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संभल में नागरिकता संशोधन कानून का व्यापक विरोध, खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, किया प्रदर्शन
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संभल के मुरादाबाद मार्ग स्थित मैदान में नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ आक्रोश जाहिर करते सपा कार्?
- फोटो : SAMBHAL
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संभल। संभल में मंगलवार को नागरिकता संशोधन कानून का व्यापक विरोध हुआ। निषेधाज्ञा लागू होने के बाद भी जुलूस निकाला गया। नगर पालिका मैदान में संक्षिप्त सभा हुई। इसके बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान संभल नगर में कड़ी चौकसी रही। पुलिस और प्रशासन ने निगरानी बनाए रखी। वहीं जिलाधिकारी के आदेश से संभल में इंटरनेट को बंद कर दिया गया।
सपा सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने सोमवार को नगर पालिका मैदान में सभा करके प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का एलान किया था। इसे लेकर प्रशासन पहले ही सतर्क हो गया था। डा. बर्क कोई बड़ा आयोजन न करें और अपने निवास से ही प्रशासन को ज्ञापन सौंप दें। यह बात उन्हें समझाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने सोमवार को देर रात तक डा. बर्क से फोन पर सीधी वार्ता की लेकिन बर्क प्रशासन के प्रस्ताव पर सहमत नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मंगलवार को नगर पालिका मैदान मेे एकत्र होकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के बारे में वह लोगों को पहले से इत्तिला दे चुके हैं।
इसलिए कार्यक्रम को बदलना संभव नहीं है पर शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें कोई दिक्कत किसी को नहीं आने दी जाएगी। इसके बाद प्रशासन ने अपनी एहतियाती तैयारी तेज कर दी और संभल में जगह जगह पुलिस बल, पीएसी और आरएएफ के जवानों की तैनाती कर दी है। मजिस्ट्रेट तथा पुलिस अधिकारियों को लगाया गया। साथ ही मंगलवार की सुबह से ही दीपासराय स्थित डा. बर्क के निवास के करीब पुलिस और प्रशासन की निगरानी बढ़ गई।
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दोपहर एक बजे प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत डा. बर्क अपने निवास से निकले। उनके साथ मौलाना ममलूकुर्रहमान बर्क, जियाउर्रमान बर्क उनके साथ थे। यह लोग अपनी गाड़ी से निकलते। इससे पहले दीपासराय में सैकड़ों युवा कानून के विरोध में नारेबाजी करते हुए उनके निवास पर एकत्र थे। युवाओं की भीड़ सांसद की गाड़ी के आगे जुलूस बनाकर निकली। उप जिलाधिकारी और पुलिस की एक गाड़ी सांसद की गाड़ी के पीछे थी।
जुलूस में देश बचाओ संविधान बचाओ और मोदी योगी-हाय हाय के नारे लग रहे थे। हिंदू-मुस्लिम एकता जिंदाबाद के नारे भी गूंज रहे थे। कुछ युवाओं के हाथ में तिरंगा था। वहीं तमाम युवा हरे झंडे और तख्तियां लिए हुए थे।
तख्तियों पर देश बचाओ-संविधान बचाओ, एनआरसी हटाओ के नारे लिखे हुए थे। नगर पालिका मैदान में दोपहर 1:30 बजे पहुंचे सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल काला कानून है। सरकार ने आंदोलनकारियों पर गोली और लाठी चलवाई है। उसका हम विरोध करते हैं। न्यायिक जांच की मांग करते हैं। उन्होंने उप जिलाधिकारी राजेश कुमार को अपना ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सपा के जिलाध्यक्ष फिरोज खां, मुफ्ती ए सिरसी आलम रजा खां नूरी, मुफ्ती ए संभल कारी अलाउद्दीन समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
‘मुस्लिम विरोधी है सरकार’
नागरिकता संशोधन बिल को लेकर चौतरफा विरोध हो रहा है। इसी क्रम में नगर विधायक नवाब इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर विरोध जताया है। मियां सराय स्थित विधायक आवास से शुरू हुए जुलूस में सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ नारेबाजी की। सरकार से बिल वापस लेने की मांग की गई। यह जुलूस चमन सराय होते हुए, अस्पताल चौराहा, शंकर चौराहा होते मुरादाबाद मार्ग स्थित बिजली घर के सामने वाले मैदान पर एक त्र हुए। उप जिलाधिकारी राजेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। सुहेल इकबाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि एनआरसी और सीएबी बिल मुस्लिमों के खिलाफ है। सरकार मुस्लिम विरोधी लगातार काम कर रही है।
