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शौचालयों में हुई धांधली पर कार्रवाई नहीं होने पर भड़के ग्रामीण, प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा
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संभल। पवांसा ब्लॉक परिसर में गांव फत्तेहपुर उत्तमा के ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया है। यह विरोध प्रदर्शन ग्राम प्रधान की धांधली पकड़े जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं करने के चलते किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि शौचालयों के नाम पर धांधली हुई जो जांच में पकड़ी भी गई लेकिन जिम्मेदार कार्रवाई नहीं कर रहे। ग्रामीणों ने कहा है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो मंडलायुक्त कार्यालय पर घेराव किया जाएगा।
शनिवार को ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर सहायक विकास अधिकारी (कृषि) योगेंद्र कुमार शर्मा को जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि जनवरी 2020 में ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी को ग्राम प्रधान के द्वारा बनाए गए शौचालयों की जांच के संबंध में शिकायती पत्र दिया था। जिसकी जांच हुई तो 67 शौचालय कागजों में ही बने हुए मिले। प्राथमिक जांच में 8.04 लाख का गबन पाया गया। जांच टीम ने धांधली की रिपोर्ट विकास खंड कार्यालय को सौंप दी।
इसके बाद जांच ठंडे बस्ते में पड़ गई। अगली कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि जांच रिपोर्ट भेजने के बाद भी अगली कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि शुक्रवार को एक जांच टीम आई थी। शिकायतकर्ता से सादे कागज पर अंगूठा लगवाया जा रहा था। जिसका विरोध किया तो जांच टीम लौट गई। ग्रामीणों ने जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान प्रेमसिंह, साविर, रनवीर सिंह, उदयवीर, सौदान, धर्मपाल, नंदराम, पान सिंह, रिंकू सिंह, गोपीचंद, जगत सिंह, सत्यभान, उरमान, अय्यूब आदि शामिल रहे
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शनिवार को ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर सहायक विकास अधिकारी (कृषि) योगेंद्र कुमार शर्मा को जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि जनवरी 2020 में ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी को ग्राम प्रधान के द्वारा बनाए गए शौचालयों की जांच के संबंध में शिकायती पत्र दिया था। जिसकी जांच हुई तो 67 शौचालय कागजों में ही बने हुए मिले। प्राथमिक जांच में 8.04 लाख का गबन पाया गया। जांच टीम ने धांधली की रिपोर्ट विकास खंड कार्यालय को सौंप दी।
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इसके बाद जांच ठंडे बस्ते में पड़ गई। अगली कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि जांच रिपोर्ट भेजने के बाद भी अगली कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि शुक्रवार को एक जांच टीम आई थी। शिकायतकर्ता से सादे कागज पर अंगूठा लगवाया जा रहा था। जिसका विरोध किया तो जांच टीम लौट गई। ग्रामीणों ने जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान प्रेमसिंह, साविर, रनवीर सिंह, उदयवीर, सौदान, धर्मपाल, नंदराम, पान सिंह, रिंकू सिंह, गोपीचंद, जगत सिंह, सत्यभान, उरमान, अय्यूब आदि शामिल रहे
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