{"_id":"5a1874f24f1c1b60678bd5c2","slug":"parali-jalai-to-hoga-15-hajar-ka-jurmana","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेत में जलाई पराली तो होगा 15 हजार रुपये तक जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेत में जलाई पराली तो होगा 15 हजार रुपये तक जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Sat, 25 Nov 2017 01:09 AM IST
विज्ञापन
चंदौसी के नरौली क्षेत्र में किसानों द्वारा जलाई जा रही पराली।(फाइल फोटो)
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला संभल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेत से धान की फसल निकलने के बाद पराली को जला रहे हैं तो सावधान हो जाइए क्योंकि जिला प्रशासन ने वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए कार्रवाई का निर्णय लिया है। इसके तहत भारी भरकम जुर्माना वसूला जाएगा। कई विभागों के अफसरों की नजर आपके खेतों पर रहेगी। कहीं पराली जलती हुई मिली तो जुर्माने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल वायु प्रदूषण को लेकर गंभीर है। वायु प्रदूषण खेतों में पड़े कूड़े कबाड़ और पराली के जलने से भी होता है। इससे वाकिफ जिला प्रशासन ने अब कार्रवाई के लिए कदम उठाए हैं। हालांकि पराली जलाने पर जुर्माना वसूलने का आदेश लगभग छह महीने पुराना है पर इस सीजन में जनपद में धान की फसल निकलने के बाद जल रही पराली से वायु प्रदूषण ज्यादा हो रहा है।
इसीलिए शुक्रवार को बहजोई में डीएम आनंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में मौजूद एडीएम आरपी यादव, एआरटीओ शेर सिंह, जिला कृषि अधिकारी डा. नरेंद्र प्रताप सिंह आदि की मौजूदगी में कार्ययोजना बनाई गई। डीएम ने पराली जलने के मामलों में कड़ाई से जुर्माना डालने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
कहा कि अफसर क्षेत्र में खेतों पर नजर रखें। कहीं पराली जलती मिले तो जुर्माना डालने की कार्रवाई की जाएगी। अब विभागों के अधिकारी चेकिंग करते हुए निर्देश पर अमल करेंगे।
किसानों को जागरूक भी करेगा प्रशासन
संभल। पराली जलाने से वायु प्रदूषण फैलता है। जिस वजह से सांस लेना भी दूभर हो जाता है। इसके लिए जिला प्रशासन किसानों को जागरूक भी करेगा। किसानों को पराली जलाने पर जुर्माना होने की कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी। बावजूद इसके कोई अमल नहीं हुआ तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पराली जलाने पर कितना होगा जुर्माना
दो एकड़ से कम जमीन पर - 2500 रुपये
दो एकड़ से पांच एकड़ जमीन पर - 5000 रुपये
पांच एकड़ से अधिक जमीन पर - 15000 रुपये
(जिला कृषि अधिकारी के मुतबिक)
वातावरण को सुरक्षित रखने के लिए किसान पराली जलाकर वायु प्रदूषण न करें। जागरूक होकर वातावरण को साफ सुथरा रखने में सहयोग दें। अगर चेकिंग के दौरान किसी खेत में पराली जलती मिली तो नियमानुसार जुर्माना डालकर वसूलने की कार्रवाई की जाएगी।
डा. नरेंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी संभल।
विज्ञापन
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल वायु प्रदूषण को लेकर गंभीर है। वायु प्रदूषण खेतों में पड़े कूड़े कबाड़ और पराली के जलने से भी होता है। इससे वाकिफ जिला प्रशासन ने अब कार्रवाई के लिए कदम उठाए हैं। हालांकि पराली जलाने पर जुर्माना वसूलने का आदेश लगभग छह महीने पुराना है पर इस सीजन में जनपद में धान की फसल निकलने के बाद जल रही पराली से वायु प्रदूषण ज्यादा हो रहा है।
विज्ञापन
इसीलिए शुक्रवार को बहजोई में डीएम आनंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में मौजूद एडीएम आरपी यादव, एआरटीओ शेर सिंह, जिला कृषि अधिकारी डा. नरेंद्र प्रताप सिंह आदि की मौजूदगी में कार्ययोजना बनाई गई। डीएम ने पराली जलने के मामलों में कड़ाई से जुर्माना डालने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
कहा कि अफसर क्षेत्र में खेतों पर नजर रखें। कहीं पराली जलती मिले तो जुर्माना डालने की कार्रवाई की जाएगी। अब विभागों के अधिकारी चेकिंग करते हुए निर्देश पर अमल करेंगे।
किसानों को जागरूक भी करेगा प्रशासन
संभल। पराली जलाने से वायु प्रदूषण फैलता है। जिस वजह से सांस लेना भी दूभर हो जाता है। इसके लिए जिला प्रशासन किसानों को जागरूक भी करेगा। किसानों को पराली जलाने पर जुर्माना होने की कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी। बावजूद इसके कोई अमल नहीं हुआ तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पराली जलाने पर कितना होगा जुर्माना
दो एकड़ से कम जमीन पर - 2500 रुपये
दो एकड़ से पांच एकड़ जमीन पर - 5000 रुपये
पांच एकड़ से अधिक जमीन पर - 15000 रुपये
(जिला कृषि अधिकारी के मुतबिक)
वातावरण को सुरक्षित रखने के लिए किसान पराली जलाकर वायु प्रदूषण न करें। जागरूक होकर वातावरण को साफ सुथरा रखने में सहयोग दें। अगर चेकिंग के दौरान किसी खेत में पराली जलती मिली तो नियमानुसार जुर्माना डालकर वसूलने की कार्रवाई की जाएगी।
डा. नरेंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी संभल।