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मानदेय नहीं मिलने पर गरजी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सात महीने का मानदेय नहीं मिला
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संभल में एसडीएम कार्यालय पर मानदेय दिलाए जाने की मांग को लेकर धरना देतीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो
- फोटो : SAMBHAL
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संभल। बकाया मानदेय न मिलने से गुस्साई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उप जिलाधिकारी कार्यालय पर एकत्र हुईं और विरोध प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मानदेय दिए जाने की मांग की है। दरअसल विरोध प्रदर्शन करने पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना था कि होली का पर्व आने को है। मानदेय सात महीने से नहीं दिया गया है। ऐसे में पर्व को कैसे मनाया जाएगा। जाहिर है यदि मानदेय नहीं मिला तो इस बार कार्यकर्ताओं की होली बेरंग हो जाएगी।
मंगलवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन के नेतृत्व में संभल परियोजना में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उप जिलाधिकारी कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए मानदेय दिलाने की मांग की। ज्ञापन में कहा है कि पिछले सात महीने से संभल परियोजना में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मानदेय नहीं दिया गया है। इस दौरान तीज, दशहरा और दीपावली जैसे बड़े पर्व निकल गए। अब होली का पर्व आने को है। लेकिन मानदेय नहीं दिया जा रहा है। यदि मानदेय नहीं मिला तो होली का रंग बेरंग हो जाएगा।
ज्ञापन में कहा है कि 2012 के अप्रैल महीने का मानदेय 500 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नहीं मिला। जो आठ लाख रुपये करीब था। जब भी उसकी मांग की तो विभागीय जिम्मेदारों ने रौब गांठ दिया। कहा कि बनियाखेड़ा बाल विकास परियोजना में कार्यरत 194 कार्यकर्ता व 186 सहायिका का 2013 के जनवरी और फरवरी महीने का मानदेय नहीं दिया गया। जो करीब 17 लाख था। जबकि उस मानदेय को ट्रेजरी से निकाल लिया लेकिन खातों में नहीं पहुंचा। उस मानदेय का गबन किया गया।
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शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं बल्कि धमकियां दी गईं। जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से लगातार काफी काम लिया जा रहा है। मानदेय देने का नाम नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने गबन किए गए मानदेय की जांच करा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। साथ ही सात महीने का मानदेय होली पर्व से पहले दिलाने के लिए कहा। इस दौरान विनीता शर्मा, शशि बाला, जीनत, सुमन, सुधा, प्रतीक्षा, संगीता गुप्ता, स्नेह लता चौधरी आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन के नेतृत्व में संभल परियोजना में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उप जिलाधिकारी कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए मानदेय दिलाने की मांग की। ज्ञापन में कहा है कि पिछले सात महीने से संभल परियोजना में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मानदेय नहीं दिया गया है। इस दौरान तीज, दशहरा और दीपावली जैसे बड़े पर्व निकल गए। अब होली का पर्व आने को है। लेकिन मानदेय नहीं दिया जा रहा है। यदि मानदेय नहीं मिला तो होली का रंग बेरंग हो जाएगा।
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ज्ञापन में कहा है कि 2012 के अप्रैल महीने का मानदेय 500 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नहीं मिला। जो आठ लाख रुपये करीब था। जब भी उसकी मांग की तो विभागीय जिम्मेदारों ने रौब गांठ दिया। कहा कि बनियाखेड़ा बाल विकास परियोजना में कार्यरत 194 कार्यकर्ता व 186 सहायिका का 2013 के जनवरी और फरवरी महीने का मानदेय नहीं दिया गया। जो करीब 17 लाख था। जबकि उस मानदेय को ट्रेजरी से निकाल लिया लेकिन खातों में नहीं पहुंचा। उस मानदेय का गबन किया गया।
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शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं बल्कि धमकियां दी गईं। जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से लगातार काफी काम लिया जा रहा है। मानदेय देने का नाम नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने गबन किए गए मानदेय की जांच करा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। साथ ही सात महीने का मानदेय होली पर्व से पहले दिलाने के लिए कहा। इस दौरान विनीता शर्मा, शशि बाला, जीनत, सुमन, सुधा, प्रतीक्षा, संगीता गुप्ता, स्नेह लता चौधरी आदि मौजूद रहे।