{"_id":"6aac4461601758dd1e09925d","slug":"no-more-rote-learning-children-will-understand-science-through-modern-kits-sambhal-news-c-204-1-chn1001-132827-2026-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: अब रट्टा नहीं... आधुनिक किट से विज्ञान समझेंगे बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: अब रट्टा नहीं... आधुनिक किट से विज्ञान समझेंगे बच्चे
Fri, 18 Sep 2026 01:19 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 18 Sep 2026 01:19 AM IST
विज्ञापन
चंदौसी। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत पीएमश्री विद्यालयों को आधुनिक विज्ञान किट खरीदने के लिए दस हजार रुपये की राशि जारी की जाएगी। इस पहल से बच्चे अब सिर्फ किताबों से रट्टा नहीं मारेंगे, बल्कि प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान के रहस्यों को समझेंगे। यह राशि जिले के करीब 16 पीएमश्री विद्यालयों को मिलेगी, जिससे विज्ञान के कठिन विषयों को समझना आसान होगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस किट की मदद से छात्र विज्ञान के उलझाऊ विषयों को खेल-खेल में आसानी से समझ सकेंगे। कक्षा छह से आठवीं तक के बच्चे इन किटों का उपयोग कर स्वयं प्रयोग करेंगे। इससे विज्ञान के सिद्धांतों को समझना बेहद सरल हो जाएगा। यह नई पहल छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी उपयोगी साबित होगी। शिक्षक भी प्रयोगों पर आधारित गतिविधियों से विज्ञान जैसे गंभीर विषय को प्रभावी ढंग से पढ़ा सकेंगे।
जिला समन्वयक ट्रेनिंग अनुराग मिश्रा ने बताया कि इस विज्ञान किट का मुख्य उद्देश्य बच्चों में विज्ञान विषय के प्रति रुचि बढ़ाना है। इसका लक्ष्य उनकी जिज्ञासा को बढ़ावा देना भी है। इससे छात्रों में हर बात के पीछे का तर्क जानने और वैज्ञानिक नजरिए से समझने की क्षमता विकसित होगी। आधुनिक विज्ञान किट के लिए यह राशि जल्द ही पीएमश्री विद्यालयों को जारी की जाएगी।
विज्ञापन
प्रयोगों से सीखेंगे विज्ञान
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान का उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ना है। विज्ञान किट के माध्यम से वे स्वयं प्रयोग करके अवधारणाओं को समझेंगे। यह रटने की बजाय समझने पर जोर देगा। इससे उनकी सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।
शिक्षकों को भी मिलेगा लाभ
यह पहल केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के लिए भी फायदेमंद है। शिक्षक इन किटों का उपयोग कर अपनी शिक्षण विधियों को और अधिक आकर्षक बना सकेंगे। वे जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को खेल-खेल में समझा पाएंगे। इससे कक्षा में विज्ञान का माहौल अधिक जीवंत और इंटरैक्टिव बनेगा।
विज्ञापन
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस किट की मदद से छात्र विज्ञान के उलझाऊ विषयों को खेल-खेल में आसानी से समझ सकेंगे। कक्षा छह से आठवीं तक के बच्चे इन किटों का उपयोग कर स्वयं प्रयोग करेंगे। इससे विज्ञान के सिद्धांतों को समझना बेहद सरल हो जाएगा। यह नई पहल छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी उपयोगी साबित होगी। शिक्षक भी प्रयोगों पर आधारित गतिविधियों से विज्ञान जैसे गंभीर विषय को प्रभावी ढंग से पढ़ा सकेंगे।
विज्ञापन
जिला समन्वयक ट्रेनिंग अनुराग मिश्रा ने बताया कि इस विज्ञान किट का मुख्य उद्देश्य बच्चों में विज्ञान विषय के प्रति रुचि बढ़ाना है। इसका लक्ष्य उनकी जिज्ञासा को बढ़ावा देना भी है। इससे छात्रों में हर बात के पीछे का तर्क जानने और वैज्ञानिक नजरिए से समझने की क्षमता विकसित होगी। आधुनिक विज्ञान किट के लिए यह राशि जल्द ही पीएमश्री विद्यालयों को जारी की जाएगी।
विज्ञापन
प्रयोगों से सीखेंगे विज्ञान
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान का उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ना है। विज्ञान किट के माध्यम से वे स्वयं प्रयोग करके अवधारणाओं को समझेंगे। यह रटने की बजाय समझने पर जोर देगा। इससे उनकी सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।
शिक्षकों को भी मिलेगा लाभ
यह पहल केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के लिए भी फायदेमंद है। शिक्षक इन किटों का उपयोग कर अपनी शिक्षण विधियों को और अधिक आकर्षक बना सकेंगे। वे जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को खेल-खेल में समझा पाएंगे। इससे कक्षा में विज्ञान का माहौल अधिक जीवंत और इंटरैक्टिव बनेगा।