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नगलिया काजी का लिंक मार्ग जर्जर
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नगलिया काजी का लिंक मार्ग जर्जर
गुन्नौर (संभल)। बबराला से नगलिया काजी होते हुए गांव मैहुआ जाने वाला साढ़े तीन किलोमीटर लंबा लिंक मार्ग बेहद जर्जर हो चुका है। तीनों को जोड़ने वाले मार्ग से रोजाना 1200 से अधिक लोग गुजरते हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग ने इसको सही नहीं कराया है।
बबराला नगर से गांव नगलिया काजी होते हुए गवां-रजपुरा मार्ग पर गांव मैहुआ तक लिंक मार्ग की दूरी करीब साढ़े किलोमीटर है। पीडब्ल्यूडी ने करीब आठ साल पहले इस मार्ग का निर्माण कराया था। इस लिंक मार्ग से मैहुआ और सिहावली गांव के अलावा आसपास के सैकड़ों लोग रोजाना अपने वाहनों से गुजरते हैं। रजपुरा और गवां क्षेत्र के लोग बबराला जाते हुए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। इसका मुख्य कारण है कि इस मार्ग से बबराला की दूरी साढ़े तीन किलोमीटर है। मुख्य मार्ग से मैहुआ और नूरपूर होते हुए बबराला जाने पर पांच किलोमीटर की अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में बाइक सवार तमाम राहगीरों के अलावा छोटे वाहन इसी मार्ग से जाना पसंद करते हैं। बीते तीन साल में यह लिंक मार्ग की जर्जर हालत में है। नगलिया गांव से लेकर मैहुआ के पास तक करीब दो किलो मीटर की मार्ग बेहद जर्जर हो चुका है। मार्ग की गिट्टी उखड़कर बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं। सड़क की निचली सतह से पत्थर भी दिखने लगे हैं। यहां से पैदल चलना दूभर हो रहा है। ऐसे में बाइक सवारों को खासा दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग निर्माण के बाद से लोक निर्माण विभाग ने कभी भी इस सड़क पर मरम्मत का कार्य नहीं कराया।
निर्माण में घटिया सामग्री के लगे थे आरोप
गुन्नौर। मार्ग निर्माण के समय ही लोगों ने घटिया सामग्री उपयोग करने का आरोप लगाया था, लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान ही नहीं दिया। नतीजतन कुछ ही समय बाद ही मार्ग की बजरी उखड़नी शुरू हो गई थी। आज यह मार्ग पूरी तरह उखड़ चुका है। बड़ी बात ये है कि आज तक लोकनिर्माण विभाग ने इस मार्ग पर पेंचिंग का कार्य कराने की जहमत नहीं उठाई।
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- बोले ग्रामीण
मैं रोजाना इसी मार्ग से बबराला जाता हूं। कई वर्षों से यह सड़क जर्जर है। जगह जगह गड्ढे हैं, लेकिन संबंधित विभाग ने इसको सही नहीं कराया। -ललतेश यादव, मैहुआ
- करीब आठ साल पहले यह मार्ग बना था। निर्माण समय के कुछ महीनों में ही यह उखड़ने लगी। गिट्टियां उखड़कर मिट्टी दिखने लगी है। अब तो इसका पुन: निर्माण होना चाहिए। -रामेश्वर शर्मा, नगरिया काजी
कई बार मैंने अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों से जर्जर मार्ग से निजात दिलाने की मांग की, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। -ब्रजपाल सिंह, मैहुआ
कई वर्षों से ये मार्ग हमारे लिए जंजाल बना हुआ है। सड़क और गड्ढे का पता ही नहीं चलता। गड्ढों से बचने के चक्कर में बाइक सवार कई बार गिरकर चोटिल हो चुके हैं। अगर नया मार्ग न बनें, तो इसी को सही करा दें। बंटी शर्मा, नगलिया काजी
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गुन्नौर (संभल)। बबराला से नगलिया काजी होते हुए गांव मैहुआ जाने वाला साढ़े तीन किलोमीटर लंबा लिंक मार्ग बेहद जर्जर हो चुका है। तीनों को जोड़ने वाले मार्ग से रोजाना 1200 से अधिक लोग गुजरते हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग ने इसको सही नहीं कराया है।
बबराला नगर से गांव नगलिया काजी होते हुए गवां-रजपुरा मार्ग पर गांव मैहुआ तक लिंक मार्ग की दूरी करीब साढ़े किलोमीटर है। पीडब्ल्यूडी ने करीब आठ साल पहले इस मार्ग का निर्माण कराया था। इस लिंक मार्ग से मैहुआ और सिहावली गांव के अलावा आसपास के सैकड़ों लोग रोजाना अपने वाहनों से गुजरते हैं। रजपुरा और गवां क्षेत्र के लोग बबराला जाते हुए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। इसका मुख्य कारण है कि इस मार्ग से बबराला की दूरी साढ़े तीन किलोमीटर है। मुख्य मार्ग से मैहुआ और नूरपूर होते हुए बबराला जाने पर पांच किलोमीटर की अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में बाइक सवार तमाम राहगीरों के अलावा छोटे वाहन इसी मार्ग से जाना पसंद करते हैं। बीते तीन साल में यह लिंक मार्ग की जर्जर हालत में है। नगलिया गांव से लेकर मैहुआ के पास तक करीब दो किलो मीटर की मार्ग बेहद जर्जर हो चुका है। मार्ग की गिट्टी उखड़कर बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं। सड़क की निचली सतह से पत्थर भी दिखने लगे हैं। यहां से पैदल चलना दूभर हो रहा है। ऐसे में बाइक सवारों को खासा दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग निर्माण के बाद से लोक निर्माण विभाग ने कभी भी इस सड़क पर मरम्मत का कार्य नहीं कराया।
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निर्माण में घटिया सामग्री के लगे थे आरोप
गुन्नौर। मार्ग निर्माण के समय ही लोगों ने घटिया सामग्री उपयोग करने का आरोप लगाया था, लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान ही नहीं दिया। नतीजतन कुछ ही समय बाद ही मार्ग की बजरी उखड़नी शुरू हो गई थी। आज यह मार्ग पूरी तरह उखड़ चुका है। बड़ी बात ये है कि आज तक लोकनिर्माण विभाग ने इस मार्ग पर पेंचिंग का कार्य कराने की जहमत नहीं उठाई।
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- बोले ग्रामीण
मैं रोजाना इसी मार्ग से बबराला जाता हूं। कई वर्षों से यह सड़क जर्जर है। जगह जगह गड्ढे हैं, लेकिन संबंधित विभाग ने इसको सही नहीं कराया। -ललतेश यादव, मैहुआ
- करीब आठ साल पहले यह मार्ग बना था। निर्माण समय के कुछ महीनों में ही यह उखड़ने लगी। गिट्टियां उखड़कर मिट्टी दिखने लगी है। अब तो इसका पुन: निर्माण होना चाहिए। -रामेश्वर शर्मा, नगरिया काजी
कई बार मैंने अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों से जर्जर मार्ग से निजात दिलाने की मांग की, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। -ब्रजपाल सिंह, मैहुआ
कई वर्षों से ये मार्ग हमारे लिए जंजाल बना हुआ है। सड़क और गड्ढे का पता ही नहीं चलता। गड्ढों से बचने के चक्कर में बाइक सवार कई बार गिरकर चोटिल हो चुके हैं। अगर नया मार्ग न बनें, तो इसी को सही करा दें। बंटी शर्मा, नगलिया काजी