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सुबह ठंड में ठिठुरी जिंदगी, दोपहर में मिली राहत
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
Updated Fri, 15 Dec 2017 01:13 AM IST
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संभल में मूंगफली के ठेले पर सर्दी के दौरान आग ताप रहे कुछ लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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बदले मौसम ने दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। गुरुवार सुबह को कोहरे की धुंध और बढ़ी ठंड की वजह से लोग कंपकंपाते दिखे। हालांकि समय के साथ राहत भी मिल गई। मध्याह्न से कुछ पहले धूप निकली तो लोगों को राहत मिली। मगर शाम को फिर से सुबह जैसे हालात बन गए।
सर्दी का सितम बढ़ने की वजह से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। तीन दिन पहले रात के वक्त हुई बूंदाबांदी से एकाएक ठंड बढ़ी है। बुधवार को सुबह के वक्त कोहरा था तो गुरुवार सुबह को भी कोहरे की धुंध रही। इस हालात में लोग कंपकंपाते हुए घरों से निकले। स्कूली बच्चों को ज्यादा दिक्कतें हुईं।
भविष्य उज्जवल बनाने की खातिर ठंड के मौसम में ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। हालांकि दूसरे दिनों की तुलना में सरकारी और निजी स्कूलों में बच्चों की संख्या कुछ कम रही। लगभग 11 बजे सूर्यदेव ने दर्शन दिए और धूप निकलने लगी। इसी के साथ ठंड भी कम हुई। धूप के कारण लोग राहत महूसस करने लगे।
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दोपहर बाद शाम को हालात सुबह जैसे बनने लगे। बात शहर के बाजार की करें तो सुबह और शाम के वक्त कम लोग ही खरीदारी के लिए पहुंचे। इस बीच दुकानदारों को भी खाली बैठा देखा गया। दोपहर के वक्त जरूर ग्राहकों की आवाजाही ज्यादा रही।उधर चंदौसी मेंगुरुवार की सुबह भी काफी सर्द रही।
बुधवार को पूरे दिन सूर्य के दर्शन नहीं होने के कारण रातभर सर्दी और ठिठुरन अधिक रहा। गुरुवार की सुबह भी नौ बजे तक कोहरा छाया रहा। हालांकि दस बजे धूप निकली तो लोग बाहर निकले। बाजारों में रौनक दिखी। लोगों ने फील्ड में बैठकर धूप का लुत्फ लिया लेकिन शाम को एक बार फिर कड़ाके की सर्दी शुरू हो गई। घना कोहरा भी छाने लगा।
दो दिन पूर्व रात को बूंदाबांदी के बाद मौसम ने अपना मिजाज सर्द कर लिया था। बुधवार को दिनभर आसमान पर बादल छाए रहने के कारण पूरा दिन सर्द रहा। रात को ठिठुरन अधिक बढ गई। इसका सीधा प्रभाव यात्री वाहनों पर प़डा। रोडवेज बसें भी अधिकांशत: खाली ही चली, क्योंकि यात्री घरों से बाहर नहीं निकले।
जो बसें रात को चली, उनकी रफ्तार भी कोेहरे के कारण बाधित रही। गुरुवार को सुबह नौ बजे तक घना कोहरा छाया रहा लेकिन इसके बाद सूर्य की किरणे पहुंची तो लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद शाम तक धूप रही। जिससे स्कूल कालेजों में भी विद्यार्थी फील्ड में धूप सेंकते नजर आए तो लोगों ने भी अपनी छतों आदि पर धूप का आनंद लिया।
सर्दी का असर बाजारों पर भी दिखा, अधिकांश दुकानदार खाली ही बैठे नजर आए, क्योंकि बाहरी क्षेत्रों से लोगों बाजार नहीं पहुंच सके। सिर्फ शहरी ग्राहक ही आवश्यक कार्यो से बाजार पहुंचे। जिससे बाजार का कारोबार भी प्रभावित रहा। हालांकि किसानों के लिए सर्द मौसम सौगात लेकर आया है, किसानों का कहना हैकि इस समय हल्की बरसात व कड़ाके की सर्दी गेहूं आदि फसलों के लिए वरदान साबित हो रही है।
