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कोरोना की जांच कराने पहुंचे प्रत्याशी एजेंटों ने सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी की
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संभल। मतगणना में शामिल होने वाले प्रत्याशियों के एजेंटों ने शनिवार को जमकर सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ाईं। जिलेभर में जहां भी कोरोना की रिपोर्ट कराने के लिए पहुंचे वहां सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया। शनिवार को जिला अस्पताल में काफी संख्या में मतगणना एजेंट बनने वाले लोग अपनी कोरोना की जांच कराने के लिए पहुंच गए। आपाधापी का माहौल ऐसा रहा है कि धक्का मुक्की होती रही। कतार लगवाने और सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए किसी को जिम्मेदारी नहीं मिली।
इसी के चलते मनमानी होती रही। यह हाल जिला अस्पताल संभल के साथ ही चंदौसी, बहजोई, गुन्नौर, रजपुरा, असमोली और पवांसा में भी रहा। इस दौरान संक्रमण फैलने का अंदेशा रहा। काफी लोग ऐसे भी थे जो बिना मास्क के ही भीड़ का हिस्सा थे। ऐसे में यदि कोई संक्रमित हुआ तो हालात खराब होना तय हैं। जबकि जिले में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास एंटीजन किट की संख्या कम है।
सूत्रों के अनुसार एक हजार बताई जा रही है। इसलिए आरटीपीसीआर की जांच के नमूने लिए हैं। इस जांच के नमूने एक साप्ताह के भीतर आएंगे। जबकि जिला प्रशासन ने एंटीजन किट की संख्या कम होने के चलते निर्णय लिया कि पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्रत्याशी के एजेंट को मतगणना स्थल में प्रवेश करा दिया जाएगा। इसके बाद भी लोग अस्पतालों में भीड़ बढ़ाकर संक्रमण बढ़ाने का अंदेशा पैदा करते रहे।
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इसी के चलते मनमानी होती रही। यह हाल जिला अस्पताल संभल के साथ ही चंदौसी, बहजोई, गुन्नौर, रजपुरा, असमोली और पवांसा में भी रहा। इस दौरान संक्रमण फैलने का अंदेशा रहा। काफी लोग ऐसे भी थे जो बिना मास्क के ही भीड़ का हिस्सा थे। ऐसे में यदि कोई संक्रमित हुआ तो हालात खराब होना तय हैं। जबकि जिले में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास एंटीजन किट की संख्या कम है।
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सूत्रों के अनुसार एक हजार बताई जा रही है। इसलिए आरटीपीसीआर की जांच के नमूने लिए हैं। इस जांच के नमूने एक साप्ताह के भीतर आएंगे। जबकि जिला प्रशासन ने एंटीजन किट की संख्या कम होने के चलते निर्णय लिया कि पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्रत्याशी के एजेंट को मतगणना स्थल में प्रवेश करा दिया जाएगा। इसके बाद भी लोग अस्पतालों में भीड़ बढ़ाकर संक्रमण बढ़ाने का अंदेशा पैदा करते रहे।
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