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Sambhal News: पुलिस का दावा, सांसद बर्क के कहने पर ही रची गई थी बवाल की साजिश
Sun, 06 Apr 2025 01:28 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sun, 06 Apr 2025 01:28 AM IST
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संभल। 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में सांसद जियाउर्रहमान बर्क के करीबियाें की भी भूमिका भी सामने आई है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि जांच में सामने आया है कि 23 नवंबर की रात को बवाल की पूरी साजिश रची गई थी। एसपी का कहना है कि विवेचना चल रही है। जो भी आरोपी प्रकाश में आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी इस मामले में छानबीन कर रही है।
दरअसल सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर आरोप है कि उन्होंने जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट को 23 नवंबर की रात को फोन किया था और कहा था कि भीड़ जुटा लेना और कोर्ट कमीशन का सर्वे नहीं होने देना है। पुलिस का दावा यह भी है कि इसकी जिम्मेदारी सांसद के करीबियों को मिली। करीबियों के फोन से ही रात के समय बातचीत कर साजिश रची गई। पुलिस ने इसका खुलासा जफर अली एडवोकेट की केस डायरी में भी किया है। अब सांसद के करीबियों पर भी शिकंजा कसने जा रहा है। हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। जफर अली एडवोकेट को ही जेल भेजा गया है। एसपी का कहना है कि जामा मस्जिद बवाल की साजिश में जिसका भी नाम प्रकाश में आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कोट
बवाल में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी इस मामले में जांच कर रही है। निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। -कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल
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दरअसल सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर आरोप है कि उन्होंने जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट को 23 नवंबर की रात को फोन किया था और कहा था कि भीड़ जुटा लेना और कोर्ट कमीशन का सर्वे नहीं होने देना है। पुलिस का दावा यह भी है कि इसकी जिम्मेदारी सांसद के करीबियों को मिली। करीबियों के फोन से ही रात के समय बातचीत कर साजिश रची गई। पुलिस ने इसका खुलासा जफर अली एडवोकेट की केस डायरी में भी किया है। अब सांसद के करीबियों पर भी शिकंजा कसने जा रहा है। हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। जफर अली एडवोकेट को ही जेल भेजा गया है। एसपी का कहना है कि जामा मस्जिद बवाल की साजिश में जिसका भी नाम प्रकाश में आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कोट
बवाल में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी इस मामले में जांच कर रही है। निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। -कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल
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