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सीएए के खिलाफ धरने में अब ग्रामीण महिलाएं भी जुटीं
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संभल के पक्का बाग स्थित हुसैनी रोड पर धरने में शामिल महिलाएं।
- फोटो : SAMBHAL
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संभल। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ संभल के पक्का बाग स्थित हुसैनी रोड पर शाहीन बाग दिल्ली की तर्ज पर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। वे सीएए के खिलाफ हाथों में पोस्टर लिए हैं और सीएए को निरस्त करने की मांग को बुलंद कर रही हैं।
धरना पिछले शुक्रवार से चल रहा है। भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। धरने में अब आसपास के गांवों की महिलाएं भी शामिल हो रही हैं। संभल के पड़ोसी गांवों और शहर के विभिन्न मोहल्लों में दीपा सराय, मिया सराय, हिंदूपुरा खेड़ा गांवों में हसनपुर मुंजब्ता, नाहरठेर, नूरियो सराय, सरायतरीन समेत कई गांवों की महिलाओं ने आंदोलन में हिस्सेदारी की है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को समर्थन दिया है।
जनप्रतिनिधि भी आंदोलन स्थल पर पहुंचे हैं। अब रविवार को अजीत सिंह, शिव कुमार वाल्मीकि, जीत सिंह भारती, वीर सिंह भारती, राधा आदि ने धरना स्थल पर पहुुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
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इस मौके पर महिलाओं ने कहा कि जब तक सीएए वापस नहीं हो जाता है तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। सीएए को महिलाओं ने लोकतंत्र विरोधी करार दिया। इस बीच धरना स्थल के करीब पुलिस और प्रशासन की चौकसी रही। बड़ी संख्या में महिला पुलिस तैनात रही। नखासा थाने की पुलिस भी निगरानी बनाए हुए थी। कितनी भीड़ है और किसने किसने धरने को संबोधित किया है इसकी जानकारी भी अधिकारियों को भेजी गई है।
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धरना पिछले शुक्रवार से चल रहा है। भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। धरने में अब आसपास के गांवों की महिलाएं भी शामिल हो रही हैं। संभल के पड़ोसी गांवों और शहर के विभिन्न मोहल्लों में दीपा सराय, मिया सराय, हिंदूपुरा खेड़ा गांवों में हसनपुर मुंजब्ता, नाहरठेर, नूरियो सराय, सरायतरीन समेत कई गांवों की महिलाओं ने आंदोलन में हिस्सेदारी की है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को समर्थन दिया है।
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जनप्रतिनिधि भी आंदोलन स्थल पर पहुंचे हैं। अब रविवार को अजीत सिंह, शिव कुमार वाल्मीकि, जीत सिंह भारती, वीर सिंह भारती, राधा आदि ने धरना स्थल पर पहुुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
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इस मौके पर महिलाओं ने कहा कि जब तक सीएए वापस नहीं हो जाता है तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। सीएए को महिलाओं ने लोकतंत्र विरोधी करार दिया। इस बीच धरना स्थल के करीब पुलिस और प्रशासन की चौकसी रही। बड़ी संख्या में महिला पुलिस तैनात रही। नखासा थाने की पुलिस भी निगरानी बनाए हुए थी। कितनी भीड़ है और किसने किसने धरने को संबोधित किया है इसकी जानकारी भी अधिकारियों को भेजी गई है।