Sambhal violence: सांसद बर्क आठ को SIT और एसपी 11 को आयोग के सामने दर्ज कराएंगे बयान, विधायक का बेटा भी आरोपी
संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल के मामले में भड़काऊ भाषण और साजिश रचने के आरोपों में फंसे सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क एसआईटी के सामने बयान दर्ज कराएंगे। इस केस में विधायक के बेटे और मस्जिद कमेटी के सदर समेत कई लोग आरोपी हैं।
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संभल बवाल से पहले भड़काऊ भाषण देने के आरोप में फंसे संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क आठ अप्रैल (मंगलवार) को एसआईटी के सामने अपने बयान दर्ज कराएंगे। एसआईटी ने सांसद को उनके दिल्ली स्थित आवास पर बीएनएसएस 35 के अंतर्गत नोटिस तामील कराया था।
सांसद के बयान दर्ज कराने के चलते पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहेगा। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि सांसद ने खुद आठ अप्रैल का समय बयान दर्ज कराने के लिए तय किया था। वह विवेचना में सहयोग करें। यही आग्रह विवेचक द्वारा किया गया है। टीम उनके दिल्ली स्थित आवास पर नोटिस तामील कराने के लिए पहुंची थी।
एसपी ने बताया कि 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान जो बवाल हुआ था। उसमें एक एफआईआर मुकदमा अपराध संख्या 335/24 में दर्ज हुई थी। जिसमें सांसद और विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल नामजद आरोपी हैं। अन्य अज्ञात आरोपी बनाए गए थे।
इस मुकदमे में जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट की भूमिका प्रकाश में आई तो उनकी गिरफ्तारी की गई थी। जामा मस्जिद सदर के खिलाफ बवाल की साजिश रचने और गंभीर अपराध में झूठे बयान देने के मामले में सबूत मिले थे। मालूम हो सांसद पर 22 नवंबर को भड़काऊ भाषण देने का आरोप है।
वहीं, दूसरी ओर विधायक के बेटे पर 24 नवंबर को बवाल के लिए भड़काने का आरोप लगा है। सांसद पर अब बवाल की साजिश रचने का भी आरोप लगा है।
11 को लखनऊ में बयान दर्ज कराएंगे एसपी
न्यायिक जांच आयोग के सामने एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई 11 अप्रैल को अपने बयान लखनऊ पहुंचकर दर्ज कराएंगे। बवाल से जुड़े जो भी साक्ष्य होंगे वह भी देंगे। इसके लिए न्यायिक जांच आयोग की ओर से एसपी को पत्र भेजा गया है। एसपी का कहना है कि उन्हें नोटिस नहीं मिला है लेकिन वह अपने बयान दर्ज कराने के लिए लखनऊ जाएंगे।
एसपी पर भी हिंदूपुरा खेड़ा में गोली चलाई गई थी। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जो अभी भी जेल में बंद है। न्यायिक जांच आयोग की ओर से संभल के अलग-अलग दौरे के दौरान सरकारी कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए थे। इसमें पुलिसकर्मी, जिला अस्पताल के कर्मचारी शामिल हैं।
इसके अलावा आम लोगों के भी लिखित बयान लिए जा चुके हैं। अब लखनऊ बुलाकर बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मालूम हो न्यायिक जांच आयोग में रिटायर्ड जज देवेंद्र अरोड़ा अध्यक्ष, पूर्व डीजीपी एके जैन और पूर्व आईएएस अमित मोहन प्रसाद सदस्य हैं।