Sambhal Update: 34 तीर्थ मिले... 34 और भी तलाशेगा प्रशासन, पालिका सभी को संवारेगी, यम तीर्थ का हुआ शिलान्यास
संभल में यम तीर्थ का शिलान्यास और पार्क का उद्घाटन राज्यमंत्री गुलाब देवी ने किया। प्रशासन ने 34 तीर्थ और 19 कूप की खोज कर उन्होंने संवारना शुरू कर दिया है। अतिक्रमण मुक्त यम तीर्थ को अब पुनर्विकसित किया जा रहा है।
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संभल का ऐतिहासिक महत्व के साथ ही धार्मिक महत्व भी प्राचीन काल से है। भगवान कल्कि का अवतरण संभल में होगा। इसका भी उल्लेख मिलता है। 68 तीर्थ और 19 कूप से घिरे इस संभल का आकार पुराणों में त्रिकोणीय बताया गया है। इसी महत्व और प्राचीनकाल के दौरान स्थापित किए गए तीर्थों की खोज में प्रशासन लगा है।
अभी तक प्रशासन को 34 तीर्थ स्थल मिल चुके हैं। अभी 34 तीर्थ मिलने बाकी है। 19 कूप सभी खोज लिए हैं। अब इन तीर्थ और कूप को संवारने की जिम्मेदारी पालिका की रहेगी। जो तीर्थ या कूप ग्रामीण इलाके में आते हैं उनको ग्राम पंचायत द्वारा संवारा जाएगा।
या अन्य किसी निधि से काम कराया जाएगा। ईओ पालिका मणिभूषण तिवारी ने बताया कि सभी तीर्थ जो पालिका क्षेत्र में आते हैं उनको संवारा जाएगा। कूप भी संवारने का काम किया जा रहा है।
यम तीर्थ के शिलान्यास संग राज्यमंत्री ने किया पार्क का उद्घाटन
प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने बृहस्पतिवार को डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई के साथ संभल के मोहल्ला हल्लूसराय में यम तीर्थ का विधिविधान के साथ शिलान्यास किया। इसके बाद पास में ही शहीद भगत सिंह की प्रतिमा का अनावरण कर चौधरी सराय पहुंचीं।
जहां पर नगर पालिका द्वारा बनाए गए पार्क का उद्घाटन किया। हल्लूसराय यम तीर्थ के शिलान्यास के मौके पर आचार्य पंडित शोभित शास्त्री, विशाल शर्मा आदि ने मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना कराई। इस दौरान क्षेमनाथ मंदिर के महंत दीनानाथ, परमेश्वरलाल सैनी, भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल, संजय सांख्यधर, मुकुल रस्तोगी, संजय गुप्ता पोली, राजेश्वरी त्यागी, राजेंद्र पाल, अजय शर्मा आदि रहे।
भाजपा नेता की शिकायत पर अतिक्रमण मुक्त हुआ था यमतीर्थ: वर्ष 2019 में कुछ लोगों ने यमतीर्थ की कुछ भूमि पर अतिक्रमण कर दिया था। जिससे परिक्रमा मार्ग बाधित हो गया था। इसकी शिकायत भाजपा नेता संजय सांख्यधर ने तत्कालीन एसडीएम दीपेंद्र यादव से की थी।
एसडीएम पर ईओ का भी चार्ज था। उन्होंने पालिका की टीम के साथ जाकर यमतीर्थ को अतिक्रमण मुक्त कराया था। उसके बाद से ही लगातार समय समय पर पूजा अर्चना हिंदू संगठनों द्वारा की जाती रही है। अब इसको पूरी तरह संवारा गया है।