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जिला मुख्यालय के लिए लिया जमीनों का जायजा
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
Updated Wed, 21 Mar 2018 01:22 AM IST
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यूपी न्यूज
- फोटो : self
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उत्तर प्रदेश शासन की विशेष सचिव किंजल सिंह के दौरे के साथ ही जिला मुख्यालय को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। विशेष सचिव राजस्व किंजल सिंह ने मुरादाबाद के मंडलायुक्त राजेश कुमार सिंह और संभल के डीएम आनंद कुमार सिंह-एसपी रविशंकर छवि के साथ जिला मुख्यालय व सरकारी विभागों के दफ्तरों आदि के निर्माण के लिए जमीनों का जायजा लिया।
जमीनों के अधिग्रहण पर आने वाले खर्च का आंकलन किया। यह भी देखा कि पवांसा में जिस जमीन पर जिला मुख्यालय प्रस्तावित किया गया है वहां पर सड़कों की कनेक्टिविटी कैसी है। मौजूदा समय में क्या क्या अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध हैं।
विशेष सचिव किंजल सिंह ने मंगलवार को दोपहर बहजोई में रेलवे रोड स्थित जिलाधिकारी के शिविर कार्यालय में जिला मुख्यालय को लेकर चर्चा की। अपराह्न तीन बजे के करीब विशेष सचिव व मंडलायुक्त अधिकारियों के काफिले के साथ शिविर कार्यालय से रवाना हुए।
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अधिकारियों का काफिला मां भगवंतपुरवाली देवी मंदिर परिसर के निकट रुका और अधिकारियों ने रेलवे लाइन के निकट से बड़ा मैदान के आसपास का जायजा लिया। इसके बाद बहजोई-टिकटा मार्ग पर गांव आनंदपुर के निकट कुछ पल रुके। बाद में बहजोई के गांव घासीपुर में पहुंचकर अधिकारियों ने जमीनों की भौगोलिक स्थिति देखी।
मौका मुआयना कर हर पहलू को बारीकी से समझा। हल्का लेखपालों व तहसीलदार से मानचित्र में जमीनों की हकीकत जानी। इसके बाद पवांसा के गांव जंगलपुर व रहमापुर में अधिकारियों ने जमीनें देखीं।
बाद में सभी अधिकारी संभल होते हुए मुरादाबाद की ओर रवाना हो गए।
मुरादाबाद में मंडलायुक्त के यहां बैठक हुई जिसमें विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई है। बैठक में संभल के जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह व अपर जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव शामिल रहे। जबकि संभल जिले में प्रस्तावित मुख्यालय का दौरे करते समय उनके साथ संभल व चंदौसी के एसडीएम थे।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी थे। शासन की सचिव ने यह समझने का प्रयास कि पवांसा के प्रस्तावित स्थलों पर अगर जमीन अधिग्रहीत की गई तो उसकी कीमत क्या होगी। पवांसा के लिए सड़कों की कनेक्टिविटी कैसी है। रेलवे की सुविधाएं क्या हैं। चंदौसी, संभल और गुन्नौर की पवांसा से दूरी क्या है। उन्होंने यह भी समझा कि बहजोई में जहां पर मुख्यालय संचालित है। वहां की मौजूदा क्या स्थिति है।
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जमीनों के अधिग्रहण पर आने वाले खर्च का आंकलन किया। यह भी देखा कि पवांसा में जिस जमीन पर जिला मुख्यालय प्रस्तावित किया गया है वहां पर सड़कों की कनेक्टिविटी कैसी है। मौजूदा समय में क्या क्या अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध हैं।
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विशेष सचिव किंजल सिंह ने मंगलवार को दोपहर बहजोई में रेलवे रोड स्थित जिलाधिकारी के शिविर कार्यालय में जिला मुख्यालय को लेकर चर्चा की। अपराह्न तीन बजे के करीब विशेष सचिव व मंडलायुक्त अधिकारियों के काफिले के साथ शिविर कार्यालय से रवाना हुए।
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अधिकारियों का काफिला मां भगवंतपुरवाली देवी मंदिर परिसर के निकट रुका और अधिकारियों ने रेलवे लाइन के निकट से बड़ा मैदान के आसपास का जायजा लिया। इसके बाद बहजोई-टिकटा मार्ग पर गांव आनंदपुर के निकट कुछ पल रुके। बाद में बहजोई के गांव घासीपुर में पहुंचकर अधिकारियों ने जमीनों की भौगोलिक स्थिति देखी।
मौका मुआयना कर हर पहलू को बारीकी से समझा। हल्का लेखपालों व तहसीलदार से मानचित्र में जमीनों की हकीकत जानी। इसके बाद पवांसा के गांव जंगलपुर व रहमापुर में अधिकारियों ने जमीनें देखीं।
बाद में सभी अधिकारी संभल होते हुए मुरादाबाद की ओर रवाना हो गए।
मुरादाबाद में मंडलायुक्त के यहां बैठक हुई जिसमें विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई है। बैठक में संभल के जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह व अपर जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव शामिल रहे। जबकि संभल जिले में प्रस्तावित मुख्यालय का दौरे करते समय उनके साथ संभल व चंदौसी के एसडीएम थे।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी थे। शासन की सचिव ने यह समझने का प्रयास कि पवांसा के प्रस्तावित स्थलों पर अगर जमीन अधिग्रहीत की गई तो उसकी कीमत क्या होगी। पवांसा के लिए सड़कों की कनेक्टिविटी कैसी है। रेलवे की सुविधाएं क्या हैं। चंदौसी, संभल और गुन्नौर की पवांसा से दूरी क्या है। उन्होंने यह भी समझा कि बहजोई में जहां पर मुख्यालय संचालित है। वहां की मौजूदा क्या स्थिति है।