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Sambhal News: ततारपुर गांव में बुखार का प्रकोप, स्वास्थ्य शिविर न लगने से झोलाछाप की मौज
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असमोली (संभल)।
संभल ब्लॉक क्षेत्र के गांव ततारपुर रोड में बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। गांव में 150 से अधिक मरीज वायरल से पीड़ित हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग का इस ओर ध्यान नहीं है। विभाग की लापरवाही के चलते लोग झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर है। वहीं कुछ लोग शहर में अपना इलाज करा रहे है।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब 15 दिन पहले गांव में स्वास्थ्य शिविर लगा था, लेकिन इसके बाद किसी ने कोई खबर नहीं ली, जिस कारण मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मंगलवार को गांव पहुंचकर बुखार की हकीकत देखी गई, तो कई लोग घर पर ही इलाज कराते नजर आए। गांव निवासी भावना पुत्री धर्मपाल, रंजेश कुमार पुत्र अनिल कुमार को घर पर ही ड्रिप लगाई जा रही थी। परिजनों ने बताया कि कई दिन से बुखार आ रहा है, लेकिन उतर नहीं रहा है। ब्लड चेक कराने को कहा गया। ब्लड चेक कराया तो टाइफाइड, वायरल की पुष्टि हुई। इसके बाद झोलाछाप से उपचार शुरू कराया गया है।
बेहतर नहीं गांव में सफाई व्यवस्था, जहां तहां लगे हैं कूड़े के ढेर
असमोली। गांव में साफ-सफाई की स्थिति भी खराब है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के गंदे पानी की जल निकासी सुचारू न होने की वजह से मच्छरों का लार्वा पनप रहा है। शिकायत के बाद भी जलनिकासी के इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। पिछले कई दिनों से गांव में बड़ी संख्या में लोग बुखार से तप रहे हैं। करीब हर घर में कोई न कोई बुखार से पीड़ित है। इस मामले में सीएचसी प्रभारी डा.मनीष अरोरा ने पूछा गया तो उन्होंने बताया कि बुधवार को गांव में टीम भेजकर शिविर लगाया जाएगा।
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संभल ब्लॉक क्षेत्र के गांव ततारपुर रोड में बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। गांव में 150 से अधिक मरीज वायरल से पीड़ित हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग का इस ओर ध्यान नहीं है। विभाग की लापरवाही के चलते लोग झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर है। वहीं कुछ लोग शहर में अपना इलाज करा रहे है।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब 15 दिन पहले गांव में स्वास्थ्य शिविर लगा था, लेकिन इसके बाद किसी ने कोई खबर नहीं ली, जिस कारण मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मंगलवार को गांव पहुंचकर बुखार की हकीकत देखी गई, तो कई लोग घर पर ही इलाज कराते नजर आए। गांव निवासी भावना पुत्री धर्मपाल, रंजेश कुमार पुत्र अनिल कुमार को घर पर ही ड्रिप लगाई जा रही थी। परिजनों ने बताया कि कई दिन से बुखार आ रहा है, लेकिन उतर नहीं रहा है। ब्लड चेक कराने को कहा गया। ब्लड चेक कराया तो टाइफाइड, वायरल की पुष्टि हुई। इसके बाद झोलाछाप से उपचार शुरू कराया गया है।
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बेहतर नहीं गांव में सफाई व्यवस्था, जहां तहां लगे हैं कूड़े के ढेर
असमोली। गांव में साफ-सफाई की स्थिति भी खराब है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के गंदे पानी की जल निकासी सुचारू न होने की वजह से मच्छरों का लार्वा पनप रहा है। शिकायत के बाद भी जलनिकासी के इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। पिछले कई दिनों से गांव में बड़ी संख्या में लोग बुखार से तप रहे हैं। करीब हर घर में कोई न कोई बुखार से पीड़ित है। इस मामले में सीएचसी प्रभारी डा.मनीष अरोरा ने पूछा गया तो उन्होंने बताया कि बुधवार को गांव में टीम भेजकर शिविर लगाया जाएगा।
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