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Sambhal News: सैटेलाइट से हो रही निगरानी पराली जलाने पर होगा जुर्माना
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संभल। वायु प्रदूषण पर रोकथाम को लेकर डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया सख्त हो गए हैं। उन्होंने प्रधानों को पत्र जारी करके पराली न जलाने की सख्त हिदायत दी है। इसके लिए जागरूकता फैलाने और बैठकें करने का निर्देश दिया है। मालूम हो कि, खेत में अवशेष जलाने की निगरानी सैटेलाइट से की जा रही है। ऐसे में कुछ भी जलाया तो जुर्माना देना होगा।
दरअसल, शासन की ओर से फरमान है कि खेतों में किसी भी दशा में कुछ भी न जलाया जाए, बल्कि पराली वगैरह की मिट्टी में पटाई कर दी जाए, ताकि वह खाद में तब्दील हो जाए। खेतों में फसलों के अवशेष व अन्य चीजों के जलाने से वायु प्रदूषण फैलता है, जो कि वातावरण के लिए ठीक नहीं है। साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। इसको गंभीरता से रोका जाए।
शासन की सख्ती के बाद कृषि व राजस्व विभाग हरकत में आ चुके हैं। निगरानी के लिए बकायदे सैटेलाइट की सहायता ली जा रही है। दावा किया जा रहा है जिले के किसी भी क्षेत्र के खेतों में कुछ भी जलाने पर अक्षांश व देशांतर के जरिए पता लगाया जा सकता है। बीते वर्ष तक खेतों में पराली जलाने पर रोक थी। लेकिन, इस बार तय किया गया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि खेतों में पराली के अलावा कूड़ा वगैरह कुछ भी न जलने पाए।
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कृषि उप निदेशक अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सैटेलाइट से निगरानी की जा रही है।
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दरअसल, शासन की ओर से फरमान है कि खेतों में किसी भी दशा में कुछ भी न जलाया जाए, बल्कि पराली वगैरह की मिट्टी में पटाई कर दी जाए, ताकि वह खाद में तब्दील हो जाए। खेतों में फसलों के अवशेष व अन्य चीजों के जलाने से वायु प्रदूषण फैलता है, जो कि वातावरण के लिए ठीक नहीं है। साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। इसको गंभीरता से रोका जाए।
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शासन की सख्ती के बाद कृषि व राजस्व विभाग हरकत में आ चुके हैं। निगरानी के लिए बकायदे सैटेलाइट की सहायता ली जा रही है। दावा किया जा रहा है जिले के किसी भी क्षेत्र के खेतों में कुछ भी जलाने पर अक्षांश व देशांतर के जरिए पता लगाया जा सकता है। बीते वर्ष तक खेतों में पराली जलाने पर रोक थी। लेकिन, इस बार तय किया गया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि खेतों में पराली के अलावा कूड़ा वगैरह कुछ भी न जलने पाए।
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कृषि उप निदेशक अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सैटेलाइट से निगरानी की जा रही है।