। वह चंदौसी पहुंचे तो वहां शुल्क की रसीद कटी होने की बात कहकर मुरादाबाद भेज दिया। तब से वह मुरादाबाद व चंदौसी बिजली कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। अभी तक उन्हें सामान नहीं मिल पाया है। विभागीय अधिकारियों के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी, एसडीओ, जेई ने इन किसानों की रसीद को ऑनलाइन नहीं किया। जिस कारण इन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। जिम्मेदारों का कहना है कि मामले जांच करा रहे हैं। किसानों की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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मामला मेरे संज्ञान में आया है। जिले में सामान्य योजना में शामिल 182 किसान ऐसे हैं, जिन्हें अभी सामान नहीं मिला है। इनके शुल्क की रसीद ऑनलाइन नहीं है। यह विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से हुआ है। मामले की जांच कराई जाएगी। साथ ही किसानों की समस्या का जल्द ही समाधान कराया जाएगा।
अनिल कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता विद्युत, संभल