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गन्ने के सट्टे में कोई त्रुटि रह गई है तो शीघ्र ही सुपरवाइजर से मिलकर करा लें ठीक
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संभल। गन्ना सट्टे में यदि कोई त्रुटि रह गई है तो गन्ना सुपरवाइजर से मिलकर शीघ्र ही ठीक करा लें। 16 सितंबर से तीस सितंबर तक तो सर्वे सट्टा संशोधन मेला चला, उसमें प्राप्त शिकायतों की जांच हो रही है। वास्तविक सट्टे में शीघ्र ही संशोधन की प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी। उसके बाद ही प्री-कैलेंडर वेबसाइट पर अपलोड होंगे। यह बातें किसान गोष्ठी में किसानों से जिला गन्ना अधिकारी कुलदीप सिंह ने कहीं।
असमोली चीनी मिल के परिसर में शनिवार को कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। मानसून/अक्तूबर गन्ना बुवाई, लाल सड़न रोग के प्रति जागरूक किया गया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने किसानों को गन्ना बीज छटाई, बीज उपचार, भूमि उपचार आदि के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि लाल सड़न रोग एक भयंकर बीमारी है। गन्ने के खेत में लगने के बाद इस बीमारी को रोकना कठिन है। इससे बचाव के लिए कुछ न कुछ क्षेत्रफल में दूसरी प्रजाति का कम से कम कुल गन्ना क्षेत्रफल का दसवां भाग रखना अति आवश्यक है।
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मिल के उपाध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि इस बार चीनी मिल प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक क्विंटल गन्ने की पेराई करेगी। इससे किसानों का गन्ना समय से आपूर्ति हो सकेगा और गन्ना मूल्य भुगतान भी प्राप्त हो सकेगा। वरिष्ठ प्रधान प्रबंधक आजाद सिंह ने भी किसानों को लाल सड़न रोग से बचाव के उपाय बताए। इस दौरान बनवारी लाल, कामता प्रसाद, सुभाष कुमार, एमए खान, संजीव कुमार, सुरेंद्र सिंह पाल, उदयभान सिंह, पंकज कुमार, अत्यंत त्यागी आदि रहे।
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असमोली चीनी मिल के परिसर में शनिवार को कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। मानसून/अक्तूबर गन्ना बुवाई, लाल सड़न रोग के प्रति जागरूक किया गया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने किसानों को गन्ना बीज छटाई, बीज उपचार, भूमि उपचार आदि के बारे में जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि लाल सड़न रोग एक भयंकर बीमारी है। गन्ने के खेत में लगने के बाद इस बीमारी को रोकना कठिन है। इससे बचाव के लिए कुछ न कुछ क्षेत्रफल में दूसरी प्रजाति का कम से कम कुल गन्ना क्षेत्रफल का दसवां भाग रखना अति आवश्यक है।
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मिल के उपाध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि इस बार चीनी मिल प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक क्विंटल गन्ने की पेराई करेगी। इससे किसानों का गन्ना समय से आपूर्ति हो सकेगा और गन्ना मूल्य भुगतान भी प्राप्त हो सकेगा। वरिष्ठ प्रधान प्रबंधक आजाद सिंह ने भी किसानों को लाल सड़न रोग से बचाव के उपाय बताए। इस दौरान बनवारी लाल, कामता प्रसाद, सुभाष कुमार, एमए खान, संजीव कुमार, सुरेंद्र सिंह पाल, उदयभान सिंह, पंकज कुमार, अत्यंत त्यागी आदि रहे।