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कार्डधारकों से अंगूठे के निशान लगवाए पर वितरण नहीं किया
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संभल। बैटला गांव में राशन कार्ड धारकों को खाद्यान्न का वितरण किए बिना ही कोटेदार ने अंगूठे लगवा लिए। जब 15 मार्च तक खाद्यान्न का वितरण नहीं किया गया तो कार्ड धारकों का धैर्य जवाब दे गया। कुछ लोगों ने जिला पूूर्ति अधिकारी से शिकायत कर दी।
जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी के आदेश पर 16 मार्च को जब जांच टीम गांव पहुंचने को हुई तो कोटेदार को भनक लग गई। कोटेदार महेश ने उससे पहले ही वितरण शुरू कर दिया। जांच टीम ने अपने सामने वितरण देखा। गांव के लोगों ने जांच टीम को बताया कि 5 से 10 मार्च के बीच अधिकतर कार्डधारकों से पॉश मशीन में अंगूठे के निशान ले लिए गए थे। नियमत: पॉश मशीन पर अंगूठे तभी लगवाए जाते हैं जब वितरण कर दिया जाए। जांच टीम में पवांसा के आपूर्ति निरीक्षक दीपक श्रीवास्तव व लिपिक गुरुदत्त थे। दोनों ने कार्डधारकों के बयान लिए। इसके बाद स्टॉक देखा और कोटेदार महेश का पक्ष सुना तब स्थिति साफ हुई कि अंगूठे का निशान लगवाने के बाद भी वितरण नहीं किया गया है। स्टॉक पूरा पाया गया। आपूर्ति निरीक्षक ने बताया कि स्टाक पूरा था लेकिन अंगूठे के निशान पहले लगवाना अनियमितता की श्रेणी में है। इसलिए आख्या जिला आपूर्ति अधिकारी को भेजी जा रही है ताकि कार्रवाई हो सके।
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जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी के आदेश पर 16 मार्च को जब जांच टीम गांव पहुंचने को हुई तो कोटेदार को भनक लग गई। कोटेदार महेश ने उससे पहले ही वितरण शुरू कर दिया। जांच टीम ने अपने सामने वितरण देखा। गांव के लोगों ने जांच टीम को बताया कि 5 से 10 मार्च के बीच अधिकतर कार्डधारकों से पॉश मशीन में अंगूठे के निशान ले लिए गए थे। नियमत: पॉश मशीन पर अंगूठे तभी लगवाए जाते हैं जब वितरण कर दिया जाए। जांच टीम में पवांसा के आपूर्ति निरीक्षक दीपक श्रीवास्तव व लिपिक गुरुदत्त थे। दोनों ने कार्डधारकों के बयान लिए। इसके बाद स्टॉक देखा और कोटेदार महेश का पक्ष सुना तब स्थिति साफ हुई कि अंगूठे का निशान लगवाने के बाद भी वितरण नहीं किया गया है। स्टॉक पूरा पाया गया। आपूर्ति निरीक्षक ने बताया कि स्टाक पूरा था लेकिन अंगूठे के निशान पहले लगवाना अनियमितता की श्रेणी में है। इसलिए आख्या जिला आपूर्ति अधिकारी को भेजी जा रही है ताकि कार्रवाई हो सके।
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