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अब अधिवक्ता ने लेखपाल पर लगाया मारपीट का आरोप
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तहसील परिसर में समाधान दिवस के दौरान अधिवक्ता और लेखपाल के बीच हुई नोकझोंक और मारपीट के मामले में रविवार को बार एसोसिएशन के पदाधिकारी पीड़ित अधिवक्ता को लेकर कोतवाली पहुंचे। लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए तहरीर दी है। तहरीर में चेन, दस रुपये लूटने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। पूरे प्रकरण के लिए तहसीलदार गुन्नौर को जिम्मेदार ठहराया है।
शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस के बाद लेखपाल व अधिवक्ताओं में विवाद हो गया था। लेखपाल ने अधिवक्ता के खिलाफ तहरीर दी थी। रविवार को गुन्नौर तहसील के अधिवक्ता भगत सिंह अन्य साथियों के साथ थाने पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी। बताया कि रजपुरा क्षेत्र के दीपपुर सैलाब निवासी काश्तकार की जमीन की विरासत के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन के अनुसार लेखपाल को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी। अधिवक्ता का आरोप है कि लेखपाल ने आख्या लगाने के एवज में पांच हजार रुपये की मांग की। काश्तकार ने असमर्थता जताई, तो उसके साथ अभद्रता की गई। काश्तकार ने लेखपाल को पांच हजार रुपये दे दिए।
अधिवक्ता ने बताया कि जब उनको काश्तकार से पैसे वसूलने की जानकारी मिली तो वह दोपहर दो बजे लेखपाल के पास पहुंचे। उन्होंने काश्तकार से पैसे वसूलने पर नाराजगी जताई। इसके बाद तहसीलदार को पूरे प्रकरण के बारे में बताया। साथ ही पैसे वापस कराने को कहा। शिकायत पर तहसीलदार ने लेखपाल को अपने पास बुलाया और पैसे वापस करने के बजाए आपस में बंटवारे का दबाव बनाया।
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आरोप है कि तहसीलदार के कहने पर ही लेखपाल और उसके अन्य साथियों ने लात घूंसे से अधिवक्ता की पिटाई कर दी। तहरीर में अधिवक्ता ने सोने की चेन और जेब में रखे दसहजार रुपये लूटने का आरोप लगाया है। साथ ही लेखपाल पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अधिवक्ताओं के आरोप बेबुनियाद हैं। झगड़ा होने पर मैंने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया था। इसके बाद भी अधिवक्ताओं ने मेरे चैंबर में ही घेराव किया था। बाद में मुझे मजबूरी में सीओ गुन्नौर को मामले से अवगत कराकर पुलिस बुलानी पड़ी थी।
देवेंद्र मणि त्रिपाठी, तहसीलदार गुन्नौर
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शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस के बाद लेखपाल व अधिवक्ताओं में विवाद हो गया था। लेखपाल ने अधिवक्ता के खिलाफ तहरीर दी थी। रविवार को गुन्नौर तहसील के अधिवक्ता भगत सिंह अन्य साथियों के साथ थाने पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी। बताया कि रजपुरा क्षेत्र के दीपपुर सैलाब निवासी काश्तकार की जमीन की विरासत के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन के अनुसार लेखपाल को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी। अधिवक्ता का आरोप है कि लेखपाल ने आख्या लगाने के एवज में पांच हजार रुपये की मांग की। काश्तकार ने असमर्थता जताई, तो उसके साथ अभद्रता की गई। काश्तकार ने लेखपाल को पांच हजार रुपये दे दिए।
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अधिवक्ता ने बताया कि जब उनको काश्तकार से पैसे वसूलने की जानकारी मिली तो वह दोपहर दो बजे लेखपाल के पास पहुंचे। उन्होंने काश्तकार से पैसे वसूलने पर नाराजगी जताई। इसके बाद तहसीलदार को पूरे प्रकरण के बारे में बताया। साथ ही पैसे वापस कराने को कहा। शिकायत पर तहसीलदार ने लेखपाल को अपने पास बुलाया और पैसे वापस करने के बजाए आपस में बंटवारे का दबाव बनाया।
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आरोप है कि तहसीलदार के कहने पर ही लेखपाल और उसके अन्य साथियों ने लात घूंसे से अधिवक्ता की पिटाई कर दी। तहरीर में अधिवक्ता ने सोने की चेन और जेब में रखे दसहजार रुपये लूटने का आरोप लगाया है। साथ ही लेखपाल पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अधिवक्ताओं के आरोप बेबुनियाद हैं। झगड़ा होने पर मैंने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया था। इसके बाद भी अधिवक्ताओं ने मेरे चैंबर में ही घेराव किया था। बाद में मुझे मजबूरी में सीओ गुन्नौर को मामले से अवगत कराकर पुलिस बुलानी पड़ी थी।
देवेंद्र मणि त्रिपाठी, तहसीलदार गुन्नौर