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संभल में कोरोना योद्धाओं को होटल से निकालने की हिमाकत महंगी पड़ी, रिपोर्ट दर्ज
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संभल। संभल में चिकित्साकर्मियों को निकालने के मामले में होटल मधुवन के मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। एफआईआर में आरोप है कि होटल मालिक ने नौ चिकित्साकर्मियों को होटल से गाली-गलौज कर निकाल दिया था। इसकी शिकायत चिकित्साकर्मियों ने स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों से की। कोतवाली पुलिस ने रविवार को देर रात चिकित्सक की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की है। दरअसल तीन चिकित्सक और छह स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी हकीम रईस मेडिकल कालेज में बने आइसोलेशन वार्ड और क्वारंटीन सेंटर में लगी हुई है।
प्रशासन की ओर से इन चिकित्साकर्मियों के ठहरने की व्यवस्था 15 अप्रैल से होटल मधुवन में की गई थी। चिकित्साकर्मियों के ठहरने के बाद से ही होटल मालिक लगातार मोहल्ले के लोगों में रोष होने का हवाला दे रहा था। साथ ही सत्ताधारी दल के लोगों के द्वारा विरोध करने का हवाला देने की बात कही थी। रविवार को होटल मालिक ने पानी की आपूर्ति बंद कर दी। जिसके बाद कुछ चिकित्सा कर्मियों को बिना नहाए ही ड्यूटी पर सुबह आठ बजे जाना पड़ा था।
एक चिकित्सक ने पानी खत्म होने की जानकारी होटल मालिक को दी तो मालिक ने मोहल्ले वालों में पनपे रोष का हवाला दिया और चिकित्सकों से होटल खाली करने के लिए कहा लेकिन जब चिकित्साकर्मियों ने जाने से इनकार किया तो गाली गलौज शुरू कर दी। इसके बाद चिकित्सा कर्मी निकल आए। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को अवगत कराया और देर रात डा. सचिन गौतम की ओर से कार्रवाई के लिए तहरीर दी गई। जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने होटल मधुवन के मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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इन धाराओं में दर्ज की गई है रिपोर्ट
चिकित्साकर्मियों को होटल से निकालने वाले मालिक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 186, 505, 504 में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पुलिस पर कार्रवाई न करने का दबाव बना रहा
संभल। कोरोना योद्धाओं को गाली गलौज कर होटल से निकालने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई के लिए कदम बढ़ाए तो कुछ प्रभावशाली लोगों ने कार्रवाई न करने का दबाव बनाया। स्वास्थ्य कर्मियों में पनपे रोष के चलते स्वास्थ्य विभाग ने इस दबाव को मानने से इंकार कर दिया।
शाम को सात बजे करीब तहरीर दी गई। जब तहरीर लेकर चिकित्साकर्मी पुलिस तक पहुंचे तो पुलिस पर कार्रवाई न करने का दबाव शुरू हो गया। काफी जद्दोजहद के बाद देर रात करीब 11.30 बजे रिपोर्ट दर्ज की जा सकी। हालांकि पुलिस ने किसी भी तरह के दबाव से इनकार किया है।
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प्रशासन की ओर से इन चिकित्साकर्मियों के ठहरने की व्यवस्था 15 अप्रैल से होटल मधुवन में की गई थी। चिकित्साकर्मियों के ठहरने के बाद से ही होटल मालिक लगातार मोहल्ले के लोगों में रोष होने का हवाला दे रहा था। साथ ही सत्ताधारी दल के लोगों के द्वारा विरोध करने का हवाला देने की बात कही थी। रविवार को होटल मालिक ने पानी की आपूर्ति बंद कर दी। जिसके बाद कुछ चिकित्सा कर्मियों को बिना नहाए ही ड्यूटी पर सुबह आठ बजे जाना पड़ा था।
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एक चिकित्सक ने पानी खत्म होने की जानकारी होटल मालिक को दी तो मालिक ने मोहल्ले वालों में पनपे रोष का हवाला दिया और चिकित्सकों से होटल खाली करने के लिए कहा लेकिन जब चिकित्साकर्मियों ने जाने से इनकार किया तो गाली गलौज शुरू कर दी। इसके बाद चिकित्सा कर्मी निकल आए। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को अवगत कराया और देर रात डा. सचिन गौतम की ओर से कार्रवाई के लिए तहरीर दी गई। जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने होटल मधुवन के मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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इन धाराओं में दर्ज की गई है रिपोर्ट
चिकित्साकर्मियों को होटल से निकालने वाले मालिक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 186, 505, 504 में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पुलिस पर कार्रवाई न करने का दबाव बना रहा
संभल। कोरोना योद्धाओं को गाली गलौज कर होटल से निकालने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई के लिए कदम बढ़ाए तो कुछ प्रभावशाली लोगों ने कार्रवाई न करने का दबाव बनाया। स्वास्थ्य कर्मियों में पनपे रोष के चलते स्वास्थ्य विभाग ने इस दबाव को मानने से इंकार कर दिया।
शाम को सात बजे करीब तहरीर दी गई। जब तहरीर लेकर चिकित्साकर्मी पुलिस तक पहुंचे तो पुलिस पर कार्रवाई न करने का दबाव शुरू हो गया। काफी जद्दोजहद के बाद देर रात करीब 11.30 बजे रिपोर्ट दर्ज की जा सकी। हालांकि पुलिस ने किसी भी तरह के दबाव से इनकार किया है।