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अमेरिका के खिलाफ सड़क पर उतरे मुस्लिम
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Sat, 16 Dec 2017 01:53 AM IST
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संभल में आयोजित जलसे को संबोधित करते मौलाना मोहम्मद मियां।
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला संभल
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येरुशलम को इस्राइल की राजधानी बनाए जाने के अमेरिका के फैसले को लेकर संभल के मुसलमानों में भी गुस्सा है। जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम वर्ग के लोग सड़कों पर उतरे। अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी की। मियां सराय में एकत्र हुए मुसलमानों ने शहर की सड़कों पर आक्रोश का प्रदर्शन करते हुए संभल नगर पालिका परिषद में एक बड़ी सभा की।
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद मुसलमानों ने जुलूस निकाला और नगर पालिका मैदान में एक बड़ी सभा का आयोजन किया गया। इसमें उलमाओं ने कहा कि फलस्तीन नबियों की सरजमीं है। मुसलमानों की आस्था व भावनाएं फलस्तीन से जुड़ी हैं। फलस्तीन का हिस्सा येरुशलम को इस्राइल की राजधानी बनाए जाने का अमेरिका के राष्ट्रपति का एलान भड़काने वाला है। वक्ताओं ने कहा कि इस्राइल आतंकवादी देश है। उसने निहत्थे फलस्तीनियों को निशाना बनाया है।
मौलाना मुहम्मद मियां कासमी ने अमेरिका के फैसले का पुरजोर विरोध किया। सभा में डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने अमेरिका के फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम एक हो जाएं। इस मामले में मुसलमानों की भावनाओं को ध्यान में रख कर केंद्र सरकार एक प्रस्ताव पारित करे और अमेरिका को अवगत कराए। मौलाना मोहम्मद मुकीम, चौधरी शरफ अली खां, सय्यद असलम, परवेज आलम, हाफिज मिस्बाहुन्नबी, नवाब इनामुर्रहमान, ममलूकुर्रहमान बर्क, मौलाना बिलाल कासमी, मौलाना यासीन, मौलाना रिजवान, डा. हिफ्जुर्रहमान परवेज, चौधरी मुशीर खां, चौधरी अशरफ अली, परवेज आलम ने भी विचार रखे।
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अंत में फलस्तीन की हिमायत, अमेरिका और इस्राइल के विरोध पर आधारित राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम राशिद अली खां को सौंपा गया। इस दौरान मा. आकिल, मौलाना आरिफ, मौलाना रेहान फलाही, मौलाना अनस नदवी, जीशान, बदर हुसैन, हाफिज साजिद, जिया अशरफ, इफ्तेखार अली, अतहर उल्ला खां, हाफिज वसीम आदि का सहयोग रहा। तिलावत कारी सलमान ने की। अध्यक्षता मौलाना अब्दुल मुईद तथा संचालन मौलाना मुहम्मद कासिम ने किया।
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शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद मुसलमानों ने जुलूस निकाला और नगर पालिका मैदान में एक बड़ी सभा का आयोजन किया गया। इसमें उलमाओं ने कहा कि फलस्तीन नबियों की सरजमीं है। मुसलमानों की आस्था व भावनाएं फलस्तीन से जुड़ी हैं। फलस्तीन का हिस्सा येरुशलम को इस्राइल की राजधानी बनाए जाने का अमेरिका के राष्ट्रपति का एलान भड़काने वाला है। वक्ताओं ने कहा कि इस्राइल आतंकवादी देश है। उसने निहत्थे फलस्तीनियों को निशाना बनाया है।
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मौलाना मुहम्मद मियां कासमी ने अमेरिका के फैसले का पुरजोर विरोध किया। सभा में डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने अमेरिका के फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम एक हो जाएं। इस मामले में मुसलमानों की भावनाओं को ध्यान में रख कर केंद्र सरकार एक प्रस्ताव पारित करे और अमेरिका को अवगत कराए। मौलाना मोहम्मद मुकीम, चौधरी शरफ अली खां, सय्यद असलम, परवेज आलम, हाफिज मिस्बाहुन्नबी, नवाब इनामुर्रहमान, ममलूकुर्रहमान बर्क, मौलाना बिलाल कासमी, मौलाना यासीन, मौलाना रिजवान, डा. हिफ्जुर्रहमान परवेज, चौधरी मुशीर खां, चौधरी अशरफ अली, परवेज आलम ने भी विचार रखे।
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अंत में फलस्तीन की हिमायत, अमेरिका और इस्राइल के विरोध पर आधारित राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम राशिद अली खां को सौंपा गया। इस दौरान मा. आकिल, मौलाना आरिफ, मौलाना रेहान फलाही, मौलाना अनस नदवी, जीशान, बदर हुसैन, हाफिज साजिद, जिया अशरफ, इफ्तेखार अली, अतहर उल्ला खां, हाफिज वसीम आदि का सहयोग रहा। तिलावत कारी सलमान ने की। अध्यक्षता मौलाना अब्दुल मुईद तथा संचालन मौलाना मुहम्मद कासिम ने किया।