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सरकार की नीतियों के खिलाफ संभल में गरजे सपाई
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संभल के चंदौसी चौराहे पर सपाइयों के आने के दौरान अधिकारी व्यवस्था कराते हुए।
- फोटो : SAMBHAL
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संभल। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के खिलाफ सोमवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने तीखे तेवर दिखाए। प्रशासन और पुलिस के तमाम बंदोबस्त के बीच सपाइयों ने सड़क पर प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे।
शहर विधायक नवाब इकबाल महमूद के निवास पर क्षेत्र के तमाम सपा कार्यकर्ता एकत्र हुए। मिया सराय स्थित उनके निवास से जुलूस की शक्ल में विद्युत विभाग कार्यालय के पास सिटी मार्ट पहुंचे, जहां पर अपर जिलाधिकारी केके अवस्थी को ज्ञापन सौंपा गया। युवा नेता सुहेल इकबाल, चौधरी मोहम्मद नदीम, मोहम्मद कामिल, सईद अख्तर इसराइली, हाजी रिजवान, यावर फराज, नेता हबीब, उवैस प्रधान आदि साथ रहे। जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी पहले नवाब इकबाल महमूद के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने युवा नेता जियाउर्रहमान बर्क के नेतृत्व में आयोजित विरोध प्रदर्शन में भागीदारी की।
चंदौसी चौराहे पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव पहुंचे। ज्ञापन लिया। दीपा सराय से वह जुलूस की शक्ल में चंदौसी चौराहे तक पहुंचे थे। चंदौसी चौराहे पर सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खां, जमाल एडवोकेट, रजी उर्रहमान, नूर मोहम्मद भी शामिल हुए। विधायक पिंकी यादव के पति प्रमोद यादव दोनों स्थानों पर ज्ञापन देने वालों मे शामिल रहे। बेरोजगरी, गरीबी, बिजली और महिला उत्पीड़न के साथ किसानों के मुद्दे उठाए गए।
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सपा की सियासत में नजर आई खेमेबंदी, अलग-अलग प्रदर्शन
संभल। भले ही पार्टी नेतृत्व एकता के तमाम संदेश दे चुका हो पर संभल में सपा की सियासत के दो खेमे साफ नजर आए। एक ओर नवाब इकबाल महमूद और उनके समर्थक प्रदर्शन कर रहे थे तो उससे कुछ ही दूरी पर युवा नेता जियाउर्रहमान बर्क के नेतृत्व में प्रदर्शन चल रहा था। पार्टी के दोनों खेमों में संतुलन बनाए रखने का प्रयास कर रहे सपा जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी दोनों विरोध प्रदर्शनों में शामिल हुए। तमाम कार्यकर्ता ऐसे थे जो दोनों तरफ नजर आए।
वहीं जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी ने कहा कि उनकी जियाउर्रहमान बर्क और नवाब इकबाल महमूद से अलग-अलग वार्ता हुई थी और हाइडिल के बाहर एकत्र होकर सभी को तहसील पर एक साथ ज्ञापन देना था लेकिन पुलिस ने जियाउर्रहमान बर्क को चंदौसी चौराहे से हाइडिल की ओर आगे नहीं बढ़ने दिया। अगर पुलिस न रोकती तो एक ही स्थान पर सपाई ज्ञापन देते। इससे संगठन की एकता भी नजर आती।
सुबह से मुस्तैद हो गई थी पुलिस
संभल। दीपा सराय में नखासा थाने की पुलिस सुबह आठ बजे से ही मुस्तैद हो गई थी जबकि दिन में 11 बजे से उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव और पुलिस क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ विद्युत सब स्टेशन के पास अपनी गाड़ी में खड़े सपाइयों का इंतजार कर रहे थे। कई थानों की पुलिस यहां तैनात थी।
सपाई आए तो उन्हें जाम लगाने से रोकने का पूरा इंतजाम यहां दिखाई पड़ा। संवेदनशीलता के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक खुद भी संभल पहुंचे थे। वह कोतवाली में मौजूद रहे और पल-पल की खबर लेते रहे।
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शहर विधायक नवाब इकबाल महमूद के निवास पर क्षेत्र के तमाम सपा कार्यकर्ता एकत्र हुए। मिया सराय स्थित उनके निवास से जुलूस की शक्ल में विद्युत विभाग कार्यालय के पास सिटी मार्ट पहुंचे, जहां पर अपर जिलाधिकारी केके अवस्थी को ज्ञापन सौंपा गया। युवा नेता सुहेल इकबाल, चौधरी मोहम्मद नदीम, मोहम्मद कामिल, सईद अख्तर इसराइली, हाजी रिजवान, यावर फराज, नेता हबीब, उवैस प्रधान आदि साथ रहे। जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी पहले नवाब इकबाल महमूद के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने युवा नेता जियाउर्रहमान बर्क के नेतृत्व में आयोजित विरोध प्रदर्शन में भागीदारी की।
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चंदौसी चौराहे पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव पहुंचे। ज्ञापन लिया। दीपा सराय से वह जुलूस की शक्ल में चंदौसी चौराहे तक पहुंचे थे। चंदौसी चौराहे पर सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खां, जमाल एडवोकेट, रजी उर्रहमान, नूर मोहम्मद भी शामिल हुए। विधायक पिंकी यादव के पति प्रमोद यादव दोनों स्थानों पर ज्ञापन देने वालों मे शामिल रहे। बेरोजगरी, गरीबी, बिजली और महिला उत्पीड़न के साथ किसानों के मुद्दे उठाए गए।
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सपा की सियासत में नजर आई खेमेबंदी, अलग-अलग प्रदर्शन
संभल। भले ही पार्टी नेतृत्व एकता के तमाम संदेश दे चुका हो पर संभल में सपा की सियासत के दो खेमे साफ नजर आए। एक ओर नवाब इकबाल महमूद और उनके समर्थक प्रदर्शन कर रहे थे तो उससे कुछ ही दूरी पर युवा नेता जियाउर्रहमान बर्क के नेतृत्व में प्रदर्शन चल रहा था। पार्टी के दोनों खेमों में संतुलन बनाए रखने का प्रयास कर रहे सपा जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी दोनों विरोध प्रदर्शनों में शामिल हुए। तमाम कार्यकर्ता ऐसे थे जो दोनों तरफ नजर आए।
वहीं जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी ने कहा कि उनकी जियाउर्रहमान बर्क और नवाब इकबाल महमूद से अलग-अलग वार्ता हुई थी और हाइडिल के बाहर एकत्र होकर सभी को तहसील पर एक साथ ज्ञापन देना था लेकिन पुलिस ने जियाउर्रहमान बर्क को चंदौसी चौराहे से हाइडिल की ओर आगे नहीं बढ़ने दिया। अगर पुलिस न रोकती तो एक ही स्थान पर सपाई ज्ञापन देते। इससे संगठन की एकता भी नजर आती।
सुबह से मुस्तैद हो गई थी पुलिस
संभल। दीपा सराय में नखासा थाने की पुलिस सुबह आठ बजे से ही मुस्तैद हो गई थी जबकि दिन में 11 बजे से उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव और पुलिस क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ विद्युत सब स्टेशन के पास अपनी गाड़ी में खड़े सपाइयों का इंतजार कर रहे थे। कई थानों की पुलिस यहां तैनात थी।
सपाई आए तो उन्हें जाम लगाने से रोकने का पूरा इंतजाम यहां दिखाई पड़ा। संवेदनशीलता के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक खुद भी संभल पहुंचे थे। वह कोतवाली में मौजूद रहे और पल-पल की खबर लेते रहे।