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Sambhal News: रेक्विफाइड स्प्रिट के मामले में लगे गैंगस्टर एक्ट में एक आरोपी बरी
Sat, 18 Jan 2025 12:24 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sat, 18 Jan 2025 12:24 AM IST
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चंदौसी। न्यायालय ने थाना चंदौसी के वर्ष 2002 के मामले में एक आरोपी को गैंगस्टर एक्ट में दोष मुक्त किया। एक आरोपी की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो चुकी है।
तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अमृत लाल द्वारा 18 सितंबर 2002 को जुबानी प्रथम सूचना थाना चंदौसी में दर्ज कराई। जिसमें उन्होंने बताया कि कस्बा चंदौसी के रहने वाले विपिन चंद्र चतुर्वेदी व मोहल्ला कैथल गेट के सुधीर अवैध शराब (रेक्विफाइड स्प्रिट) की बिक्री करते थे। अवैध मादक पदार्थ की बिक्री के संबंध में 13 सितंबर 2002 को आबकारी विभाग द्वारा आरोपियों के मेडिकल स्टोर व मकान पर छापा मारकर भारी मात्रा में अवैध मादक द्रव्य बरामद किया गया। जिस पर हाथरस का लेबल लगा है।
इस संदर्भ में आबकारी अधिनियम व अन्य धाराओं में एक मुकदमा भी पंजीकृत किया गया। इनका ये कृत्य गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत दंडनीय है। मुकदमे के दौरान आरोपी विपिन चंद्र चतुर्वेदी की मृत्यु हो गई। आरोपी सुधीर के अधिवक्ता तीरथ चतुर्वेदी ने बताया कि सुधीर के विरुद्ध पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करा। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट)/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुई। जहां न्यायालय ने आरोपी सुधीर को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त किया।
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तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अमृत लाल द्वारा 18 सितंबर 2002 को जुबानी प्रथम सूचना थाना चंदौसी में दर्ज कराई। जिसमें उन्होंने बताया कि कस्बा चंदौसी के रहने वाले विपिन चंद्र चतुर्वेदी व मोहल्ला कैथल गेट के सुधीर अवैध शराब (रेक्विफाइड स्प्रिट) की बिक्री करते थे। अवैध मादक पदार्थ की बिक्री के संबंध में 13 सितंबर 2002 को आबकारी विभाग द्वारा आरोपियों के मेडिकल स्टोर व मकान पर छापा मारकर भारी मात्रा में अवैध मादक द्रव्य बरामद किया गया। जिस पर हाथरस का लेबल लगा है।
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इस संदर्भ में आबकारी अधिनियम व अन्य धाराओं में एक मुकदमा भी पंजीकृत किया गया। इनका ये कृत्य गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत दंडनीय है। मुकदमे के दौरान आरोपी विपिन चंद्र चतुर्वेदी की मृत्यु हो गई। आरोपी सुधीर के अधिवक्ता तीरथ चतुर्वेदी ने बताया कि सुधीर के विरुद्ध पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करा। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट)/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुई। जहां न्यायालय ने आरोपी सुधीर को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त किया।
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