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करवाचौथ पर कविता ने भी पूरे दिन नहीं ग्रहण किया अन्न
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Thu, 20 Oct 2016 01:24 AM IST
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पति सुधीश कुमार के शहीद हो जाने के बाद कविता के करवाचौथ पर भले ही ग्रहण लग गया हो, लेकिन मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग को लेकर पूरे दिन उन्होंने भी अन्न का एक दाना तक नहीं ग्रहण किया। हालांकि प्रशासनिक अफसरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे िवफल रहे।
शहीद सुधीश कुुमार की शहादत के बद वैसे तो पनसुखा मिलक गांव में ही तीन दिन से गम का माहौल है। लेकिन करवाचौथ पर गांव में सन्नाटे भरा माहौल रहा। महिलाआें ने परंपरानुसार करवाचौथ का व्रत तो रखा लेकिन कहीं खुशी का माहौल नहीं नजर आया। शहीद की पत्नी कविता के करवाचौथ पर तो शहादत ने ग्रहण लगा दिया। लेकिन, वह पूरे दिन बिना अन्न ग्रहण किए रही। हां बीते वर्षों में इस बार अंतर दिखा। हर बार वह पति सुधीश की दीर्घायए व्रत रखती थीं और घर में खुशी का माहौल रहता था।
इस बार भी उन्होंने अन्न तो नहीं ग्रहण किया। लेकिन वे सुधीश की शहादत के बाद भी मुख्यमंत्री अखिलेश्ा यादव के नहीं आने से आहत दिखीं और उन्हें गांव बुलने की मांग को लेकर अन्न्ा त्याग दिया। हालांकि प्रशासन ने कविता को समझाने की कोशिश की कोशिश भी की। लेकिन वे नहीं मानीं।
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शहीद सुधीश कुुमार की शहादत के बद वैसे तो पनसुखा मिलक गांव में ही तीन दिन से गम का माहौल है। लेकिन करवाचौथ पर गांव में सन्नाटे भरा माहौल रहा। महिलाआें ने परंपरानुसार करवाचौथ का व्रत तो रखा लेकिन कहीं खुशी का माहौल नहीं नजर आया। शहीद की पत्नी कविता के करवाचौथ पर तो शहादत ने ग्रहण लगा दिया। लेकिन, वह पूरे दिन बिना अन्न ग्रहण किए रही। हां बीते वर्षों में इस बार अंतर दिखा। हर बार वह पति सुधीश की दीर्घायए व्रत रखती थीं और घर में खुशी का माहौल रहता था।
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इस बार भी उन्होंने अन्न तो नहीं ग्रहण किया। लेकिन वे सुधीश की शहादत के बाद भी मुख्यमंत्री अखिलेश्ा यादव के नहीं आने से आहत दिखीं और उन्हें गांव बुलने की मांग को लेकर अन्न्ा त्याग दिया। हालांकि प्रशासन ने कविता को समझाने की कोशिश की कोशिश भी की। लेकिन वे नहीं मानीं।
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