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पोस्टमार्टम के छह दिन बाद भी नहीं बनी रिपोर्ट, तीन डॉक्टरों पर केस
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संभल। संदिग्ध स्थितियों में हुई मौत का कारण जानने के लिए कराए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट छह दिन बाद भी तैयार न होने पर तीन चिकित्सकों व एक स्वास्थ्य कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से चारों भूमिगत हैं।
पुलिस के मुताबिक गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव अहरौला नवाबाबाद निवासी रामवीर सिंह (60) की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। शव पर चोट के निशान थे। मृतक के परिजनों ने मौत की सच्चाई जानने के लिए ही पोस्टमार्टम कराया था, लेकिन छह दिन बाद भी रिपोर्ट नहीं तैयार हो सकी। इसके चलते सीएमओ डा. अजय कुमार सक्सेना ने पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि 11 नवंबर की शाम गुन्नौर कोतवाली के एक सिपाही और होमगार्ड शव लेकर गांव बहापुर पट्टी स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। उस दिन पोस्टमार्टम हाउस पर संभल सीएचसी के प्रभारी डा. मनीष अरोड़ा की ड्यूटी थी। सीएमओ के मुताबिक पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मी (स्वीपर) ने हृदेश बताया कि बहजोई स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय पर तैनात डा. खिलेंद्र सक्सेना पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे और उन्होंने पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम किया था। इसके बाद सिपाही और होमगार्ड को शव सौंप दिया था। यही नहीं पोस्टमार्टम जिस दिन हुआ था, उसी रात को डा. सौबीर सिंह और डा. राजकिशोर भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। आरोप है कि डा. खिलेंद्र सक्सेना से बार बार पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगी गई, लेकिन उन्होंने नहीं दी। साथ ही फोन भी बंद कर लिया। घर से भी गायब हो गए जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट न होने के कारण विवेचना में विलंब हो रहा है।
सीएमओ की तहरीर पर पुलिस ने डा. खिलेंद्र सक्सेना, डा. राजकिशोर और डा. सौबीर सिंह के अलावा स्वास्थ्य कर्मी हृदेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से चारों भूमिगत हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
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पुलिस के मुताबिक गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव अहरौला नवाबाबाद निवासी रामवीर सिंह (60) की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। शव पर चोट के निशान थे। मृतक के परिजनों ने मौत की सच्चाई जानने के लिए ही पोस्टमार्टम कराया था, लेकिन छह दिन बाद भी रिपोर्ट नहीं तैयार हो सकी। इसके चलते सीएमओ डा. अजय कुमार सक्सेना ने पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि 11 नवंबर की शाम गुन्नौर कोतवाली के एक सिपाही और होमगार्ड शव लेकर गांव बहापुर पट्टी स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। उस दिन पोस्टमार्टम हाउस पर संभल सीएचसी के प्रभारी डा. मनीष अरोड़ा की ड्यूटी थी। सीएमओ के मुताबिक पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मी (स्वीपर) ने हृदेश बताया कि बहजोई स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय पर तैनात डा. खिलेंद्र सक्सेना पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे और उन्होंने पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम किया था। इसके बाद सिपाही और होमगार्ड को शव सौंप दिया था। यही नहीं पोस्टमार्टम जिस दिन हुआ था, उसी रात को डा. सौबीर सिंह और डा. राजकिशोर भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। आरोप है कि डा. खिलेंद्र सक्सेना से बार बार पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगी गई, लेकिन उन्होंने नहीं दी। साथ ही फोन भी बंद कर लिया। घर से भी गायब हो गए जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट न होने के कारण विवेचना में विलंब हो रहा है।
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सीएमओ की तहरीर पर पुलिस ने डा. खिलेंद्र सक्सेना, डा. राजकिशोर और डा. सौबीर सिंह के अलावा स्वास्थ्य कर्मी हृदेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से चारों भूमिगत हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
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