सरकार का दोहरा रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके खिलाफ आवाज उठाएंगे और सरकार को यह बिल वापस लेना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांति से प्रदर्शन करने का आह्रवान किया। वहीं सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने कहा कि बिल को सरकार इसलिए लाई है कि जिससे मुस्लिमों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह देश सभी का है। देश की आजादी में सभी धर्म और जाति के लोगों ने कुर्बानियां दी हैं।
मौजूदा सरकार संविधान को नहीं मान रही है। इसलिए अपनी मनमानी कर रही है। उन्होंने सभी से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताने की अपील की। इस दौरान तमाम कार्यकर्ताओं ने हिन्दुस्तान जिंदाबाद और सरकार विरोधी नारेबाजी की। तिरंगे झंडे भी लहराए। वहीं एहतियाती तौर पर पुलिस बल काफी तैनात रहा। मुरादाबाद मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात पुलिस ने रोक दिया।
इंटरनेट ठप किया पर सोशल मीडिया पर नहीं लग सकी पूरी पाबंदी
संभल। भले ही प्रशासन ने संभल में मंगलवार को अग्रिम आदेशों तक इंटरनेट पर रोक लगाई हो पर इससे मकसद हल नहीं हो सका क्योंकि सोशल मीडिया पर लोगों के संदेश प्रसारित हो रहे थे। संभल जिले के संभल नगर में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के मद्देनजर जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने मंगलवार को बीएसएनएल और निजी दूर संचार कंपनियों की इंटरनेट सेवाओं को बंद करने का आदेश दिया।
आदेश के तहत सुबह से ही बीएसएनएल की ब्राडबैंड और इंटरनेट की दूसरी सेवाएं संभल नगर में बंद हो गईं। संभल और उससे जुड़े 20 एक्सचेंज और टावरों पर इंटरनेट के सिग्नल गायब हो गए। इसके साथ ही जिओ के सिग्नल चले गए पर आईडिया और एअरटेल की सेवाएं जारी रहीं।
इसे लेकर उप जिलाधिकारी और बीएसएनएल के उप खंड अधिकारी ने फालोअप किया। तब कहीं जाकर दिन में तीन बजे आईडिया और एअरटेल की सेवा बंद हुई तब पूरी तरह से सोशल मीडिया के संदेशों के प्रसारण पर रोक लग सकी। बीएसएनएल के उप खंड अधिकारी ने बताया कि अग्रिम आदेश तक इंटरनेट की सेवाओं पर रोक है। जिलाधिकारी ने बताया कि वह समीक्षा के बाद अगला आदेश जारी करेंगे।
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सपा सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने सोमवार को नगर पालिका मैदान में सभा करके प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का एलान किया था। इसे लेकर प्रशासन पहले ही सतर्क हो गया था। डा. बर्क कोई बड़ा आयोजन न करें और अपने निवास से ही प्रशासन को ज्ञापन सौंप दें। यह बात उन्हें समझाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने सोमवार को देर रात तक डा. बर्क से फोन पर सीधी वार्ता की लेकिन बर्क प्रशासन के प्रस्ताव पर सहमत नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मंगलवार को नगर पालिका मैदान मेे एकत्र होकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के बारे में वह लोगों को पहले से इत्तिला दे चुके हैं।
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इसलिए कार्यक्रम को बदलना संभव नहीं है पर शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें कोई दिक्कत किसी को नहीं आने दी जाएगी। इसके बाद प्रशासन ने अपनी एहतियाती तैयारी तेज कर दी और संभल में जगह जगह पुलिस बल, पीएसी और आरएएफ के जवानों की तैनाती कर दी है। मजिस्ट्रेट तथा पुलिस अधिकारियों को लगाया गया। साथ ही मंगलवार की सुबह से ही दीपासराय स्थित डा. बर्क के निवास के करीब पुलिस और प्रशासन की निगरानी बढ़ गई।
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दोपहर एक बजे प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत डा. बर्क अपने निवास से निकले। उनके साथ मौलाना ममलूकुर्रहमान बर्क, जियाउर्रमान बर्क उनके साथ थे। यह लोग अपनी गाड़ी से निकलते। इससे पहले दीपासराय में सैकड़ों युवा कानून के विरोध में नारेबाजी करते हुए उनके निवास पर एकत्र थे। युवाओं की भीड़ सांसद की गाड़ी के आगे जुलूस बनाकर निकली। उप जिलाधिकारी और पुलिस की एक गाड़ी सांसद की गाड़ी के पीछे थी।
