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फिल्म पानीपत सिनेमा घरों में आई तो आंदोलन करेगा जाट समाज
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चंदौसी। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म पानीपत में राजा सूरजमल के किरदार को तोड़ मरोड़कर पेश किए जाने से युवाओं में रोष है। उन्होंने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इस फिल्म को शहर के सिनेमाघर में न चलाए जाने की मांग की है। चलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
एतिहासिक पृष्ठ भूमि पर बनी पानीपत फिल्म को हाल ही में रिलीज किया गया है। इस फिल्म में राजा सूरजमल का भी किरदार है। जिसको शहर के युवाओं ने तोड़ मरोड़कर पेश किए जाने का आरोप लगाया है। मोहल्ला शक्तिनगर निवासी अंकित चौधरी व उनके साथियों का आरोप है कि जब व सोशल मीडिया पर इसकी वीडियो देेख रहे थे तो यह बात सामने आई। भारत के महान योद्धाओं में शामिल राजा सूरजमल के चरित्र को अपमानजनक तरीके से पेश किया गया है। उनके व्यक्तित्व के अनुसार उनको नहीं दर्शाया गया है।
ऐतिहासिक तथ्यों से तोड़ मरोड करके जाट समाज की भावनाओं से खिलवाड़ किया गया है। युवाओं का आरोप है कि हमारे महापुरुषों को अपमानित करके समाज को बांटने की कोशिश की गई है।
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सभी ने उपजिलाधिकारी महेश प्रसाद दीक्षित को ज्ञापन सौंपकर इस फिल्म को शहर के सिनेमाघर में न चलाए जाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर इसे शहर के सिनेमा घर में प्रदर्शित किया गया तो जाट समाज उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
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एतिहासिक पृष्ठ भूमि पर बनी पानीपत फिल्म को हाल ही में रिलीज किया गया है। इस फिल्म में राजा सूरजमल का भी किरदार है। जिसको शहर के युवाओं ने तोड़ मरोड़कर पेश किए जाने का आरोप लगाया है। मोहल्ला शक्तिनगर निवासी अंकित चौधरी व उनके साथियों का आरोप है कि जब व सोशल मीडिया पर इसकी वीडियो देेख रहे थे तो यह बात सामने आई। भारत के महान योद्धाओं में शामिल राजा सूरजमल के चरित्र को अपमानजनक तरीके से पेश किया गया है। उनके व्यक्तित्व के अनुसार उनको नहीं दर्शाया गया है।
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ऐतिहासिक तथ्यों से तोड़ मरोड करके जाट समाज की भावनाओं से खिलवाड़ किया गया है। युवाओं का आरोप है कि हमारे महापुरुषों को अपमानित करके समाज को बांटने की कोशिश की गई है।
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सभी ने उपजिलाधिकारी महेश प्रसाद दीक्षित को ज्ञापन सौंपकर इस फिल्म को शहर के सिनेमाघर में न चलाए जाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर इसे शहर के सिनेमा घर में प्रदर्शित किया गया तो जाट समाज उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।