{"_id":"601ae1af8ebc3ed6535c64bf","slug":"protest-of-farmers-in-chandausi-chandausi-news-mbd378335853","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह फरवरी को बदायूं मार्ग पर जाम लगाएंगे समिति के पदाधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह फरवरी को बदायूं मार्ग पर जाम लगाएंगे समिति के पदाधिकारी
विज्ञापन
चंदौसी तहसील गेट पर प्रदर्शन करते किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारी।
- फोटो : CHANDAUSI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंदौसी। किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने तीन कृषि कानूनों के विरोध में तहसील में प्रदर्शन किया। साथ ही कानून के खिलाफ छह फरवरी को तहसील चौराहे पर जाम लगाने की मांग को लेकर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामेश्वर दयाल शर्मा ने कहा कि सरकार कृषि कानूनों को लागू कर किसानों को बर्बाद करने पर आमादा है। सरकार किसानों के आंदोलन को खत्म करना चाहती है। इसे किसान कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। केंद्र सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर देश को बर्बाद करने में तुली हुई है। इसे लेकर भारत का किसान आंदोलन की राह पर निकल पड़ा है।
उन्होंने कहा कि छह फरवरी को कृषि कानूनों को लेकर संगठन के पदाधिकारी तहसील चौराहे पर चंदौसी-बदायूं मार्ग पर जाम लगाएंगे और एक ज्ञापन उच्चाधिकारियों को सौंपा जाएगा। समिति का आंदोलन कृषि कानूनों को वापस होने तक जारी रहेगा। इस अवसर पर डा. मंगल सैन सैनी, देशपाल सिंह, प्रभु दयाल, मुकुट लाल, ओम सिंह, चरन सिंह, झम्मन सिंह, जयपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह, सतीश चंद्र, विनोद, मदन लाल, सुशीला देवी, विमलेश, बालवती, सुशीला, सुमन देवी, रामवीर, सोमपाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामेश्वर दयाल शर्मा ने कहा कि सरकार कृषि कानूनों को लागू कर किसानों को बर्बाद करने पर आमादा है। सरकार किसानों के आंदोलन को खत्म करना चाहती है। इसे किसान कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। केंद्र सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर देश को बर्बाद करने में तुली हुई है। इसे लेकर भारत का किसान आंदोलन की राह पर निकल पड़ा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि छह फरवरी को कृषि कानूनों को लेकर संगठन के पदाधिकारी तहसील चौराहे पर चंदौसी-बदायूं मार्ग पर जाम लगाएंगे और एक ज्ञापन उच्चाधिकारियों को सौंपा जाएगा। समिति का आंदोलन कृषि कानूनों को वापस होने तक जारी रहेगा। इस अवसर पर डा. मंगल सैन सैनी, देशपाल सिंह, प्रभु दयाल, मुकुट लाल, ओम सिंह, चरन सिंह, झम्मन सिंह, जयपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह, सतीश चंद्र, विनोद, मदन लाल, सुशीला देवी, विमलेश, बालवती, सुशीला, सुमन देवी, रामवीर, सोमपाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन