{"_id":"654be8352485c2593f0b0017","slug":"naveds-family-members-who-were-in-contact-with-terrorists-maintained-silence-sambhal-news-c-204-1-smbd1001-4130-2023-11-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: आतंकियों के संपर्क में रहे नावेद के परिजनों ने साधी चुप्पी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: आतंकियों के संपर्क में रहे नावेद के परिजनों ने साधी चुप्पी
Thu, 09 Nov 2023 01:27 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Thu, 09 Nov 2023 01:27 AM IST
विज्ञापन
चंदौसी (संभल)। आतंकियों के संपर्क में रहे चंदौसी के जाट कॉलोनी निवासी नावेद सिद्दीकी को चार दिन पहले एटीएस उठाकर ले गई। मामले में परिजनों ने चुप्पी साध ली है। बुधवार को नावेद का छोटा भाई हिशाम ने सिर्फ इतना कहा कि एटीएस जांच कर रही है और घर का दरवाजा बंद कर लिया। पड़ोसी महिला ने बताया कि नावेद हमेशा बाहर ही रहता था, घर कभी-कभार ही आता था। क्या करता था, उन्हें जानकारी ही नहीं है।
अलीगढ़ से दो संदिग्ध आतंकी पकड़े जाने के बाद एटीएस की रडार पर एएमयू के कई छात्र रडार पर आए हैं। एटीएस संभल, रामपुर समेत कई जिलों में छापे मार रही है। रविवार को एटीएस आतंकियों के संपर्क में रहे चंदौसी के मोहल्ला जाट कॉलोनी निवासी मोहम्मद नावेद सिद्दीकी पुत्र स्वर्गीय अख्तर मसूद सिद्दीकी और संभल के तीन युवकों को उठाकर ले गई। मामला प्रकाश में आने के बाद नावेद के परिजनों ने चुप्पी साध ली है। परिजन किसी से बात करने के लिए तैयार नहीं है। बुधवार को नावेद के घर उसकी मां नाहिद जमाल और भाई हिशाम थे। नावेद के भाई ने सिर्फ इतना ही कहा कि अभी कोई मुकदमा नहीं हुआ है। एटीएस जांच कर रही है और दरवाजा बंद कर लिया। दोबारा कुछ लोग पहुंचे तो मां ने दरवाजा खोला और मीडिया को घर के बाहर देख तुरंत दरवाजा बंद कर लिया। दिन भर परिवार के लोग घर के अंदर रहे। वहीं परिजनों के मुताबिक नावेद को एटीएस कब उठाकर ले गई, इसकी जानकारी नहीं है। पड़ोसियों के बताने पर ही इस बात का पता चला है।
हमने काफी समय से नहीं देखा नावेद को
पड़ोस की रहने वाली एक महिला ने बताया कि उन्होंने मोहम्मद नावेद को बहुत समय से नहीं देखा है। वह कहां रहता था और क्या काम करता था। हमें इसकी जानकारी नहीं है। एक साल पहले ही उसके पिता का निधन हुआ है। मां उसकी बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापिका है।
विज्ञापन
आसपास अथवा शहर के लोगों के संपर्क में नहीं था नावेद
मोहम्मद नावेद सिद्दीकी अपने पड़ोसी अथवा शहर के लोगों के संपर्क में नहीं था। इस कारण पास पडोस के लोग उसके विषय में ज्यादा कुछ नहीं जानते हैं। परिवार में उसकी मां, छोटा भाई है, जो चंडीगढ़ से बीटैक कर रहा है और द्वितीय वर्ष का छात्र है। चंदौसी में कम रहता था, कभी आता भी था, तो किसी से मुलाकात नहीं करता था। इस कारण पड़ोसी भी उसके विषय में नहीं जानते हैं।
2019 से अलीगढ़ में रहता था नावेद
नावेद ने दसवी की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वर्ष अलीगढ़ के हॉस्टल में रहक 12वीं की पढ़ाई की थी। कोरोना के दौरान कुछ समय के लिए वापस आ गया था, फिर अलीगढ़ जाकर एएमयू में बीएससी में प्रवेश लिया था। वहीं से बीएससी उत्तीर्ण की है। करीब एक माह पहले नावेद रामपुर गया था। वहां से उत्तराखंड के गदरपुर पहुंचकर अपने फुफेरे भाई के साथ मछली पालन का काम कर रहा था और वही रह रहा था।
विज्ञापन
अलीगढ़ से दो संदिग्ध आतंकी पकड़े जाने के बाद एटीएस की रडार पर एएमयू के कई छात्र रडार पर आए हैं। एटीएस संभल, रामपुर समेत कई जिलों में छापे मार रही है। रविवार को एटीएस आतंकियों के संपर्क में रहे चंदौसी के मोहल्ला जाट कॉलोनी निवासी मोहम्मद नावेद सिद्दीकी पुत्र स्वर्गीय अख्तर मसूद सिद्दीकी और संभल के तीन युवकों को उठाकर ले गई। मामला प्रकाश में आने के बाद नावेद के परिजनों ने चुप्पी साध ली है। परिजन किसी से बात करने के लिए तैयार नहीं है। बुधवार को नावेद के घर उसकी मां नाहिद जमाल और भाई हिशाम थे। नावेद के भाई ने सिर्फ इतना ही कहा कि अभी कोई मुकदमा नहीं हुआ है। एटीएस जांच कर रही है और दरवाजा बंद कर लिया। दोबारा कुछ लोग पहुंचे तो मां ने दरवाजा खोला और मीडिया को घर के बाहर देख तुरंत दरवाजा बंद कर लिया। दिन भर परिवार के लोग घर के अंदर रहे। वहीं परिजनों के मुताबिक नावेद को एटीएस कब उठाकर ले गई, इसकी जानकारी नहीं है। पड़ोसियों के बताने पर ही इस बात का पता चला है।
विज्ञापन
हमने काफी समय से नहीं देखा नावेद को
पड़ोस की रहने वाली एक महिला ने बताया कि उन्होंने मोहम्मद नावेद को बहुत समय से नहीं देखा है। वह कहां रहता था और क्या काम करता था। हमें इसकी जानकारी नहीं है। एक साल पहले ही उसके पिता का निधन हुआ है। मां उसकी बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापिका है।
विज्ञापन
आसपास अथवा शहर के लोगों के संपर्क में नहीं था नावेद
मोहम्मद नावेद सिद्दीकी अपने पड़ोसी अथवा शहर के लोगों के संपर्क में नहीं था। इस कारण पास पडोस के लोग उसके विषय में ज्यादा कुछ नहीं जानते हैं। परिवार में उसकी मां, छोटा भाई है, जो चंडीगढ़ से बीटैक कर रहा है और द्वितीय वर्ष का छात्र है। चंदौसी में कम रहता था, कभी आता भी था, तो किसी से मुलाकात नहीं करता था। इस कारण पड़ोसी भी उसके विषय में नहीं जानते हैं।
2019 से अलीगढ़ में रहता था नावेद
नावेद ने दसवी की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वर्ष अलीगढ़ के हॉस्टल में रहक 12वीं की पढ़ाई की थी। कोरोना के दौरान कुछ समय के लिए वापस आ गया था, फिर अलीगढ़ जाकर एएमयू में बीएससी में प्रवेश लिया था। वहीं से बीएससी उत्तीर्ण की है। करीब एक माह पहले नावेद रामपुर गया था। वहां से उत्तराखंड के गदरपुर पहुंचकर अपने फुफेरे भाई के साथ मछली पालन का काम कर रहा था और वही रह रहा था।