जुलूस में देश बचाओ संविधान बचाओ और मोदी योगी-हाय हाय के नारे लग रहे थे। हिंदू-मुस्लिम एकता जिंदाबाद के नारे भी गूंज रहे थे। कुछ युवाओं के हाथ में तिरंगा था। वहीं तमाम युवा हरे झंडे और तख्तियां लिए हुए थे।
तख्तियों पर देश बचाओ-संविधान बचाओ, एनआरसी हटाओ के नारे लिखे हुए थे। नगर पालिका मैदान में दोपहर 1:30 बजे पहुंचे सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल काला कानून है। सरकार ने आंदोलनकारियों पर गोली और लाठी चलवाई है। उसका हम विरोध करते हैं। न्यायिक जांच की मांग करते हैं। उन्होंने उप जिलाधिकारी राजेश कुमार को अपना ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सपा के जिलाध्यक्ष फिरोज खां, मुफ्ती ए सिरसी आलम रजा खां नूरी, मुफ्ती ए संभल कारी अलाउद्दीन समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
‘मुस्लिम विरोधी है सरकार’
नागरिकता संशोधन बिल को लेकर चौतरफा विरोध हो रहा है। इसी क्रम में नगर विधायक नवाब इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर विरोध जताया है। मियां सराय स्थित विधायक आवास से शुरू हुए जुलूस में सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ नारेबाजी की। सरकार से बिल वापस लेने की मांग की गई। यह जुलूस चमन सराय होते हुए, अस्पताल चौराहा, शंकर चौराहा होते मुरादाबाद मार्ग स्थित बिजली घर के सामने वाले मैदान पर एक त्र हुए। उप जिलाधिकारी राजेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। सुहेल इकबाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि एनआरसी और सीएबी बिल मुस्लिमों के खिलाफ है। सरकार मुस्लिम विरोधी लगातार काम कर रही है।
सरकार का दोहरा रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके खिलाफ आवाज उठाएंगे और सरकार को यह बिल वापस लेना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांति से प्रदर्शन करने का आह्रवान किया। वहीं सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने कहा कि बिल को सरकार इसलिए लाई है कि जिससे मुस्लिमों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह देश सभी का है। देश की आजादी में सभी धर्म और जाति के लोगों ने कुर्बानियां दी हैं।
मौजूदा सरकार संविधान को नहीं मान रही है। इसलिए अपनी मनमानी कर रही है। उन्होंने सभी से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताने की अपील की। इस दौरान तमाम कार्यकर्ताओं ने हिन्दुस्तान जिंदाबाद और सरकार विरोधी नारेबाजी की। तिरंगे झंडे भी लहराए। वहीं एहतियाती तौर पर पुलिस बल काफी तैनात रहा। मुरादाबाद मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात पुलिस ने रोक दिया।
इंटरनेट ठप किया पर सोशल मीडिया पर नहीं लग सकी पूरी पाबंदी
संभल। भले ही प्रशासन ने संभल में मंगलवार को अग्रिम आदेशों तक इंटरनेट पर रोक लगाई हो पर इससे मकसद हल नहीं हो सका क्योंकि सोशल मीडिया पर लोगों के संदेश प्रसारित हो रहे थे। संभल जिले के संभल नगर में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के मद्देनजर जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने मंगलवार को बीएसएनएल और निजी दूर संचार कंपनियों की इंटरनेट सेवाओं को बंद करने का आदेश दिया।
आदेश के तहत सुबह से ही बीएसएनएल की ब्राडबैंड और इंटरनेट की दूसरी सेवाएं संभल नगर में बंद हो गईं। संभल और उससे जुड़े 20 एक्सचेंज और टावरों पर इंटरनेट के सिग्नल गायब हो गए। इसके साथ ही जिओ के सिग्नल चले गए पर आईडिया और एअरटेल की सेवाएं जारी रहीं।
इसे लेकर उप जिलाधिकारी और बीएसएनएल के उप खंड अधिकारी ने फालोअप किया। तब कहीं जाकर दिन में तीन बजे आईडिया और एअरटेल की सेवा बंद हुई तब पूरी तरह से सोशल मीडिया के संदेशों के प्रसारण पर रोक लग सकी। बीएसएनएल के उप खंड अधिकारी ने बताया कि अग्रिम आदेश तक इंटरनेट की सेवाओं पर रोक है। जिलाधिकारी ने बताया कि वह समीक्षा के बाद अगला आदेश जारी करेंगे।