{"_id":"58223a314f1c1bf77eb39458","slug":"modi-ko-tamam-ne-saraha-kuchh-bhadke","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोदी को तमाम ने सराहा, कुछ भड़के भी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोदी को तमाम ने सराहा, कुछ भड़के भी
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Wed, 09 Nov 2016 02:18 AM IST
विज्ञापन
एटीएम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैंककर्मियों और अधिकारियों के देर रात तक मोबाइल फोन खनखनाते रहे। हर तरफ राहत और आफत के बारे में विस्तार से चर्चा हुई।
किसी ने निर्णय को सराहा तो किसी ने अलोकतांत्रिक निर्णय करार दिया। व्यापारियों, सरकारी नौकरी पेशा समेत हर वर्ग के लोगों की राय भी अलग अलग नजर आईं। मोदी के निर्णय की एक खास बात रही कि आम लोगों ने जमकर सराहना की।
कुछ बुद्घिजीवियों ने यहां तक कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा किसी और में गरीबों और देश के हित के लिए इतना बड़ा निर्णय लेने की क्षमता नहीं थी। हालांकि पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद होने के साथ-साथ पांच सौ रुपये का नया नोट और दो हजार रुपये नोट को जल्द जारी करने की खबर ने लेनदेन में परेशानी महसूस करने वालों को राहत दी है।
तय समय में नोट लेने से इनकार किया तो कार्रवाई
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद से तमाम स्थानों पर बड़े नोटों को नहीं लिया जा रहा है। इससे आम जनता को दिक्कत आ रही हैं। ऐसे में प्रशासन कह चुका है कि यदि निर्धारित समय से पहले बड़े नोटों को अस्वीकार किया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री ने 11 नंबर तक नोटों को स्वीकार करने की अवधि दी है। लेकिन उससे पहले ही कई जगहों पर नोट नहीं लिया जा रहा है। एडीएम आरपी यादव ने कहा कि निर्धातिर तिथि से पूर्व यदि कोई बड़े नोट लेने से इनकार करता है तो प्रशासन से उसकी शिकायत करें। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि इस निर्धारित सीमा में अपने लेनदेन को रजिस्टर में लिखें। लेकिन नोट अस्वीकार नहीं कर सकेंगे।
विज्ञापन
किसी ने निर्णय को सराहा तो किसी ने अलोकतांत्रिक निर्णय करार दिया। व्यापारियों, सरकारी नौकरी पेशा समेत हर वर्ग के लोगों की राय भी अलग अलग नजर आईं। मोदी के निर्णय की एक खास बात रही कि आम लोगों ने जमकर सराहना की।
कुछ बुद्घिजीवियों ने यहां तक कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा किसी और में गरीबों और देश के हित के लिए इतना बड़ा निर्णय लेने की क्षमता नहीं थी। हालांकि पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद होने के साथ-साथ पांच सौ रुपये का नया नोट और दो हजार रुपये नोट को जल्द जारी करने की खबर ने लेनदेन में परेशानी महसूस करने वालों को राहत दी है।
विज्ञापन
तय समय में नोट लेने से इनकार किया तो कार्रवाई
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद से तमाम स्थानों पर बड़े नोटों को नहीं लिया जा रहा है। इससे आम जनता को दिक्कत आ रही हैं। ऐसे में प्रशासन कह चुका है कि यदि निर्धारित समय से पहले बड़े नोटों को अस्वीकार किया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री ने 11 नंबर तक नोटों को स्वीकार करने की अवधि दी है। लेकिन उससे पहले ही कई जगहों पर नोट नहीं लिया जा रहा है। एडीएम आरपी यादव ने कहा कि निर्धातिर तिथि से पूर्व यदि कोई बड़े नोट लेने से इनकार करता है तो प्रशासन से उसकी शिकायत करें। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि इस निर्धारित सीमा में अपने लेनदेन को रजिस्टर में लिखें। लेकिन नोट अस्वीकार नहीं कर सकेंगे।