फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   navratra,prayer

पहले दिन हुई मां शैलपुत्री की आराधना

Sun, 02 Oct 2016 02:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
ब्यूरो/अमर उजाला संभल Updated Sun, 02 Oct 2016 02:26 AM IST
विज्ञापन
शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां भगवती के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई। भोर से ही मां भगवती के दर्शन और पूजन को श्रद्घालुओं की मंदिरों के बाहर लंबी कतारें नजर आईं। 
विज्ञापन


 शारदीय नवरात्र के पहले दिन पूजा अर्चना के लिए शनिवार को घर घर मां भगवती की चौकी स्थापित की गई। विधि विधान से कलश स्थापना के बाद पूजा अर्चना की गई। दिन भर महिलाओं ने समूह में छंद गाकर मैया की महिमा का गुणगान किया। श्रद्घालुओं ने व्रत रखकर दिन भर मां भगवती की उपासना की। हर तरफ भक्ति में डूबे श्रद्घालुओं का नजारा दिखा।
विज्ञापन


महाआरती के बाद मां भगवती को भोग लगाया गया। श्रद्धालुओं ने फलाहार ग्रहण कर व्रत का परायण किया। गुन्नौरमें नवरात्र के पहले दिन में शैलपुत्री माता का पूजन किया गया। दुर्गाजी पहले स्वरूप में शैलपुत्री के नाम से जानी जाती हैं। ये नवदुर्गाओं में प्रथम दुर्गा हैं। जिसमें नवरात्र का व्रत रखने वाले भक्तों की सुबह से ही मंदिरों में भीड़ होने लगी और जय माता दी के जय कारों से मंदिर गूंजने लगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


कस्बा के चामुन्डा मंदिर और दुर्गा मंदिर से लेकर कई माताओं के मंदिर पर काफी भीड़ उमड़ने लगी। बाद में भक्तों ने घर पर जाकर माता की पूजा अर्चना की।ले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरुप शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। शहर के चामुंडा देवी मंदिर पर शनिवार को प्रात: चार बजे से ही भक्त पहुंचने शुरू हो गए। जैसे-जैसे समय बढ़ता गया भक्तों के पहुंचने का सिलसिला बढ़ता गया।

बच्चे, महिलाएं सभी कतारबद्घ होकर मां को घर से लाए धूप, दीप, नैवैद्घ से भोग लगाकर पूजा कर रहे थे। शनिवार को मां दुर्गा के प्रथम स्वरुप शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। वहीं भूड़ इलाके के कैलादेवी मंदिर पर भी बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे।


मंदिर के महंत ऋषिराज गिरि ने बताया कि सुबह से ही भक्त दूर-दूर से मंदिर पर पूजा के लिए आए। और मां को भोग लगाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। भक्तों ने मां के प्रथम स्वरुप की पूजा कर पर्वतों की रक्षा का व्रत लिया। वहीं सौंधन, असमोली, सिंहपुरसानी, पवांसा, खिरनी के देवी मंदिरों में भी पूजा-अर्चना की गई।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed