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सीएचसी में नहीं रेडियोलॉजिस्ट, टेक्नीशियन कर रहे एक्सरे
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चंदौसी। संभावित कोरोना की तीसरी लहर से जंग के लिए स्वास्थ्य विभाग तरह-तरह के दावे कर रहा है तथा संसाधन जुटा रहा है, पर विभाग के पास मानव संसाधनों की कमी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नौ विशेषज्ञ चिकित्सकों के सापेक्ष मात्र दो विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट नहीं है, उसके स्थान पर टेक्नीशियन एक्सरे कर रहा है। ओटी का आज तक ताला नहीं खुला है। चिकित्सकों के अभाव में सीएचसी में मरीजों का मात्र सामान्य बीमारियों का उपचार हो रहा है। गंभीर बीमार अथवा ऑपरेशन वाले मरीजों को अस्पताल से पर्चा बनाकर रेफर कर दिया जाता है।
चंदौसी सामुुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव है। अभी भी करीब 400 मरीजों की रोजाना ओपीडी होती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सर्जन/आर्थोपेडिक सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट/पैथोलॉजिस्ट, फिजीशियन, आई सर्जन/दंत रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, आर्थोपेडिक सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ व चार एमबीबीएस चिकित्सक होने चाहिए। इनमें से सीएचसी चंदौसी पर मात्र एक सर्जन, एक दंत रोष विशेषज्ञ, पांच एमबीबीएस चिकित्सक तैनात हैं।
फिजिशियन का कार्य भी एमबीसीएस चिकित्सक से लिया जा रहा है। अस्पताल में एक्स-रे और जांच की व्यवस्था है। पर हैरानी की बात यह है कि न तो रेडियोलॉजिस्ट है और न ही पैलॉजिस्ट। एक्स-रे सीएचसी में तैनात टेक्नीशियन कर रहा है। रोजाना 15 से 20 एक्स-रे हो जाते हैं। वही रिपोर्ट भी बनाकर देता है, जांच की व्यवस्था भी लैब टैक्नीशियन के हवाले है।
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विशेषज्ञ चिकित्सकों की विभाग के पास पूरे जिले में कमी है। सीएचसी पर बमुश्किल ही एक या दो विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। चिकित्सकों की उपलब्धता के लिए शासन को बार-बार पत्र लिखा जाता है, पर विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं मिल पा रहे हैं। एमबीबीएस चिकित्सकों से ही आवश्यक कार्य कराया जा रहा है।
डॉ. मनोज चौधरी, जिला सर्विलांस प्रभारी, संभल
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चंदौसी सामुुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव है। अभी भी करीब 400 मरीजों की रोजाना ओपीडी होती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सर्जन/आर्थोपेडिक सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट/पैथोलॉजिस्ट, फिजीशियन, आई सर्जन/दंत रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, आर्थोपेडिक सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ व चार एमबीबीएस चिकित्सक होने चाहिए। इनमें से सीएचसी चंदौसी पर मात्र एक सर्जन, एक दंत रोष विशेषज्ञ, पांच एमबीबीएस चिकित्सक तैनात हैं।
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फिजिशियन का कार्य भी एमबीसीएस चिकित्सक से लिया जा रहा है। अस्पताल में एक्स-रे और जांच की व्यवस्था है। पर हैरानी की बात यह है कि न तो रेडियोलॉजिस्ट है और न ही पैलॉजिस्ट। एक्स-रे सीएचसी में तैनात टेक्नीशियन कर रहा है। रोजाना 15 से 20 एक्स-रे हो जाते हैं। वही रिपोर्ट भी बनाकर देता है, जांच की व्यवस्था भी लैब टैक्नीशियन के हवाले है।
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विशेषज्ञ चिकित्सकों की विभाग के पास पूरे जिले में कमी है। सीएचसी पर बमुश्किल ही एक या दो विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। चिकित्सकों की उपलब्धता के लिए शासन को बार-बार पत्र लिखा जाता है, पर विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं मिल पा रहे हैं। एमबीबीएस चिकित्सकों से ही आवश्यक कार्य कराया जा रहा है।
डॉ. मनोज चौधरी, जिला सर्विलांस प्रभारी, संभल