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रामलीला में कमेटी, कलाकार और दर्शक मिलाकर 200 से ज्यादा लोग हो गए तो होगी कार्रवाई
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संभल। नवरात्र 17 अक्तूबर से शुरू हो जाएंगे। रजपुरा में मंगलवार से रामलीला शुरू हो गई है। संभल में शुक्रवार से रामलीला शुरू होगी। वहीं, सौंधन में कोरोना को देखते हुए अबकी बार रामलीला स्थगित की गई है। रामलीला के आयोजनों के दौरान भीड़भाड़ होने से सामाजिक दूरी टूट सकती है और कोरोना का खतरा बढ़ सकता है। इससे न केवल शासन प्रशासन चिंतित है बल्कि आयोजन समितियां भी सतर्क हैं। इसीलिए प्रशासन के साथ आयोजित बैठकों में कोरोना से बचाव के उपाय सुनिश्चित करने पर सहमति बनी है। रामलीला में कमेटी, कलाकार और दर्शक मिलाकर 200 लोग शामिल हो सकेंगे। सामाजिक दूरी बनाकर दर्शकों को पांडाल में बैठाया जाएगा।
अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार जायसवाल ने मंगलवार कोतवाली में संभल नगर की रामलीला कमेटी के आयोजकों के साथ संवाद किया। लेकिन जब उन्होंने कोरोना की गई गाइडलाइन के उल्लंघन पर कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया तो आयोजन समिति के अध्यक्ष को यह बात अखर गई। तीखी बहस हुई पर बाद में कुछ लोगों ने उन्हें शांत कराया। आयोजन के दौरान कोरोना से बचाव की गाइडलाइन के पालन का निर्णय लिया गया। पुलिस क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि रामलीला के आयोजन की अनुमति सरकार ने दी है लेकिन इसके लिए शर्तें लगाईं हैं। दर्शक आयोजक और कार्यकर्ताओं समेत कुल 200 लोग ही रामलीला में भाग ले सकेंगे। इसमें सभी को कोरोना से बचाव के उपायों के लिए जारी निर्देशों का पालन करना होगा।
अगर किसी तरह का उल्लंघन होता है तो उन लोगों की जवाब देही होगी जिन्होंने कोरोना से बचाव के उपाय करने का भरोसा देकर अनुमति प्राप्त की थी। बताया कि संभल की रामलीला कमेटी ने सार्वजनिक तौर पर होने वाले बड़े आयोजनों से परहेज रखने की जानकारी दी है। अबकी बार संभल में रामबरात और भरत मिलाप की झांकी बड़े पैमाने पर नहीं निकाली जाएगी। रावण कुंभकर्ण, मेघनाथ के पुतलों के दहन का बड़ा कार्यक्रम भी नहीं होगा।
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अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार जायसवाल ने मंगलवार कोतवाली में संभल नगर की रामलीला कमेटी के आयोजकों के साथ संवाद किया। लेकिन जब उन्होंने कोरोना की गई गाइडलाइन के उल्लंघन पर कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया तो आयोजन समिति के अध्यक्ष को यह बात अखर गई। तीखी बहस हुई पर बाद में कुछ लोगों ने उन्हें शांत कराया। आयोजन के दौरान कोरोना से बचाव की गाइडलाइन के पालन का निर्णय लिया गया। पुलिस क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि रामलीला के आयोजन की अनुमति सरकार ने दी है लेकिन इसके लिए शर्तें लगाईं हैं। दर्शक आयोजक और कार्यकर्ताओं समेत कुल 200 लोग ही रामलीला में भाग ले सकेंगे। इसमें सभी को कोरोना से बचाव के उपायों के लिए जारी निर्देशों का पालन करना होगा।
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अगर किसी तरह का उल्लंघन होता है तो उन लोगों की जवाब देही होगी जिन्होंने कोरोना से बचाव के उपाय करने का भरोसा देकर अनुमति प्राप्त की थी। बताया कि संभल की रामलीला कमेटी ने सार्वजनिक तौर पर होने वाले बड़े आयोजनों से परहेज रखने की जानकारी दी है। अबकी बार संभल में रामबरात और भरत मिलाप की झांकी बड़े पैमाने पर नहीं निकाली जाएगी। रावण कुंभकर्ण, मेघनाथ के पुतलों के दहन का बड़ा कार्यक्रम भी नहीं होगा।
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