‘उसे’ जेल भिजवाया फिर मिलाई को पहुंचीं लक्ष्मी
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मुकुल अग्रवाल का दावा है कि विधायक से जेलर के कक्ष में करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई। हालांकि विधायक बातचीत से इनकार कर रही हैं। विधायक लक्ष्मी गौतम और मुकुल अग्रवाल अक्सर चर्चा में आ जाते हैं।
कभी एक दूसरे के साथ दिखने वाले विधायक लक्ष्मी गौतम और मुकुल अग्रवाल के रिश्ते अब एक दूसरे के साथ कड़वाहट से चर्चा में हैं। शुक्रवार को कोतवाली पुलिस ने विधायक लक्ष्मी गौतम की शिकायत पर मुकुल अग्रवाल को गिरफ्तार कर उप जिला मजिस्ट्रेट चंदौसी के न्यायालय में पेश किया।
उप जिला मजिस्ट्रेट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुकुल अग्रवाल की जमानत खारिज कर दी। इसके बाद शुक्रवार को मुकुल अग्रवाल को जेल भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार शनिवार को शाम करीब चार बजे विधायक लक्ष्मी गौतम मुरादाबाद जेल पहुंची।
जेलर के कक्ष में विधायक लक्ष्मी गौतम और मुकुल में करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई। मुकुल अग्रवाल का दावा है कि जेल में मिलने पहुंची विधायक ने उनसे हमदर्दी जताई। गुस्से में जेल भिजवाने की बात भी स्वीकारी है। हालांकि विधायक मुकुल अग्रवाल से मिलने जाने की बात से इनकार कर रहीं हैं।
मैं जेल में हर वर्ष बंदियों को कंबल वितरित करती हूं, एक सोलर लाइट भी वहां लगवानी है, इसी सिलसिले में जेलर से बातचीत करने शनिवार को जिला कारागार गई थी। अचानक मुकुल अग्रवाल ने मुझे देखकर नमस्ते की। मैंने नमस्ते लेकर हालचाल पूछ लिया। लेकिन हमारी कोई बातचीत नहीं हुई।
- लक्ष्मी गौतम, विधायक चंदौसी, समाजवादी पार्टी।
मैंने उन्हें देखकर कोई नमस्ते नहीं की। वह खुद मुझसे मिलने आईं थीं। जेलर के कक्ष में मुझे बुलाया गया। विधायक लक्ष्मी गौतम ने करीब आधा घंटे तक मुझसे बातचीत की। मुझसे कहा कि गुस्सा आ गया था। इसलिए जेल भिजवा दिया। अब कोई बात नहीं है।
- मुकुल अग्रवाल, पूर्व नगर अध्यक्ष, मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड चंदौसी।