Sambhal: बच्चों के विवाद में दरी विक्रेता की पीट-पीटकर हत्या, अचानक पहुंचे हमलावर और परिजनों के सामने मार डाला
संभल के जिजौड़ा में बच्चों के विवाद के बाद दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। इससे गुस्साए एक पक्ष ने दूसरे के घर में जाकर हमला कर दिया। इसमें दरी विक्रेता की मौत हो गई। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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संभल जिले के गांव जिजौड़ा डांडा में बच्चों के विवाद के बाद भड़के एक पक्ष ने दरी विक्रेता शाकिर (47) की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है। अलीगढ़ की तहसील अतरौली के गांव दादो के मूल निवासी शाकिर की जिजौड़ा डांडा में ससुराल है। बीस साल से इसी गांव में रहते थे।
उनके साले अनवार ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम शाकिर के बच्चों का पड़ोस के बच्चों से विवाद हो गया था। कुछ लोगों ने बीच-बचाव करा दिया था। इसके बाद भी दूसरे पक्ष के लोगों ने शाकिर पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
हमलावरों के भागने पर शाकिर को निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां मृत घोषित कर दिया गया।रजपुरा थाने की पुलिस ने अनवार की तहरीर पर गांव के ही वारिस, इदरीश, मक्को, इन्ना और शरीफा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। एएसपी डॉ. श्रीश्चंद्र ने बताया कि एक आरोपी हिरासत में है। अन्य की तलाश की जा रही है।
अकेला कमाने वाला था शाकिर
शाकिर की मौत से बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। चार बेटियाें के अलावा दो बेटों की जिम्मेदारी शाकिर के कंधों पर थी। तीसरे और सबसे बड़े बेटे की शादी हो चुकी है। वह भी मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता है। शाकिर की हत्या से अन्य दो बेटों के सिर पर जिम्मेदारी आ गई है।
मृतक के साले अनवार ने बताया कि उनके जीजा करीब 20 वर्ष पहले अलीगढ़ की तहसील अतरौली अंतर्गत गांव दादो से आकर गांव जिजौड़ा में बस गए थे। मेहनत मजदूरी कर मकान भी गांव में बना लिया था। तीन बेटे और चार बेटियों के अलावा परिवार में पत्नी की जिम्मेदारी उठाते थे। कुछ समय पहले बेटे की शादी कर है।
वह भी मेहनत मजदूरी करता है। बताया कि पूरे परिवार की जिम्मेदारी शाकिर के कंधों पर थी। बच्चों के मामूली विवाद में शाकिर की पीटकर हत्या कर दी। अब परिवार के सामने आर्थिक संकट मंडराने की स्थिति है। चार बेटियों की शादी की जिम्मेदारी भाइयों के कंधो पर है।
घर के बाहर कर दिया हमला
गांव के लोगों ने बताया कि आरोपी पक्ष ने अचानक से आकर हमला किया। जिस समय हमला किया गया तब शाकिर अपने घर के बाहर खड़े हुए थे। इसी दौरान लाठी-डंडों से पीटा गया। ग्रामीणों के अनुसार आरोपी काफी देर तक पीटते रहे। जब काफी लोग एकत्र हुए तो आरोपी छोड़कर भागे। तब तक काफी देर हो चुकी थी। ग्रामीण भी शाकिर की मौत से गमगीन हैं क्योंकि वह भले व्यक्ति के तौर पर जाने जाते थे।