अधिकांश किसान गेहूं की बुबाई कर चुके हैं, कुछ कर भी रहे हैं। खेतों में गेहूं जम रहा है, जिसके लिए मौसम अनुकूल है। जिला प्रशासन ने स्थानीय निकायों को पिछले साल की व्यवस्था के अनुसार अलाव जलाने के आदेश दिए थे लेकिन स्थानीय निकायों ने कुछ चुनिंदा स्थानों पर ही अलाव जलाए हैं।
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सर्दी का सितम बढ़ने की वजह से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। तीन दिन पहले रात के वक्त हुई बूंदाबांदी से एकाएक ठंड बढ़ी है। बुधवार को सुबह के वक्त कोहरा था तो गुरुवार सुबह को भी कोहरे की धुंध रही। इस हालात में लोग कंपकंपाते हुए घरों से निकले। स्कूली बच्चों को ज्यादा दिक्कतें हुईं।
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भविष्य उज्जवल बनाने की खातिर ठंड के मौसम में ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। हालांकि दूसरे दिनों की तुलना में सरकारी और निजी स्कूलों में बच्चों की संख्या कुछ कम रही। लगभग 11 बजे सूर्यदेव ने दर्शन दिए और धूप निकलने लगी। इसी के साथ ठंड भी कम हुई। धूप के कारण लोग राहत महूसस करने लगे।
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दोपहर बाद शाम को हालात सुबह जैसे बनने लगे। बात शहर के बाजार की करें तो सुबह और शाम के वक्त कम लोग ही खरीदारी के लिए पहुंचे। इस बीच दुकानदारों को भी खाली बैठा देखा गया। दोपहर के वक्त जरूर ग्राहकों की आवाजाही ज्यादा रही।उधर चंदौसी मेंगुरुवार की सुबह भी काफी सर्द रही।
बुधवार को पूरे दिन सूर्य के दर्शन नहीं होने के कारण रातभर सर्दी और ठिठुरन अधिक रहा। गुरुवार की सुबह भी नौ बजे तक कोहरा छाया रहा। हालांकि दस बजे धूप निकली तो लोग बाहर निकले। बाजारों में रौनक दिखी। लोगों ने फील्ड में बैठकर धूप का लुत्फ लिया लेकिन शाम को एक बार फिर कड़ाके की सर्दी शुरू हो गई। घना कोहरा भी छाने लगा।
दो दिन पूर्व रात को बूंदाबांदी के बाद मौसम ने अपना मिजाज सर्द कर लिया था। बुधवार को दिनभर आसमान पर बादल छाए रहने के कारण पूरा दिन सर्द रहा। रात को ठिठुरन अधिक बढ गई। इसका सीधा प्रभाव यात्री वाहनों पर प़डा। रोडवेज बसें भी अधिकांशत: खाली ही चली, क्योंकि यात्री घरों से बाहर नहीं निकले।
जो बसें रात को चली, उनकी रफ्तार भी कोेहरे के कारण बाधित रही। गुरुवार को सुबह नौ बजे तक घना कोहरा छाया रहा लेकिन इसके बाद सूर्य की किरणे पहुंची तो लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद शाम तक धूप रही। जिससे स्कूल कालेजों में भी विद्यार्थी फील्ड में धूप सेंकते नजर आए तो लोगों ने भी अपनी छतों आदि पर धूप का आनंद लिया।
सर्दी का असर बाजारों पर भी दिखा, अधिकांश दुकानदार खाली ही बैठे नजर आए, क्योंकि बाहरी क्षेत्रों से लोगों बाजार नहीं पहुंच सके। सिर्फ शहरी ग्राहक ही आवश्यक कार्यो से बाजार पहुंचे। जिससे बाजार का कारोबार भी प्रभावित रहा। हालांकि किसानों के लिए सर्द मौसम सौगात लेकर आया है, किसानों का कहना हैकि इस समय हल्की बरसात व कड़ाके की सर्दी गेहूं आदि फसलों के लिए वरदान साबित हो रही है।
अधिकांश किसान गेहूं की बुबाई कर चुके हैं, कुछ कर भी रहे हैं। खेतों में गेहूं जम रहा है, जिसके लिए मौसम अनुकूल है। जिला प्रशासन ने स्थानीय निकायों को पिछले साल की व्यवस्था के अनुसार अलाव जलाने के आदेश दिए थे लेकिन स्थानीय निकायों ने कुछ चुनिंदा स्थानों पर ही अलाव जलाए हैं।