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जिले के सभी बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं ने किया कार्य बहिष्कार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2020 12:54 AM IST
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protest of electricity empoyee in sambhal
संभल के बिजलीघर पर कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठे बिजली कर्मचारी। - फोटो : SAMBHAL
संभल। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा केंद्रीय आह्वान पर ट्रांसमीशन और वितरण खंड के कर्मचारियों और अभियंताओं ने कार्य बहिष्कार किया। प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी अमिनमेंट बिल और निजीकरण के विरोध में कार्य बहिष्कार करने वाले कर्मचारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में तेवर दिखाए। इस आंदोलन से राजस्व वसूली और सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ। फाल्ट भी ठीक नहीं हुए लेकिन जहां पर आपूर्ति चल रही थी वहां आपूर्ति सुचारू बनी रही।
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विद्युत कर्मचारियों ने संभल के मुख्य बिजलीघर पर बुधवार को अपने आंदोलन के तहत सभा आयोजित की। कर्मचारियों ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी एक्ट में संशोधन को वापस लिया जाए और बिजली का निजीकरण पूरी तरह बंद किया जाए। इलेक्ट्रीसिटी एक्ट 2003 की पुनर्समीक्षा के साथ-साथ राज्यों में विघटित कर बनाई गई बिजली कंपनियों का एकीकरण किया जाए।
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इसके साथ ही विद्युत परिषद के विघटन के बाद भर्ती हुए कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन प्रणाली बहाल की जाए। बिजली कर्मचारियों को मिलने वाली रियायती बिजली की सुविधा को बरकरार रखा जाए।
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समान कार्य के लिए समान वेतन देकर ठेकेदारी प्रथा को समाप्त किया जाए। संविदा कर्मियों का स्थायी रूप से नियमितीकरण किया जाए। सभा की अध्यक्षता रनवीर सिंह ने की। संचालन सत्यपाल सिंह ने किया। इस मौके पर वीके गर्ग, यशपाल सिंह, मलखान सिंह, शील कुमार, सुरेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार शुक्ला, हफीजुर्रहमान, अली सज्जाद, तेजपाल सिंह, बाबर अली, नीरज, मुंसफ अली, कुनाल, राकेश, अमजद अली, राजीव सक्सेना आदि रहे।

जिले में 160 से अधिक अभियंताओं और कर्मचारियों ने नहीं किया काम
विद्युत अभियंताओं के संघ की केंद्रीय कमेटी के सदस्य आईपी सिंह ने कहा कि जिले के चार डिवीजनों के अंतर्गत सेवारत 160 से अधिक अभियंताओं और कर्मचारियों ने बुधवार को काम नहीं किया। इससे राजस्व वसूली प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि अगर सरकार निजीकरण की नीति पर पुनर्विचार नहीं करती है तो केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर फिर से आंदोलन होगा।
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