संभल हिंसा: विदेशी कारतूस व खोखे की बैलिस्टिक रिपोर्ट का इंतजार, आरोपियों की याचिकाओं की 15 फरवरी को सुनवाई
संभल जामा मस्जिद बवाल में उपद्रवियों ने अमेरिका और पाकिस्तान निर्मित विदेशी कारतूस चलाए थे। पुलिस ने मिले कारतूसों की जांच बैलिस्टिक विशेषज्ञों को भेजी है। पुलिस को अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
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जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में उपद्रवियों के द्वारा अलग-अलग बोर के विदेशी कारतूस चलाए गए थे। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस को छानबीन में अमेरिका और पाकिस्तान निर्मित कारतूस और खोखे मिले थे। बैलिस्टिक विशेषज्ञों से इन कारतूस और खोखे की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। एसपी केके विश्नोई का कहना है कि जांच रिपोर्ट को बवाल की चल रही विवेचना में शामिल किया जाएगा।
24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद का सर्वे करने पहुंची टीम को लेकर भीड़ उग्र हो गई थी। जामा मस्जिद के नजदीक पुलिस पर पत्थरबाजी और फायरिंग की थी। साथ ही कई वाहनों को फूंक दिया गया था। इसके बाद नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा में भी भीड़ ने उपद्रव किया था। जामा मस्जिद के नजदीक विदेशी कारतूस भी उपद्रवियों ने चलाए थे।
बवाल के बाद पुलिस को छानबीन के दौरान 9एमएम, 7.65 एमएम, 32 और 12 बोर के कारतूस मिले थे। यह पाकिस्तान और अमेरिका निर्मित कारतूस थे। कारतूस और खोखे जांच के लिए विशेषज्ञों को भेजे हैं। बैलिस्टिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट को पुलिस विवेचना में शामिल करेगी।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि अभी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। विवेचना तेजी से पूरी कराई जा रही है। जो भी विशेषज्ञों की रिपोर्ट मिलेगी उन रिपोर्ट को विवेचना में शामिल किया जाएगा। मालूम हो बवाल के मामले में 73 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। जिसमें चार महिलाएं भी शामिल हैं।
17 जमानत याचिकाओं पर तारीख बढ़ाने की मांग
बृहस्पतिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्भय नारायण राय के न्यायालय में संभल बवाल के 17 जमानत के प्रार्थनापत्रों पर अगली सुनवाई के लिए 15 फरवरी की तिथि नियत की गई है। सभी आरोपियों के अधिवक्ताओं ने जमानत प्रार्थनापत्रों पर तैयारी न हो पाने का आधार लेकर तारीख बढ़ाने का प्रार्थनापत्र न्यायालय में दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने बताया कि बृहस्पतिवार को कोतवाली संभल क्षेत्र के आरोपी नईम, मो. अजीम, आफताब, आमिर, रिहान, समीर, मो. सलीम, नदीम, फैजान, सजाउद्दीन उर्फ सज्जू, याकूब, दानिश, फैजान आलम, गुलफाम व नईम के प्रार्थनापत्रों पर उनके अधिवक्ता द्वारा जमानत की सुनवाई पर तिथि बढ़ाने का प्रार्थनापत्र आया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने विरोध करते हुए कहा कि प्रार्थनापत्रों पर सुनवाई से अधिवक्ता बहाने बना कर तिथि बढ़वा रहे हैं। जबकि 14 दिन के अंदर इन जमानत के प्रार्थनापत्रों पर सुनवाई होनी चाहिए। इसलिए इन प्रार्थनापत्रों पर सुनवाई के लिए अंतिम अवसर दिए जाने की न्यायालय से मांग की। न्यायालय ने 15 फरवरी जमानत प्रार्थनापत्रों पर सुनवाई के लिए नीयत कर दी।