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Sambhal: बहजोई के पूर्व पालिकाध्यक्ष पर गैंगस्टर, पुलिस ने किया गिरफ्तार, सरकारी जमीन पर किया था कब्जा
Tue, 05 Dec 2023 11:57 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
Published by: विमल शर्मा
Updated Tue, 05 Dec 2023 11:57 AM IST
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बहजोई के पूर्व पालिकाध्यक्ष रमेश चंद्र बादशाह
- फोटो : संवाद
बहजोई में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप में पहले से दर्ज मामलों को लेकर बहजोई कोतवाली पुलिस ने पूर्व पालिकाध्यक्ष रमेश चंद्र बादशाह, सेवानिवृत्त हो चुके चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जमील अहमद व उसकी पत्नी शाहजहां बेगम के खिलाफ गैंगस्टर में केस दर्ज किया है। साथ ही पूर्व पालिका अध्यक्ष को देर रात गिरफ्तार कर लिया गया।
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प्रभारी इंस्पेक्टर विद्युत गोयल ने बताया कि 5 अप्रैल 2022 को तत्कालीन तहसीलदार चंदौसी दीपक चौधरी की ओर से पूर्व पालिकाध्यक्ष, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और उसकी पत्नी के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसमें बताया था कि कूटरचित फर्जी रसीद तैयार कर गिरोहबंद होकर भू-माफिया के रूप में कार्य किया।
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गाटा संख्या 1069 राजस्व भवन के लिए सुरक्षित जमीन को हड़पने की कोशिश की गई। इसमें धोखाधड़ी, सरकारी जमीन को हड़पने की कोशिश करने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। बताया कि इसके अलावा 19 जनवरी 2023 को तत्कालीन ईओ ज्ञानेंद्र सिंह की ओर भी इसी तरह के जमीन कब्जाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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जिसमें बताया था कि षडयंत्रपूर्ण कूटरचना करते हुए सरकारी जमीन गाटा संख्या 681 बहजोई की बाहर चुंगी पर कब्जा करने की कोशिश की गई। इसमें भी पूर्व पालिकाध्यक्ष रमेश चंद्र बादशाह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और उसकी पत्नी आरोपी बनाए गए थे। इन्हीं दोनों मामलों के आधार पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
रमेश चंद्र बादशाह के खिलाफ नामित सभासद कन्हैय्या लाल पुत्र रामप्रकाश ने शिकायत जिलाधिकारी से की थी। इसके बाद ही चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया। समिति की जांच में जमीन कब्जाने के मामले सामने आए। समिति ने 31 अक्तूबर 2022 को जो रिपोर्ट दी उसमें स्पष्ट किया गया है कि सरकारी भूमि गाटा संख्या 681 रकबा 0.595 हेक्टेयर ग्राम बहजोई बाहर चुंगी पर कब्जा किया गया है।
इसके लिए रमेश चंद्र बादशाह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जमील अहमद और उसकी पत्नी शाहजहां की ओर से कूट रचना कर षड्यंत्र पूर्ण तरीके से कब्जा करने की कोशिश की गई है। नगर पालिका परिषद बहजोई के महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए सरकारी संपत्ति पर कब्जे की कोशिश कर अमानत में खयानत का मामला बना। इसके बाद ही रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
जून 2021 में सभासद जमीन कब्जा करने के मामले लेकर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तक पहुंचे थे। वहां भी सभासदों ने जमीन कब्जाने के मामले में कार्रवाई नहीं होने की बात कही थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था। हालांकि इसके बाद भी तत्काल कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई थी। उप मुख्यमंत्री से मिलने से पहले भी सभासद मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते रहे थे।
रमेश चंद्र बादशाह का बहजोई नगर पालिका परिषद में दो बार कार्यकाल रहा है। इसमें वर्ष 1995 से 2000 तक का पहला कार्यकाल रहा। दूसरा कार्यकाल वर्ष 2018 से 2023 तक रहा। वर्ष 2023 में भी चुनाव लड़े थे लेकिन हार का सामना करना पड़ा। रमेश चंद्र बादशाह अभी भी बसपा के सक्रिय नेता हैं।
सरकारी जमीनों पर कब्जा करने के मामले में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जमील अहमद और उसकी पत्नी शाहजहां को जेल भेज चुकी है। वह काफी समय जेल में रहे। हालांकि पूर्व पालिका अध्यक्ष की गिरफ्तारी दोनों मामलों में नहीं हो सकी थी। अब गैंगस्टर के मामले में गिरफ्तारी हुई है।