संभल बवाल: सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल का नाम चार्जशीट से बाहर, एसपी बोले- नहीं मिले प्रमाण
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि बवाल के आरोपियों में शामिल सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल का नाम कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में नहीं है। इस मामले की जांच कर रही एसआईटी को विवेचना के दौरान सुहेल की भूमिका के प्रमाण नहीं मिले थे।
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जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क सहित 23 आरोपियों के खिलाफ बुधवार को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। बवाल में नामजद जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट को 23 मार्च को गिरफ्तार किया था। वह तब से जेल में हैं। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि बवाल के आरोपियों में शामिल सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल का नाम कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में नहीं है। इस मामले की जांच कर रही एसआईटी को विवेचना के दौरान सुहेल की भूमिका के प्रमाण नहीं मिले थे। विवेचना पूरी होने के बाद बुधवार को चंदौसी स्थित जिले की एमपी-एमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
संभल 24 नवंबर 2024 को उस वक्त हिंसा की चपेट में आया था, जिस समय जामा मस्जिद का सर्वे चल रहा था। यह सर्वे संभल की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर बताते हुए दाखिल की गई याचिका पर कोर्ट से जारी आदेश पर किया जा रहा था। बवाल में पांच लोगों की जान गई थी। एक का पोस्टमार्टम न होने से प्रशासन ने चार की मौत बताई थी। इस मामले में पुलिस ने संभल कोतवाली और नखासा थाने में 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। सांसद बर्क और सुहेल इकबाल के नाम वाले केस को बवाल का मुख्य मुकदमा बताया जा रहा था। सभी की जांच एसआईटी को सौंपी गई थी। 10 मुकदमों की चार्जशीट एसआईटी द्वारा पहले ही कोर्ट में दाखिल की जा चुकी है।
साटा गिरोह के तीन सदस्य भेजे जा चुके हैं जेल
बवाल के कुछ समय बाद पुलिस ने शारिक साटा गिरोह को हिंसा के दौरान की मौत का जिम्मेदार बताया था। शारिक साटा गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। उन चार हत्याओं के मामले की चार्जशीट पुलिस पहले ही दाखिल कर चुकी है।