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असमोली-सिरसी मार्ग पर 4 किलोमीटर तक फैली कीचड़ और मिट्टी, मुश्किल में सफर
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संभल। बेमौसम बारिश से सड़कों पर कीचड़ के साथ मिट्टी फैलने से फिसलन हो गई है। बाइक सवार लोग गिरकर हादसे का शिकार हो रहे हैं। असमोली से सिरसी को जोड़ने वाले लिंक मार्ग की हालत बेहद खस्ता है। हालात ऐसे हैं कि सड़क पर बाइक से तो छोड़िए पैदल चलना खतरे से खाली नहीं है।
असमोली से सिरसी के बीच बिलालपत गांव तक चार किलोमीटर का मार्ग ऐसा है कि पहचान मुश्किल है। सड़क में गड्ढे या फिर गड्ढों में सड़क, कुछ पता ही नहीं चलता। इस सबके बीच दो दिन बारिश हुई। असमोली में चीनी मिल चल रहा है तो ऐसे में मिट्टी और मैली से स्थिति यह हो गई है कि पता ही नहीं चल रहा कि सड़क कहां हैं। सड़क पर फिसलन है। बाइक से चलना तो दूर, पैदल चलना मुश्किल है। अधिकांश लोग गिरकर चोटिल हो जा रहे हैं। सड़क पर हर रोज करीब एक हजार बाइकें और पांच से सात सौ छोटे वाहन गुजरते होंगे।
बाइक सवार नूर हसन ने कहा कि बड़ी मुश्किल से चार किलोमीटर का सफर तय किया है। कई स्थान पर बाइक फिसलती चली गई। बमुश्किल इसे संभाला। नरेंद्र पाल ने कहा कि असमोली हर रोज आना जाना लगा रहता है तो इसी सड़क का प्रयोग करना पड़ता है। हर समय हादसे का डर लगा रहता है।
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असमोली से सिरसी के बीच बिलालपत गांव तक चार किलोमीटर का मार्ग ऐसा है कि पहचान मुश्किल है। सड़क में गड्ढे या फिर गड्ढों में सड़क, कुछ पता ही नहीं चलता। इस सबके बीच दो दिन बारिश हुई। असमोली में चीनी मिल चल रहा है तो ऐसे में मिट्टी और मैली से स्थिति यह हो गई है कि पता ही नहीं चल रहा कि सड़क कहां हैं। सड़क पर फिसलन है। बाइक से चलना तो दूर, पैदल चलना मुश्किल है। अधिकांश लोग गिरकर चोटिल हो जा रहे हैं। सड़क पर हर रोज करीब एक हजार बाइकें और पांच से सात सौ छोटे वाहन गुजरते होंगे।
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बाइक सवार नूर हसन ने कहा कि बड़ी मुश्किल से चार किलोमीटर का सफर तय किया है। कई स्थान पर बाइक फिसलती चली गई। बमुश्किल इसे संभाला। नरेंद्र पाल ने कहा कि असमोली हर रोज आना जाना लगा रहता है तो इसी सड़क का प्रयोग करना पड़ता है। हर समय हादसे का डर लगा रहता है।
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