{"_id":"5e2f47aa8ebc3e4b2a05e27c","slug":"protest-of-woman-on-caa-in-sambhal-sambhal-news-mbd3378007116","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएए और एनआरसी के खिलाफ आंदोलित महिलाओं ने फहराया तिरंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएए और एनआरसी के खिलाफ आंदोलित महिलाओं ने फहराया तिरंगा
विज्ञापन
अनोखा विरोध प्रदर्शन-संभल में चल रहे महिलाओं के विरोध प्रदर्शन में गणतंत्र दिवस पर तीन युवाओं ने
- फोटो : SAMBHAL
संभल। संभल के पक्का बाग स्थित हुसैनी मार्ग पर नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ मुस्लिम महिलाओं का आंदोलन जारी है। धरनास्थल पर ही गणतंत्र दिवस मनाया गया। सांसद ने ध्वजारोहण किया और आंदोलन जारी रहने की बात कही। मालूम हो नागरिकता संशोधन कानून को लेकर संभल में भी महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। यह आंदोलन दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर किया जा रहा है।
इसमें महिलाओं ने अनिश्चित कालीन धरना होने की बात कही है। यह धरना कई दिनों से चल रहा है। गणतंत्र दिवस पर महिलाओं ने ध्वजारोहण में भाग लिया। संभल में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी ध्वजारोहण में महिलाएं इतनी बड़ी तादात में शामिल हुई हैं। सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने ध्वजारोहण किया और कहा कि आजादी के बाद संविधान लागू होने की खुशी मनाई जा रही है। आज यही संविधान खतरे में है।
इस संविधान को बचाने के लिए महिलाएं सड़कों पर आ गई हैं और हम महिलाओं के इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हैं। धरना दे रही महिलाओं ने तिरंगे झंडे लहराए और देश समर्थन में नारेबाजी की। सांसद ने धरना दे रहीं महिलाओं को आश्वासन दिया है कि वे 31 जनवरी को संसद में इस मुद्दे को उठाएंगे और नागरिकता संशोधन कानून वापस लेने की मांग करेंगे। सरकार को महिलाओं का दर्द समझना होगा। सभी महिलाएं अपने मासूम बच्चों के साथ सर्दी के इस मौसम में अनिश्चित कालीन धरने पर बैठी हुई हैं। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
विज्ञापन
कैदी की ड्रेस पहनकर युवाओं ने किया कानून का विरोध
संभल। संभल में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चल रहे महिलाओं के प्रदर्शन में गणतंत्र दिवस पर अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला। तीन युवाओं ने कैदी की ड्रेस पहन कर झांकी निकाली। जिसमें कानून का विरोध करने वाले लोगों को जेल भेजे जाने की बात कही। इन तीनों युवाओं ने पुलिस पर अत्याचार करने का आरोप लगाया और रिहाई की मांग उठाई।
झांकी निकालने वाले युवाओं ने बताया कि जो लोग नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे हैं, उनको जेल भेजा जा रहा है। आजादी के लिए जब लड़ाई लड़ी गई तो तब अंग्रेजों ने इस नीति को अपनाया था। अब मौजूदा सरकार भी अंग्रेजों की तरह आंदोलनकारियों को जेल भेज रही है। इसी क्रम में यह कैदियों की ड्रेस पहनकर और हाथों में हथकड़ी पैरों में बेड़ियां पहन कर विरोध प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
इसमें महिलाओं ने अनिश्चित कालीन धरना होने की बात कही है। यह धरना कई दिनों से चल रहा है। गणतंत्र दिवस पर महिलाओं ने ध्वजारोहण में भाग लिया। संभल में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी ध्वजारोहण में महिलाएं इतनी बड़ी तादात में शामिल हुई हैं। सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने ध्वजारोहण किया और कहा कि आजादी के बाद संविधान लागू होने की खुशी मनाई जा रही है। आज यही संविधान खतरे में है।
विज्ञापन
इस संविधान को बचाने के लिए महिलाएं सड़कों पर आ गई हैं और हम महिलाओं के इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हैं। धरना दे रही महिलाओं ने तिरंगे झंडे लहराए और देश समर्थन में नारेबाजी की। सांसद ने धरना दे रहीं महिलाओं को आश्वासन दिया है कि वे 31 जनवरी को संसद में इस मुद्दे को उठाएंगे और नागरिकता संशोधन कानून वापस लेने की मांग करेंगे। सरकार को महिलाओं का दर्द समझना होगा। सभी महिलाएं अपने मासूम बच्चों के साथ सर्दी के इस मौसम में अनिश्चित कालीन धरने पर बैठी हुई हैं। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
विज्ञापन
कैदी की ड्रेस पहनकर युवाओं ने किया कानून का विरोध
संभल। संभल में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चल रहे महिलाओं के प्रदर्शन में गणतंत्र दिवस पर अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला। तीन युवाओं ने कैदी की ड्रेस पहन कर झांकी निकाली। जिसमें कानून का विरोध करने वाले लोगों को जेल भेजे जाने की बात कही। इन तीनों युवाओं ने पुलिस पर अत्याचार करने का आरोप लगाया और रिहाई की मांग उठाई।
झांकी निकालने वाले युवाओं ने बताया कि जो लोग नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे हैं, उनको जेल भेजा जा रहा है। आजादी के लिए जब लड़ाई लड़ी गई तो तब अंग्रेजों ने इस नीति को अपनाया था। अब मौजूदा सरकार भी अंग्रेजों की तरह आंदोलनकारियों को जेल भेज रही है। इसी क्रम में यह कैदियों की ड्रेस पहनकर और हाथों में हथकड़ी पैरों में बेड़ियां पहन कर विरोध प्रदर्शन किया।